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पेट्रोल डालकर जलाए गए प्रॉपर्टी डीलर की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 02 Jul 2016 02:05 AM IST
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एसएसपी आवास पर प्रदर्शन करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
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शिवशक्ति नगर में पेट्रोल डालकर जलाए गए प्रॉपर्टी डीलर ने बृहस्पतिवार रात दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया। शुक्रवार शाम परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एसएसपी आवास घेर लिया। परिजनों और व्यापारियों की एसएसपी से तीखी नोकझोंक हो गई। एसएसपी ने एसओ ब्रह्मपुरी को आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के शिवशक्ति नगर निवासी प्रॉपर्टी डीलर रविशंकर सिंघल (38) पर मकान के विवाद में उमेश लोधी ने विगत 26 जून की दोपहर पेट्रोल उड़ेल दिया था। इस दौरान उमेश की पत्नी पूनम और अन्य लोगों ने आग लगा दी थी। 75 प्रतिशत से ज्यादा झुलसे रविशंकर को स्थानीय अस्पताल से दिल्ली रेफर कर दिया गया था। इस घटना में रविशंकर का बेटा हिमांशु (14) और भतीजा यश (17) भी झुलस था। जिनका केएमसी अस्पताल में उपचार चल रहा है।
कप्तान साहब! कौन है इस मौत का जिम्मेदार
मेरठ। एसएसपी आवास पहुंचे रविशंकर के परिजनों और व्यापारियों ने एसएसपी से सवाल किया कि इस मौत का जिम्मेदार कौन है? जब मकान के कागज पुलिस को दिखाए थे तो खुद एसओ ने कहा था कि क ोई निर्माण नहीं कर सकता। उसके बाद जब निर्माण कार्य रुकवाने के लिए बार-बार फोन किए, लेकिन पुलिस नहीं पहुंची।
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जिससे साफ है कि ब्रह्मपुरी पुलिस बिक चुकी है। छह दिन में सिर्फ उमेश को जेल भेजा गया है। चार अज्ञात आरोपियों के नाम तक पुलिस पता नहीं लगा पायी। उल्टे पुलिस पीड़ित लोगों से नाम पूछती है। पुलिस की लापरवाही से रविशंकर की मौत हुई है। पुलिस कार्रवाई करती तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती। इस दौरान परिजनों और एसएसपी में नोकझोंक हो गई। जिसके बाद एसएसपी ने एसओ ब्रह्मपुरी को सख्त निर्देश दिए। इस दौरान संजीव सिंघल, प्रवीन अग्रवाल, अवधेश अग्रवाल, अशोक जैन, अवनीश आदि मौजूद रहे।
परिवार में मचा कोहराम:
रविशंकर का शव शुक्रवार सुबह घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी संगीता और अन्य लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था। हर किसी की जुबां पर था कि हे भगवान, इतनी दर्दनाक मौत किसी को न दे। रविशंकर के बेटों हिमांशु और लक्ष्य के अलावा भाई संजीव, अजय, विजय, विनोद और अन्य लोगों का भी बुरा हाल था।
आरोपी पूनम की भी हालत गंभीर
पेट्रोल डालकर आग लगाने के दौरान आरोपी उमेश और उसकी पत्नी भी झुलस गए थे। जिन्हें पुलिस ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। एसओ सतेंद्र यादव ने बताया कि 29 जून को उमेश को जेल भेज दिया गया। जबकि पूनम की हालत गंभीर है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के शिवशक्ति नगर निवासी प्रॉपर्टी डीलर रविशंकर सिंघल (38) पर मकान के विवाद में उमेश लोधी ने विगत 26 जून की दोपहर पेट्रोल उड़ेल दिया था। इस दौरान उमेश की पत्नी पूनम और अन्य लोगों ने आग लगा दी थी। 75 प्रतिशत से ज्यादा झुलसे रविशंकर को स्थानीय अस्पताल से दिल्ली रेफर कर दिया गया था। इस घटना में रविशंकर का बेटा हिमांशु (14) और भतीजा यश (17) भी झुलस था। जिनका केएमसी अस्पताल में उपचार चल रहा है।
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कप्तान साहब! कौन है इस मौत का जिम्मेदार
मेरठ। एसएसपी आवास पहुंचे रविशंकर के परिजनों और व्यापारियों ने एसएसपी से सवाल किया कि इस मौत का जिम्मेदार कौन है? जब मकान के कागज पुलिस को दिखाए थे तो खुद एसओ ने कहा था कि क ोई निर्माण नहीं कर सकता। उसके बाद जब निर्माण कार्य रुकवाने के लिए बार-बार फोन किए, लेकिन पुलिस नहीं पहुंची।
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जिससे साफ है कि ब्रह्मपुरी पुलिस बिक चुकी है। छह दिन में सिर्फ उमेश को जेल भेजा गया है। चार अज्ञात आरोपियों के नाम तक पुलिस पता नहीं लगा पायी। उल्टे पुलिस पीड़ित लोगों से नाम पूछती है। पुलिस की लापरवाही से रविशंकर की मौत हुई है। पुलिस कार्रवाई करती तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती। इस दौरान परिजनों और एसएसपी में नोकझोंक हो गई। जिसके बाद एसएसपी ने एसओ ब्रह्मपुरी को सख्त निर्देश दिए। इस दौरान संजीव सिंघल, प्रवीन अग्रवाल, अवधेश अग्रवाल, अशोक जैन, अवनीश आदि मौजूद रहे।
परिवार में मचा कोहराम:
रविशंकर का शव शुक्रवार सुबह घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी संगीता और अन्य लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था। हर किसी की जुबां पर था कि हे भगवान, इतनी दर्दनाक मौत किसी को न दे। रविशंकर के बेटों हिमांशु और लक्ष्य के अलावा भाई संजीव, अजय, विजय, विनोद और अन्य लोगों का भी बुरा हाल था।
आरोपी पूनम की भी हालत गंभीर
पेट्रोल डालकर आग लगाने के दौरान आरोपी उमेश और उसकी पत्नी भी झुलस गए थे। जिन्हें पुलिस ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। एसओ सतेंद्र यादव ने बताया कि 29 जून को उमेश को जेल भेज दिया गया। जबकि पूनम की हालत गंभीर है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।