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ट्रांसपोर्टर की लाश कार में मिली, हत्या का अंदेशा
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Wed, 13 Jul 2016 01:47 AM IST
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पल्लवपुरम में मिली ट्रांसपोर्टर की लाश
- फोटो : अमर उजाला
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पल्लवपुरम में मंगलवार सुबह एक ट्रांसपोर्टर की स्विफ्ट कार में लाश मिलने से सनसनी फैल गई। परिजनों ने सुसाइड नोट की लिखावट को ट्रांसपोर्टर की मानने से इंकार किया। उनका आरोप है कि ट्रांसपोर्टर की हत्या हुई है।
गांव ढिकौली, बागपत निवासी सुमेरपाल ढाका उर्फ पप्पू (35) पुत्र सोहनवीर सिंह कंकरखेड़ा की वैष्णो धाम कॉलोनी में रहता था। पप्पू ट्रांसपोर्टर और रोड़ी डस्ट की भी सप्लाई करता है। सोमवार दोपहर वह घर से गायब था। जिसका शव मंगलवार सुबह करीब 11 बजे पल्लवपुरम फेस दो की टी पॉकेट में मकान के सामने उसी की स्विफ्ट कार यूपी15 एन 4926 में पड़ा मिला। कार में से बदबू उठ रही थी। चाट, नमकीन, शराब की बोतल, डायरी और पर्स पड़ा था। भाजपा मंडल महामंत्री विक्रांत ढाका ने शव की शिनाख्त करते हुए पप्पू के परिजनों को सूचना दी। दोपहर करीब एक बजे पप्पू का भाई बबली और साला रवि मौके पर पहुंचे।
पत्नी की हो चुकी मौत
पप्पू की शादी करीब आठ साल पहले हुई थी। छह साल का बेटा देव है। उसकी पत्नी की मौत तीन माह पहले गई थी। तब से वह परेशान रहता था। पत्नी की मौत के बाद देव अपने मामा के पास रहता है।
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मेरा अंतिम संस्कार गांव में करना
फोरेंसिक टीम को जांच में एक डायरी मिली। जिसके पहले पेज पर पप्पू ने लिख था कि मेरा अंतिम संस्कार मेरे गांव में होना चाहिए। मेरा नंबर यह है और यह मेरे साले का नंबर है। इसके बाद हस्ताक्षर कर रखे थे।
‘पत्नी याद आती है’
‘मैं सोनू (पत्नी) की याद में परेशान हूं। उसकी याद मुझे बहुत आती है। जहां वो चली गई है, अब मैं भी वहीं जा रहा हूॅ। सोनू के बिना मेरा मन नहीं लगता है। सोनू की वजह से ही मैं दूर जा रहा है, अब मैं उसके पास जा रहा हूं। मेरा बेटा मेरे भाई के साथ रहे या फिर उसके मामा के साथ रहे, उसका खर्च राजीव ही उठाएगा’। यह बात उसने सुसाइड नोट में लिख रखी थी।
दोनों भाई रोडवेज में चालक
पप्पू का भाई राजीव और बबली डीटीसी में चालक हैं। राजीव के अनुसार पप्पू ने डिप्रेशन वाली बात नहीं बताई। वह ठीक से बात कर रहा था। वह चाहता था तो घर पर ही आत्महत्या कर सकता था। फिर वहां जाकर कार में ऐसा क्यों किया।
पुलिस हत्या और आत्महत्या में उलझी
घटना स्थल पर जब पुलिस पहुंची तो उसे देखकर पुलिस को भी हत्या ही लग रही थी। फोरेसिक टीम ने जब जब सुसाइड नोट दिखाया तो पुलिस इसे आत्महत्या मानने लगी। हालांकि हालात देखकर पुलिस हत्या और आत्म हत्या में उलझ गई। पुलिस कह रही है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सब साफ हो जाएगा। यह भी हैरानी वाली बात रही कि घर और एलआईसी ऑफिस के सामने भी 14 घंटे बाद कार में लाश होने का पता चला।
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गांव ढिकौली, बागपत निवासी सुमेरपाल ढाका उर्फ पप्पू (35) पुत्र सोहनवीर सिंह कंकरखेड़ा की वैष्णो धाम कॉलोनी में रहता था। पप्पू ट्रांसपोर्टर और रोड़ी डस्ट की भी सप्लाई करता है। सोमवार दोपहर वह घर से गायब था। जिसका शव मंगलवार सुबह करीब 11 बजे पल्लवपुरम फेस दो की टी पॉकेट में मकान के सामने उसी की स्विफ्ट कार यूपी15 एन 4926 में पड़ा मिला। कार में से बदबू उठ रही थी। चाट, नमकीन, शराब की बोतल, डायरी और पर्स पड़ा था। भाजपा मंडल महामंत्री विक्रांत ढाका ने शव की शिनाख्त करते हुए पप्पू के परिजनों को सूचना दी। दोपहर करीब एक बजे पप्पू का भाई बबली और साला रवि मौके पर पहुंचे।
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पत्नी की हो चुकी मौत
पप्पू की शादी करीब आठ साल पहले हुई थी। छह साल का बेटा देव है। उसकी पत्नी की मौत तीन माह पहले गई थी। तब से वह परेशान रहता था। पत्नी की मौत के बाद देव अपने मामा के पास रहता है।
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मेरा अंतिम संस्कार गांव में करना
फोरेंसिक टीम को जांच में एक डायरी मिली। जिसके पहले पेज पर पप्पू ने लिख था कि मेरा अंतिम संस्कार मेरे गांव में होना चाहिए। मेरा नंबर यह है और यह मेरे साले का नंबर है। इसके बाद हस्ताक्षर कर रखे थे।
‘पत्नी याद आती है’
‘मैं सोनू (पत्नी) की याद में परेशान हूं। उसकी याद मुझे बहुत आती है। जहां वो चली गई है, अब मैं भी वहीं जा रहा हूॅ। सोनू के बिना मेरा मन नहीं लगता है। सोनू की वजह से ही मैं दूर जा रहा है, अब मैं उसके पास जा रहा हूं। मेरा बेटा मेरे भाई के साथ रहे या फिर उसके मामा के साथ रहे, उसका खर्च राजीव ही उठाएगा’। यह बात उसने सुसाइड नोट में लिख रखी थी।
दोनों भाई रोडवेज में चालक
पप्पू का भाई राजीव और बबली डीटीसी में चालक हैं। राजीव के अनुसार पप्पू ने डिप्रेशन वाली बात नहीं बताई। वह ठीक से बात कर रहा था। वह चाहता था तो घर पर ही आत्महत्या कर सकता था। फिर वहां जाकर कार में ऐसा क्यों किया।
पुलिस हत्या और आत्महत्या में उलझी
घटना स्थल पर जब पुलिस पहुंची तो उसे देखकर पुलिस को भी हत्या ही लग रही थी। फोरेसिक टीम ने जब जब सुसाइड नोट दिखाया तो पुलिस इसे आत्महत्या मानने लगी। हालांकि हालात देखकर पुलिस हत्या और आत्म हत्या में उलझ गई। पुलिस कह रही है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सब साफ हो जाएगा। यह भी हैरानी वाली बात रही कि घर और एलआईसी ऑफिस के सामने भी 14 घंटे बाद कार में लाश होने का पता चला।