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पुलिस की यातना से युवक मौत की कगार पर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jun 2016 01:55 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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टीपीनगर पुलिस की यातना से एक युवक मौत की कगार पर पहुंच गया। कसूर इतना था कि वह रात में मजदूरी करके लौट रहा था। पुलिस ने चेकिंग करने के बहाने उसको पकड़ा और जमकर पिटाई की। पीड़ित परिवार ने हंगामा किया तो पुलिस ने जांच करने की बात कही। गंभीर हालत में शुक्रवार को युवक को जिला अस्पताल से दिल्ली रेफर किया गया है।
चंद्रलोक कॉलोनी, टीपीनगर निवासी संजय कुमार मंगलवार को कंकरखेड़ा से मजदूरी करके लौट रहा था। परिजनों का आरोप है कि मलियाना पुलिस चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उसे चेकिंग के नाम पर रोका। संदिग्ध हालत में घूमने की बात कहकर उसकी पिटाई कर दी। जिसमें उसकी हालत खराब हो गई। पुलिस ने सरकारी एंबुलेंस बुलाकर उसे जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। बृहस्पतिवार को काफी तलाश करने के बाद परिजनों को संजय का पता चला।
संजय की हालत देखकर परिजनों का गुस्सा फूट गया। शुक्रवार दोपहर संजय के परिजनों ने टीपीनगर थाने में हंगामा किया। परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाकर तहरीर दे दी। जिस पर एसओ टीपीनगर प्रशांत कपिल ने लोगों को समझा बुझाकर शांत किया। एसओ ने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराकर आरोपी सिपाहियों पर कार्रवाई कराई जाएगी। जिस पर पीड़ित परिवार शांत हुआ।
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देर रात कोमा में गया संजय
पीड़ित परिवार ने बताया कि संजय ने अस्पताल में बृहस्पतिवार को आपबीती सुनाई थी। देर रात उसकी हालत और गंभीर हो गई। डॉक्टरों ने उसके कोमा में जाने की बात कही है। पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है।
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चंद्रलोक कॉलोनी, टीपीनगर निवासी संजय कुमार मंगलवार को कंकरखेड़ा से मजदूरी करके लौट रहा था। परिजनों का आरोप है कि मलियाना पुलिस चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उसे चेकिंग के नाम पर रोका। संदिग्ध हालत में घूमने की बात कहकर उसकी पिटाई कर दी। जिसमें उसकी हालत खराब हो गई। पुलिस ने सरकारी एंबुलेंस बुलाकर उसे जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। बृहस्पतिवार को काफी तलाश करने के बाद परिजनों को संजय का पता चला।
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संजय की हालत देखकर परिजनों का गुस्सा फूट गया। शुक्रवार दोपहर संजय के परिजनों ने टीपीनगर थाने में हंगामा किया। परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाकर तहरीर दे दी। जिस पर एसओ टीपीनगर प्रशांत कपिल ने लोगों को समझा बुझाकर शांत किया। एसओ ने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराकर आरोपी सिपाहियों पर कार्रवाई कराई जाएगी। जिस पर पीड़ित परिवार शांत हुआ।
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देर रात कोमा में गया संजय
पीड़ित परिवार ने बताया कि संजय ने अस्पताल में बृहस्पतिवार को आपबीती सुनाई थी। देर रात उसकी हालत और गंभीर हो गई। डॉक्टरों ने उसके कोमा में जाने की बात कही है। पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है।