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प्रशांत की हत्या में नामजदों को बचाने में जुटी पुलिस
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Sun, 03 Jul 2016 02:15 AM IST
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प्रशांत हत्या में फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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ऑल इज वेल होटल के बाहर हुई छात्रनेता प्रशांत चौधरी उर्फ रोबिन की हत्या में पुलिस अब नामजद आरोपियों को बचाते हुए नजर आ रही है। चार दिन से आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस की दोनों टीमें खाली हाथ हैं। पुलिस की जांच पूरी तरह से नामजदों के बजाय आशू यादव की ओर घूम रही है। उधर, मृतक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस एक नेता के इशारे पर काम कर रही है।
जागृति विहार सेक्टर-3 निवासी छात्रनेता प्रशांत उर्फ रोबिन चौधरी (26) की बुधवार रात को ऑल इज वेल होटल के बाहर गोली बरसाकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के चाचा ने समाजवादी छात्रसभा के नेता पंकज प्रधान, मयंक स्याल और टिल्लु पंडित समेत दो- तीन अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। घटना के वक्त मेडिकल थाने के सिपाही नरेश यादव की भी वहां मौजूदगी बताई जा रही है।
एसएसपी जे. रविन्दर गौड़ ने सिपाही के खिलाफ जांच के निर्देश दिए हैं। परिजनों का कहना है कि हत्या के दूसरे दिन ही पुलिस ने कहानी बदलनी शुरू कर दी। पुलिस पर होटल के कैमरे की सीसीटीवी फुटेज गायब करने का आरोप है। एसपी सिटी ओपी सिंह और सीओ सिविल लाइन बीएस वीर कुमार दावा कर रहे है कि प्रशांत की हत्या आशू यादव ने पिस्टल से की है। घटना के वक्त जागृति विहार में अमन हॉस्पिटल प्रकरण में गैंगरेप प्रकरण में जेल से छूटा आरोपी अमित उर्फ मरिन्डा की भी मौजूदगी बताई गई।
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उधर, परिजनों का आरोप है कि पुलिस एक नेता के दबाव में पंकज प्रधान, मयंक स्याल और टिल्लू पंडित को बचाने की कोशिश करते हुए आशू यादव को निशाने पर ले रही है। पुलिस आशू यादव को जल्द से जल्द गिरफ्तार क रना चाहती है ताकि किसी भी तरह खुलासे का दबाव कम हो जाए। चार दिन से पुलिस जांच और क्राइम सीन में ही उलझकर बयानबाजी कर रही है। इस मामले में जो लोग पुलिस हिरासत में हैं, वह नामजद तीनों आरोपियों के नहीं बल्कि आशू यादव और अमित उर्फ मरिन्डा के बताए गए हैं।
प्रशांत की थी मौके से मिली पिस्टल?
मेरठ। एसपी सिटी ओपी सिंह दावा कर रहे हैं कि मौके से एक . 32 बोर की पिस्टल मिली थी। हिरासत में लिए गए लोगों के अनुसार जानकारी मिली है कि प्रशांत उर्फ रोबिन भी अवैध पिस्टल रखता था। प्रशांत के शव से करीब चार या पांच कदम दूर मिली यह पिस्टल प्रशांत की ही बताई गई है। पुलिस अफसर दावा कर रहे हैं कि कृष्णा प्लाजा से पंकज प्रधान अपने साथियों के साथ प्रशांत को होटल में लेकर पहुंचा, जहां प्रशांत का आशू यादव से विवाद हुआ। बाहर निकलते ही प्रशांत ने अपनी पिस्टल निकाली और आशू पर गोली चला दी। गोली आशू की बाजू में कोहनी के पास लगने की बात कही जा रही है। इसके बाद आशू ने प्रशांत पर झपट्टा मारा तो प्रशांत की पिस्टल गिर पड़ी। लिहाजा आशू ने अपनी पिस्टल से प्रशांत से जान का खतरा देखते हुए उसकी गोली मारकर हत्या कर दी।
दो फीट दूरी से मारी पहली गोली
शनिवार को सीओ सिविल लाइन और एसओ मेडिकल ने फिर से प्रशांत की हत्या की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पढ़ी। पीएम रिपोर्ट के मुताबिक प्रशांत को पहली गोली माथे के पास करीब दो फीट की दूरी से मारी गई है, जो आंख के पास जा लगी। उसके बाद प्रशांत जमीन पर गिर पड़ा तो चार- पांच फीट की दूरी से कंधे के पास गोली मारी गई। एक गोली पेट में मारी गई जो कमर में फंस गई थी।
एसओ के दावे पर सवाल
एसओ मेडिकल रविंद्र वशिष्ठ ने बताया कि सिपाही नरेश यादव बुधवार की रात घटना के दौरान एक अन्य सिपाही के साथ घटनास्थल से करीब आधा किमी दूर मिमहेंस हॉस्पिटल वाले कट पर चेकिंग कर रहा था। सिपाही के सादा कपड़ों में चेकिंग करना एसओ को खुद ही सवालों के घेरे में खड़ा कर रहा है।
