फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   para milatry na hoti to khoon bahaata

पैरा मिलिट्री फोर्स न होती तो खून बहाता इकराम

Wed, 15 Feb 2017 03:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Wed, 15 Feb 2017 03:27 PM IST
विज्ञापन
para milatry na hoti to khoon bahaata
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

50 हजार के इनामी बदमाश रहे इकराम ने पुलिस अफसरों को बताया कि वह 15 दिन पहले भी अपने साथियों के साथ लिसाड़ी गेट में प्रॉपर्टी डीलर की हत्या करने के लिए पहुंचा था। लेकिन वहां चौराहे पर पैरा मिलिट्री फोर्स लगी हुई थी। जिसके बाद वह चुनाव बाद हत्या करने का मन बनाते हुए साथियों के साथ दिल्ली लौट गया था।

विज्ञापन


एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी के अनुसार इकराम ने पूछताछ में बताया कि उसे तीन नवंबर 2016 को कचहरी में कस्टडी से उसके साथियों फरमान, नकीब, नईम व सरधना के लालकुआं मोहल्ला निवासी सुहेब उर्फ टिड्डी ने छुड़ाया था। कचहरी से भागने के बाद वह सुहेब के साथ बाइक से परतापुर पहुंचा था। उसके बाद सुहेब की प्रेमिका को बाइक पर बैठाकर हेलमेट लगाकर दिल्ली पहुंच गया था। वह दिल्ली, गाजियाबाद, लोनी, देहरादून में छिपता रहा। 15 दिन पहले वह सलीम मोटा नाम के रिश्तेदार की हत्या करने लिसाड़ी गेट आया था। लेकिन काम पूरा नहीं हो सका।
विज्ञापन


पैरोकारी के नाम पर किया बर्बाद
इकराम ने पुलिस को बताया कि अपने गांव के हसन रजा की हत्या की हत्या के मामले में 12 साल से सजा काट रहा था। आरोप लगाया कि उसे पैरोकारी के नाम पर बर्बाद कर दिया गया। गांव की सारी जमीन और घर भी बिक गया। एक व्यक्ति ने उससे 1.70 लाख रुपये उधार लिए थे, जिन्हें देने से वह टालता रहा। इन लोगों से बदला लेने के लिए ही उसने जेल ब्रेक की थी। फिर पकड़ा गया। उसके बाद कचहरी से भाग गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रेमिका के पास पहुंचा
पुलिस ने बताया कि इकराम की शादी नहीं हुई है। रिश्तेदारी की एक लड़की से उसकी नजदीकी थी। लोनी में प्रेमिका से शादी करने के लिए वहां रह रहा था। इकराम ने कहा कि उसका सब कुछ बर्बाद हो गया, आजीवन कारावास की सजा के बाद वह दूर रहकर अपना घर बसाना चाहता था।

जेल में बनाया गैंग
इकराम ने बताया कि जेल में उसने गैंग खड़ा कर रखा था। पहले वह ऊधम का शूटर रहा। उसके बाद भरतू गैंग से भी जुड़ गया। मेडिकल क्षेत्र में व्यापारी नेता के भतीजे की हत्या के आरोपी देवेश को भी अपने गैंग में शामिल कर लिया। बाद में मोनू जाट के लिए भी काम करने लगा। इकराम ने कहा कि उसकी जिंदगी तो जेल में कटनी है, लेकिन जरायम में वह बड़ा नाम कमाना चाहता है।


एसटीएफ के हाथ से फिसला
इकराम की एसटीएफ ने भी घेराबंदी की थी। लेकिन इस बार बाजी सदर बाजार पुलिस मार ले गई। बताया गया कि एसटीएफ ने ही इकराम पर इनाम 15 हजार से बढ़वाकर 50 हजार कराया था। लेकिन वह खुद एसटीएफ के हाथों से ही फिसल गया।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed