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आबादी में ‘मौत’ तैयार करता था प्रमोद, मुकदमे में खेल

Wed, 01 May 2019 03:36 AM IST
Gaurav sharma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Gaurav sharma Updated Wed, 01 May 2019 03:36 AM IST
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Pramod was preparing 'death' in the population, the game in the lawsuit
मेरठ - फोटो : अमर उजाला
घंटाघर पर घनी आबादी के बीच ‘मौत’ तैयार करने वाला व्यापारी प्रमोद बंसल 36 घंटे बाद भी गिरफ्तार नहीं किया गया। अवैध धंधा चलाने की परमीशन किसने दी, इसको पुलिस बेनकाब नहीं कस सकी। पुलिस ने कमजोर धारा में केस पंजीकृत कर महज खानापूर्ति की। धमाकों के साथ सिलिंडर फटने की घटना के दूसरे दिन भी बनबटान मोहल्ले में दहशत रही। लोगों ने भाजपा नेता, पुलिस प्रशासन और जिला आपूर्ति के खिलाफ नाराजगी जताई। मंगलवार को पुलिस इस मामले में लीपापोती करने में जुटी रही।
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देहलीगेट थानाक्षेत्र के घंटाघर से सटे बनबटान मोहल्ले में कंफैक्शनरी दुकानदार प्रमोद बंसल के दुकान में गैस रिफिलिंग के दौरान भीषण आग के बाद एक के बाद एक कई सिलिंडर फटने से इलाके में अफरातफरी मच गई थी। प्रमोद बंसल व उसका बेटा समेत तीन लोग झुलसने बताए थे। 36 घंटे बाद भी पुलिस प्रशासन यह पता नहीं कर पाया कि इस घटना का असली गुनहगार कौन है। किसके शह में यह धंधा चल रहा था। आबादी के बीच प्रमोद बंसल किसके इशारे पर गैस रिफिलिंग का धंधा चल रहा था।
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सिलिंडर कब्जे में ले लिए  
 अवैध तरीके से घरेलू और व्यावसायिक उपयोग के गैस सिलिंडरों का भंडारण करने और रिफिलिंग करने के मामले की जानकारी पर जिला आपूर्ति विभाग की नींद टूटी। पुलिस की मौजूदगी में जिला आपूर्ति विभाग ने 45 व्यावसायिक और 52 घरेलू सिलिंडरों को कब्जे में लिया है।
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चर्चाओं में रहा बनबटान का मंजर
मेरठ। बनबटान मोहल्ले में गैस रिफिलिंग के दौरान लगी आग का भयानक मंजर क्षेत्रीय लोग नहीं भुला पा रहे हैं। मंगलवार को भी लोग इस घटना पर चर्चा करते दिखाई दिए। वहीं कुछ लोगों में घटना को लेकर खासी नाराजगी भी दिखी। उन परिवारों के चेहरों पर दहशत साफ दिखी, जिनके घर प्रदीप बंसल की दुकानों के नजदीक हैं। क्षेत्रीय निवासी वसीम ने बताया कि गैस सिलिंडर के धमाके से उनके घर में दरार आई है। जिस समय धमाका हुआ, आसपास के घर दहल गए थे। महिलाएं चिल्लाने लगीं। आनन-फानन में कई घर खाली करा दिए गए। ऐसा ही नजारा पास के दूसरे घरों में दिखा।
स्थानीय लोग इसके लिए सीधे तौर पर थाना पुलिस को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस को कई वर्षों से चल रहे इस गैरकानूनी कार्य की पूरी जानकारी थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। जिस तरह सिलिंडर में आग लगी और धमाके हुए, उसके बाद कुछ भी हो सकता था। गनीमत रही  कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया। आदर्श सेवा समिति के अध्यक्ष अनस चौधरी ने कहा कि पूरा मामला प्रशासन के संज्ञान में है। प्रदीप बंसल के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है।  
एसएसपी से मिलेंगे क्षेत्रीय लोग : हादसे से डरे लोग अब इस काम को बर्दाश्त करने की स्थिति में नहीं है। वह इस पर प्रतिबंध की मांग कर रहे हैं। बनबटान निवासी रियासत अली ने कहा कि घटना से लोगों में रोष व्याप्त है। पुलिस अगर कार्रवाई नहीं करती है तो क्षेत्रीय लोग एसएसपी से मिलेंगे और कार्रवाई की मांग करेंगे। उनका प्रयास होगा कि शहर में जहां भी ऐसे काम चल रहे हैं, उन पर भी प्रभावी अंकुश लगाया जाए। ताकि इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति ना हो।
शहरभर में फैला गैस रिफिलिंग, सिलिंडर कालाबाजारी का जाल
मेरठ। गैस रिफिलिंग  करने और सिलिंडरों की कालाबाजारी करने का कार्य शहर में किसी एक स्थान पर नहीं बल्कि अनेकों स्थानों पर हो रहा है। अवैध कारोबार से पुलिस और आपूर्ति विभाग ने नजरें फेर रखी हैं। सोमवार को शहर के भीड़भाड़ वाले इलाके घंटाघर क्षेत्र स्थित धार्मिक स्थल के निकट गैस सिलिंडर के अवैध गोदाम में आग लगी तो आपूर्ति विभाग भी हरकत में गया। आपूर्ति विभाग ने जल्द ही टीमें गठित करके शहरभर में छापेमारी करने का दावा किया है।
 भले ही जिला प्रशासन गैस की कालाबाजारी पर प्रतिबंध का दावा करता रहा हो। लेकिन सच्चाई कुछ अलग ही है। गैस एजेंसियों से जनता के घर पहुंच रहे गैस सिलिंडरों से गैस चोरी करने, उपभोक्ता का गैस सिलिंडर बुकिंग के बाद भी निरस्त करने और उस सिलिंडर को अवैध कारोबारियों को सौंपने का कार्य अभी भी जोर-शोर से चल रहा है।
आखिर कहां से आए इतने सिलिंडर : जिला अस्पताल के सामने धार्मिक स्थल के बराबर वाली गली में संचालित अवैध गैस के कारोबार से साबित हो गया है कि कहीं न कहीं व्यवस्था में झोल है। सवाल है कि आखिर दुकान में इतने गैस सिलिंडर आए कहां से।

 होगी छापेमारी
जिला पूर्ति अधिकारी विकास गौतम का कहना है कि शहरभर में ऐसे कारोबारियों के संस्थानों पर छापेमारी करने और एफआईआर दर्ज कराने के लिए सभी सप्लाई इंस्पेक्टरों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। टीम गठित करके छापेमारी की जाएगी। शहर की जनता से भी अपील है कि अगर उनके आसपास लोग गैस का अवैध कारोबार कर रहे हैं तो वह इसकी सूचना आपूर्ति विभाग में करें। डीएसओ ने कहा कि सोमवार को गैस सिलिंडरों में आग के मामले पर एफआईआर दर्ज कराइ जा रही है।
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