कहीं गायब तो नहीं कर दी फुटेज
घटनास्थल के पास कई स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, लेकिन पुलिस का दावा है कि होटल के अंदर का कैमरा खराब था। आसपास के कैमरों में भी तकनीकी खामियां थी। उधर, विवि के छात्र और परिजनों में चर्चा है कि पुलिस ने जानबूझकर फु टेज गायब कर दी है।
जागृति विहार सेक्टर-3 निवासी छात्रनेता प्रशांत उर्फ रोबिन चौधरी (26) की बुधवार रात को ऑल इज वेल होटल के बाहर गोली बरसाकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के चाचा ने समाजवादी छात्रसभा के नेता पंकज प्रधान, मयंक स्याल और टिल्लु पंडित समेत दो- तीन अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। घटना के वक्त मेडिकल थाने के सिपाही नरेश यादव की भी वहां मौजूदगी बताई जा रही है।
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एसएसपी जे. रविन्दर गौड़ ने सिपाही के खिलाफ जांच के निर्देश दिए हैं। परिजनों का कहना है कि हत्या के दूसरे दिन ही पुलिस ने कहानी बदलनी शुरू कर दी। पुलिस पर होटल के कैमरे की सीसीटीवी फुटेज गायब करने का आरोप है। एसपी सिटी ओपी सिंह और सीओ सिविल लाइन बीएस वीर कुमार दावा कर रहे है कि प्रशांत की हत्या आशू यादव ने पिस्टल से की है। घटना के वक्त जागृति विहार में अमन हॉस्पिटल प्रकरण में गैंगरेप प्रकरण में जेल से छूटा आरोपी अमित उर्फ मरिन्डा की भी मौजूदगी बताई गई।
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उधर, परिजनों का आरोप है कि पुलिस एक नेता के दबाव में पंकज प्रधान, मयंक स्याल और टिल्लू पंडित को बचाने की कोशिश करते हुए आशू यादव को निशाने पर ले रही है। पुलिस आशू यादव को जल्द से जल्द गिरफ्तार क रना चाहती है ताकि किसी भी तरह खुलासे का दबाव कम हो जाए। चार दिन से पुलिस जांच और क्राइम सीन में ही उलझकर बयानबाजी कर रही है। इस मामले में जो लोग पुलिस हिरासत में हैं, वह नामजद तीनों आरोपियों के नहीं बल्कि आशू यादव और अमित उर्फ मरिन्डा के बताए गए हैं।
प्रशांत की थी मौके से मिली पिस्टल?
मेरठ। एसपी सिटी ओपी सिंह दावा कर रहे हैं कि मौके से एक . 32 बोर की पिस्टल मिली थी। हिरासत में लिए गए लोगों के अनुसार जानकारी मिली है कि प्रशांत उर्फ रोबिन भी अवैध पिस्टल रखता था। प्रशांत के शव से करीब चार या पांच कदम दूर मिली यह पिस्टल प्रशांत की ही बताई गई है। पुलिस अफसर दावा कर रहे हैं कि कृष्णा प्लाजा से पंकज प्रधान अपने साथियों के साथ प्रशांत को होटल में लेकर पहुंचा, जहां प्रशांत का आशू यादव से विवाद हुआ। बाहर निकलते ही प्रशांत ने अपनी पिस्टल निकाली और आशू पर गोली चला दी। गोली आशू की बाजू में कोहनी के पास लगने की बात कही जा रही है। इसके बाद आशू ने प्रशांत पर झपट्टा मारा तो प्रशांत की पिस्टल गिर पड़ी। लिहाजा आशू ने अपनी पिस्टल से प्रशांत से जान का खतरा देखते हुए उसकी गोली मारकर हत्या कर दी।
दो फीट दूरी से मारी पहली गोली
शनिवार को सीओ सिविल लाइन और एसओ मेडिकल ने फिर से प्रशांत की हत्या की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पढ़ी। पीएम रिपोर्ट के मुताबिक प्रशांत को पहली गोली माथे के पास करीब दो फीट की दूरी से मारी गई है, जो आंख के पास जा लगी। उसके बाद प्रशांत जमीन पर गिर पड़ा तो चार- पांच फीट की दूरी से कंधे के पास गोली मारी गई। एक गोली पेट में मारी गई जो कमर में फंस गई थी।
एसओ के दावे पर सवाल
एसओ मेडिकल रविंद्र वशिष्ठ ने बताया कि सिपाही नरेश यादव बुधवार की रात घटना के दौरान एक अन्य सिपाही के साथ घटनास्थल से करीब आधा किमी दूर मिमहेंस हॉस्पिटल वाले कट पर चेकिंग कर रहा था। सिपाही के सादा कपड़ों में चेकिंग करना एसओ को खुद ही सवालों के घेरे में खड़ा कर रहा है।
कहीं गायब तो नहीं कर दी फुटेज
घटनास्थल के पास कई स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, लेकिन पुलिस का दावा है कि होटल के अंदर का कैमरा खराब था। आसपास के कैमरों में भी तकनीकी खामियां थी। उधर, विवि के छात्र और परिजनों में चर्चा है कि पुलिस ने जानबूझकर फु टेज गायब कर दी है।