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शिव मंदिर परिसर में मूर्तियां तोड़ीं, सांप्रदायिक तनाव
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 12 May 2016 02:07 AM IST
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खरखौदा के ग्राम बधौली में तोड़ी गयी मूर्ति के हुआ सांप्रदायिक बवाल
- फोटो : अमर उजाला
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क्षेत्र के बधौली गांव में अज्ञात लोगों ने शिव मंदिर परिसर में दो मूर्तियां और दीवार को क्षतिग्रस्त कर दिया। बुधवार सुबह इसका पता चलने पर ग्रामीणों को रोष फैल गया। सैकड़ों लोगों और हिंदू संगठन कार्यकर्ताओं ने दूसरे समुदाय के एक युवक को पीटते हुए घरों पर हमला बोलने की कोशिश की।
पुलिस अफसरों ने किसी तरह उन्हें रोकते हुए मंदिर में नई मूर्ति लगवाई। सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस और पीएसी तैनात की गई है। प्रधान ने अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
गांव में पूर्व दिशा की ओर तालाब किनारे करीब प्राचीन शिव मंदिर परिसर में ग्रामीणों ने गुरु गोरखनाथ और बाबा जहारवीर के मंदिर का भी निर्माण कराया था। बुधवार सुबह गांव की महिलाएं वहां पूजा करने पहुंचीं तो गुरु गोरखनाथ और बाबा जहारवीर की मूर्तियां टूटीं मिलीं।
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मंदिर की एक दीवार भी क्षतिग्रस्त मिली। मूर्तियां टूटने की खबर आग की तरह फैल गई। गांव बधौली, छतरी, खड़खड़ी, खासपुर, खरखौदा सहित कई गांवों के सैकड़ों लोगों के अलावा भाजपा और हिंदू संगठनों से सतबीर त्यागी, रामनिवास त्यागी, अमित त्यागी, फिरेराम गुर्जर, डॉ. संजय प्रजापति, राजेश्वर छतरी, अशोक पोसवाल, ओमपाल सिंह गुर्जर, इंद्रमुनि त्यागी आदि पहुंच गए। फोर्स लेकर पहुंचे सीओ किठौर रितेश कुमार ने मामले की जानकारी ली।
पिटाई को लेकर फैला सांप्रदायिक तनाव
इस बीच मंदिर परिसर में दूसरे समुदाय के तीन युवक पहुंचे तो हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने उन्हें दौड़ा लिया। दो युवक तो भाग गए लेकिन तीसरे को भीड़ ने दबोचकर धुन दिया। सीओ और पुलिसकर्मियों ने किसी तरह उसे भीड़ से छुड़ाया।
इसकी सूचना जब गांव के दूसरे समुदाय को लगी तो दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति पैदा हो गयी। सीओ के सामने ही भीड़ दूसरे समुदाय के घरों पर हमला बोलने के लिए उग्र हुई, लेकिन पुलिस और कुछ ग्रामीणों ने उन्हें शांत किया।
मसला सुलझाने में जुटे अफसर
सीओ की सूचना पर एसडीएम सदर दिव्या मित्तल, तहसीलदार रमेश चंद यादव पीएसी के साथ गांव में पहुंचे। अफसरों ने जब पूछा कि समस्या का कैसे हल निकलेगा तो ग्रामीणों ने नई मूर्तियां लगवाने की मांग कर दी।
इस पर अफसरों ने गुरु गोरखनाथ की नई मूर्ति लगाने और बाबा जहारवीर की मूर्ति रिपेयर कराने की बात कही। काफी हंगामे के बाद ग्रामीण सहमत हो गए। दोपहर करीब एक बजे हापुड़ से गुरु गोरखनाथ की मूर्ति मंगवाकर प्राण प्रतिष्ठा कराई गई। उसके बाद ही मामला शांत हो पाया।
पहले ही हुआ था विवाद
