जिसकी गोद में खेला, उसने ही ले ली मासूम की जान
सीओ सरधना बृजेश कुमार के मुताबिक आरोपी सुमन ने बताया कि जेठानी बबली के घर से जाते ही वह चुपके से सूर्य को उठाकर ले आयी। सूर्य भी हंसता हुआ अपनी चाची के साथ उसके घर आ गया। इससे पहले कोई आ जाता कि सुमन ने सूर्य का गला दबा दिया। सूर्य की चीख भी निकली, लेकिन चाची का दिल नहीं पसीजा। मौत के घाट उतारने केे बाद सुमन ने मासूम का शव चारपाई के नीचे मच्छरदानी में लपेटकर रख दिया।
जब मासूम को ग्रामीण तलाश रहे थे तो सुमन बार-बार अपने घर से बाहर आकर देखती थी। वह मौका मिलने पर शव को ठिकाने लगाने की फिराक में थी, लेकिन उससे पहले ग्रामीणों को उस पर शक हो गया। ग्रामीणों ने बताया कि सुमन अक्सर कहती थी कि जेठानी के दो बेटे और एक बेटी है। भगवान ने उसको सिर्फ एक बेटी दी है। वह जेठानी के एक बच्चे को मार देगी। लेकिन वह ऐसा वास्तव में कर देगी, यह बात ग्रामीणों ने सोची भी नहीं थी।
लिपटकर रोई बबली
सूर्य का शव मिलने की जानकारी पर बबली दौड़ती हुई अपने देवर के घर पहुंची। बबली के पीछे-पीछे उसकी बेटी तपित (9) और बेटा आर्यन (7) भी वहां पहुंचे। दोनों बच्चों से लिपटकर रोती बबली बेहोश हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि सुमन ने 15 दिन पहले खुद जहर खाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया था। एसपी देहात डॉ. प्रवीन रंजन ने बताया कि महिला मानसिक संतुलन खो चुकी थी। उसे सोमवार को जेल भेजा जाएगा। नरेश ईंट भट्ठे पर काम करता है।