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घर के दरवाजे में फंसा मगरमच्छ, अटकी सांसें
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दो घंटे की मशक्कत के बाद वन विभाग की टीम ने पकड़कर गंगा में छोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। क्षेत्र के गांव फतेहपुर प्रेम में घर के दरवाजे में मगरमच्छ फंस गया। परिवार के लोगों ने देखा तो उनकी सांसें अटक गईं। वन विभाग और पुलिस की टीम ने मगरमच्छ को काबू किया और ट्रॉली से गंगा में छोड़ा गया।
गांव से करीब एक किलोमीटर दूरी गंगा नदी है। हरिपुर जाने वाले मार्ग पर बाबा बूटा सिंह अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। सोमवार को दीपावली के चलते परिवार के लोग देर रात तक जाग रहे थे। करीब 11:30 बजे मगरमच्छ विचरण करता हुआ उनके मुख्य दरवाजे के नीचे फंस गया। शोर सुनकर बाबा बूटा सिंह मुख्य द्वार पर पहुंचे तो उनके होश उड़ गए। दौड़ते हुए घर के अंदर गए और सभी दरवाजे बंद कर लिए। उन्होंने ग्रामीणों की मदद से वन विभाग की टीम और पुलिस को सूचना दी। लोगों ने परिवार के छह सदस्यों को छत के रास्ते मकान से बाहर निकाला। आधा घंटा बाद वन विभाग के रेंजर नवरत्न सिंह, डिप्टी रेंजर रोबिन कुमार, मनोज के साथ दर्जनभर कर्मचारियों की टीम और पुलिस मौके पर पहुंची। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद मगरमच्छ को रेस्क्यू किया गया।
पहली बार आबादी क्षेत्र में पहुंचा मगरमच्छ
लोगों ने बताया कि उनका गांव गंगा के तट पर है, लेकिन आज तक मगरमच्छ या एक जलीय जीव गांव में नहीं आया। यह पहला मामला है। रेंजर नवरत्न सिंह ने बताया कि मगरमच्छ रात के समय पानी से बाहर आ जाते हैं, रास्ता भटकने के कारण वह गांव में पहुंच गया होगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। क्षेत्र के गांव फतेहपुर प्रेम में घर के दरवाजे में मगरमच्छ फंस गया। परिवार के लोगों ने देखा तो उनकी सांसें अटक गईं। वन विभाग और पुलिस की टीम ने मगरमच्छ को काबू किया और ट्रॉली से गंगा में छोड़ा गया।
गांव से करीब एक किलोमीटर दूरी गंगा नदी है। हरिपुर जाने वाले मार्ग पर बाबा बूटा सिंह अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। सोमवार को दीपावली के चलते परिवार के लोग देर रात तक जाग रहे थे। करीब 11:30 बजे मगरमच्छ विचरण करता हुआ उनके मुख्य दरवाजे के नीचे फंस गया। शोर सुनकर बाबा बूटा सिंह मुख्य द्वार पर पहुंचे तो उनके होश उड़ गए। दौड़ते हुए घर के अंदर गए और सभी दरवाजे बंद कर लिए। उन्होंने ग्रामीणों की मदद से वन विभाग की टीम और पुलिस को सूचना दी। लोगों ने परिवार के छह सदस्यों को छत के रास्ते मकान से बाहर निकाला। आधा घंटा बाद वन विभाग के रेंजर नवरत्न सिंह, डिप्टी रेंजर रोबिन कुमार, मनोज के साथ दर्जनभर कर्मचारियों की टीम और पुलिस मौके पर पहुंची। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद मगरमच्छ को रेस्क्यू किया गया।
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पहली बार आबादी क्षेत्र में पहुंचा मगरमच्छ
लोगों ने बताया कि उनका गांव गंगा के तट पर है, लेकिन आज तक मगरमच्छ या एक जलीय जीव गांव में नहीं आया। यह पहला मामला है। रेंजर नवरत्न सिंह ने बताया कि मगरमच्छ रात के समय पानी से बाहर आ जाते हैं, रास्ता भटकने के कारण वह गांव में पहुंच गया होगा।
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