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रेड लाइट एरिया में फंसी कई प्रदेशों की लड़कियां
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Sun, 04 Sep 2016 01:51 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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रेड लाइट एरिया में फंसी 30 नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराने के लिए पुलिस प्लानिंग कर रही है। पुलिस का दावा है कि मुक्त कराई 13 लड़कियों ने कई महत्वपूर्ण जानकारी दी है। यहां फंसी लड़कियां अधिकतर बंगलूरू, कोलकाता, चेन्नई और राजस्थान की बताई गई हैं।
दिल्ली की शक्ति वाहिनी संस्था और मेरठ ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने बृहस्पतिवार को रेड लाइट एरिया में छापा मारा था। जहां से 13 लड़कियों को मुक्त कराया गया। 13 लड़कियों को कहां भेजा जाएगा, इसका अभी निर्णय नहीं हुआ। ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट प्रभारी रश्मि चौधरी ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया चल रही है। लड़कियों को कोर्ट के समक्ष पेश किया गया था। कुछ लड़कियों का मेडिकल होना अभी बाकी है।
उन्होंने बताया कि लड़कियों ने पूछताछ में बताया कि रेड लाइट एरिया में करीब 30 ऐसी नाबालिग लड़कियां हैं, जोकि वहां से निकलना चाहती हैं। लड़कियां कहां है, इसकी जानकारी भी उनको है। जिसके चलते ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और सीओ कोतवाली ने लड़कियों को मुक्त करने की प्लानिंग बनाई। पुलिस का कहना है कि गुपचुप तरीके से जल्द ही छापेमारी की जाएगी।
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साहब! मुझे अलग रखो
मुक्त कराई गई बंगलूरू की एक लड़की ने अन्य लड़कियों से अलग रहने की मांग की है। उसने कहा कि वह तो रेड लाइट एरिया से निकलना चाहती थी। कई बार उसने प्रयास भी किया, लेकिन कोठा संचालिका ने उसे जाने नहीं दिया। पुलिस के मुताबिक उक्त लड़की को एक राजू नाम के युवक ने पहले पत्नी बनाकर रखा और उसके बाद दिल्ली में जीबी रोड पर लाकर बेच दिया। जहां से उसको मेरठ लाया गया।
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दिल्ली की शक्ति वाहिनी संस्था और मेरठ ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने बृहस्पतिवार को रेड लाइट एरिया में छापा मारा था। जहां से 13 लड़कियों को मुक्त कराया गया। 13 लड़कियों को कहां भेजा जाएगा, इसका अभी निर्णय नहीं हुआ। ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट प्रभारी रश्मि चौधरी ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया चल रही है। लड़कियों को कोर्ट के समक्ष पेश किया गया था। कुछ लड़कियों का मेडिकल होना अभी बाकी है।
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उन्होंने बताया कि लड़कियों ने पूछताछ में बताया कि रेड लाइट एरिया में करीब 30 ऐसी नाबालिग लड़कियां हैं, जोकि वहां से निकलना चाहती हैं। लड़कियां कहां है, इसकी जानकारी भी उनको है। जिसके चलते ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और सीओ कोतवाली ने लड़कियों को मुक्त करने की प्लानिंग बनाई। पुलिस का कहना है कि गुपचुप तरीके से जल्द ही छापेमारी की जाएगी।
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मुक्त कराई गई बंगलूरू की एक लड़की ने अन्य लड़कियों से अलग रहने की मांग की है। उसने कहा कि वह तो रेड लाइट एरिया से निकलना चाहती थी। कई बार उसने प्रयास भी किया, लेकिन कोठा संचालिका ने उसे जाने नहीं दिया। पुलिस के मुताबिक उक्त लड़की को एक राजू नाम के युवक ने पहले पत्नी बनाकर रखा और उसके बाद दिल्ली में जीबी रोड पर लाकर बेच दिया। जहां से उसको मेरठ लाया गया।