खुलासा: देवर के साथ मिलकर पति को मार डाला, पेट्रोल डालकर लगाई आग
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नरेंद्र की हत्या मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पत्नी ने देवर के साथ मिलकर पहले पति की हत्या की और फिर पहचान मिटाने के लिए पेट्रोल डालकर आग लगा दी। जानिए पूरा मामला...
मामला यूपी के बागपत जिले का है। छपरौली के शबगा गांव में नरेंद्र की हत्या पिटाई से तंग आकर उसकी पत्नी और भाई ने ही गला दबाकर की थी। हत्या करने के बाद शव को गांव के जंगल में ले गए और पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। पुलिस ने पत्नी और भाई को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया।
एसपी जयप्रकाश ने पत्रकारों को बताया कि छह मार्च को शबगा गांव के जंगल में ओढ़ापुर मार्ग पर जली हुई युवक की लाश मिली। शिनाख्त न होने पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस द्वारा मृतक की शिनाख्त के लिए प्रयास करने पर पता चला कि शबगा गांव से नरेंद्र बैरागी पुत्र स्वर्गीय विजयपाल कई दिन से दिखाई नहीं दे रहा है। इस पर उसके भाई अनुज और हरेंद्र को बुलाकर शव की शिनाख्त कराई तो उन्होंने पहचान कर बताया कि यह शव उसके भाई नरेंद्र बैरागी का ही है। इसके बाद छपरौली थाने पर धारा 302 और 201 में मुकदमा दर्ज किया।
पुलिस विवेचना में पता चला मृतक नरेंद्र शराबी किस्म का व्यक्ति था। वह अपनी पत्नी के साथ आए दिन झगड़ा करता रहता था। पांच मार्च की शाम को भी नरेंद्र का अपनी पत्नी से झगड़ा हुआ। इससे सबसे छोटे भाई प्रवीण ने शांत कराया। पुलिस ने मृतक की पत्नी पूजा और भाई प्रवीण को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने उसकी हत्या करना स्वीकार कर दिया।
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उन्होंने पुलिस को बताया कि नरेंद्र आए दिन शराब पीकर पूजा से झगड़ा करता था। उसने अपने हिस्से की एक बीघा जमीन भी बेच दी। पांच मार्च की देर रात वह शराब पीकर पत्नी पूजा को पीट रहा था। इसी दौरान भाई प्रवीण वहां पहुंच गया। पत्नी पूजा ने उसके हाथ पकड़ लिए और भाई प्रवीण ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। दोनों रात में ही शव को कार में डालकर गांव के जंगल में ले गए और ओढ़ापुर मार्ग पर नाले के किनारे झाड़ी में शव की पहचान छिपाने के लिए पेट्रोल डालकर आग लगा दी और घर वापस आ गए। पुलिस ने दोनों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त कार व पेट्रोल की केन बरामद की। दोनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा।
किसान विजयपाल के चार बेटों में मृतक नरेंद्र सबसे बड़ा था। दूसरे नंबर का हरेंद्र, उससे छोटा अनुज और प्रवीण सबसे छोटा है। हरेंद्र परिवार सहित दिल्ली और अनुज अपने परिवार के साथ नोएडा में रहता है। आरोपी प्रवीण मृतक नरेंद्र के पास ही रहता था और गाड़ी बुकिंग पर चलाने का काम करता है।
भाभी की पिटाई से था आहत
हत्यारोपी भाई प्रवीण ने बताया कि उसका बड़ा भाई नरेंद्र हर रोज शराब पीकर भाभी की पिटाई करता था। भाभी की पिटाई से वह बहुत आहत होता था। पांच मार्च को भी वह भाभी को बेरहमी से पीट रहा था। इसके बाद उसे इतना गुस्सा आया कि उसने भाई का गला दबा दिया।
दो घंटे तक लाश के पास बैठे रहे भाभी और देवर
भाई नरेंद्र की हत्या करने के बाद प्रवीण और उसकी भाभी दो घंटे तक ही लाश के पास बैठे रहे। उन्होंने लाश की ठिकाने की योजना बनाई। इसके बाद दोनों शव को कार में डालकर रात के अंधेरे में जंगल में ले गए और पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी और चुपचाप अपने घर आ गए। छह मार्च को शव मिलने की सूचना उन्हें मिल गई, लेकिन दोनों शिनाख्त करने तक नहीं पहुंचे और न ही ग्रामीणों को बताया कि नरेंद्र लापता है।
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