ग्रामीणों ने बताया कि करीब 15 दिन पहले दूसरे समुदाय के युवकों को मंदिर परिसर में क्रिकेट खेलने से मना किया गया था तो उन्होंने विरोध के चलते मंदिर के चारों तरफ पौधे उखाड़ दिए थे। मंदिर परिसर से बियर की तीन बोतलें भी टूटी हुईं मिलीं। जिसके बाद दूसरे समुदाय के युवकों पर मूर्ति तोड़ने का आरोप लगाया गया।
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पुलिस अफसरों ने किसी तरह उन्हें रोकते हुए मंदिर में नई मूर्ति लगवाई। सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस और पीएसी तैनात की गई है। प्रधान ने अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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गांव में पूर्व दिशा की ओर तालाब किनारे करीब प्राचीन शिव मंदिर परिसर में ग्रामीणों ने गुरु गोरखनाथ और बाबा जहारवीर के मंदिर का भी निर्माण कराया था। बुधवार सुबह गांव की महिलाएं वहां पूजा करने पहुंचीं तो गुरु गोरखनाथ और बाबा जहारवीर की मूर्तियां टूटीं मिलीं।
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मंदिर की एक दीवार भी क्षतिग्रस्त मिली। मूर्तियां टूटने की खबर आग की तरह फैल गई। गांव बधौली, छतरी, खड़खड़ी, खासपुर, खरखौदा सहित कई गांवों के सैकड़ों लोगों के अलावा भाजपा और हिंदू संगठनों से सतबीर त्यागी, रामनिवास त्यागी, अमित त्यागी, फिरेराम गुर्जर, डॉ. संजय प्रजापति, राजेश्वर छतरी, अशोक पोसवाल, ओमपाल सिंह गुर्जर, इंद्रमुनि त्यागी आदि पहुंच गए। फोर्स लेकर पहुंचे सीओ किठौर रितेश कुमार ने मामले की जानकारी ली।
पिटाई को लेकर फैला सांप्रदायिक तनाव
इस बीच मंदिर परिसर में दूसरे समुदाय के तीन युवक पहुंचे तो हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने उन्हें दौड़ा लिया। दो युवक तो भाग गए लेकिन तीसरे को भीड़ ने दबोचकर धुन दिया। सीओ और पुलिसकर्मियों ने किसी तरह उसे भीड़ से छुड़ाया।
इसकी सूचना जब गांव के दूसरे समुदाय को लगी तो दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति पैदा हो गयी। सीओ के सामने ही भीड़ दूसरे समुदाय के घरों पर हमला बोलने के लिए उग्र हुई, लेकिन पुलिस और कुछ ग्रामीणों ने उन्हें शांत किया।
मसला सुलझाने में जुटे अफसर
सीओ की सूचना पर एसडीएम सदर दिव्या मित्तल, तहसीलदार रमेश चंद यादव पीएसी के साथ गांव में पहुंचे। अफसरों ने जब पूछा कि समस्या का कैसे हल निकलेगा तो ग्रामीणों ने नई मूर्तियां लगवाने की मांग कर दी।
इस पर अफसरों ने गुरु गोरखनाथ की नई मूर्ति लगाने और बाबा जहारवीर की मूर्ति रिपेयर कराने की बात कही। काफी हंगामे के बाद ग्रामीण सहमत हो गए। दोपहर करीब एक बजे हापुड़ से गुरु गोरखनाथ की मूर्ति मंगवाकर प्राण प्रतिष्ठा कराई गई। उसके बाद ही मामला शांत हो पाया।
पहले ही हुआ था विवाद
ग्रामीणों ने बताया कि करीब 15 दिन पहले दूसरे समुदाय के युवकों को मंदिर परिसर में क्रिकेट खेलने से मना किया गया था तो उन्होंने विरोध के चलते मंदिर के चारों तरफ पौधे उखाड़ दिए थे। मंदिर परिसर से बियर की तीन बोतलें भी टूटी हुईं मिलीं। जिसके बाद दूसरे समुदाय के युवकों पर मूर्ति तोड़ने का आरोप लगाया गया।