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सहकारी बैंकों में एक दिन में एक करोड़ से ज्यादा जमा
रोहित अग्रवाल/मेरठ
Updated Fri, 16 Dec 2016 11:47 AM IST
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एटीएम के बाहर लाइन में लगे लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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नोटबंदी के बाद जिला सहकारी बैंक की तीन शाखाओं में एक ही दिन में एक करोड़ से ज्यादा की रकम जमा हुई है। 10 नवंबर से 13 नवंबर के बीच इस बैंक की जिले की सभी शाखाओं में कुल 105 करोड़ रुपये जमा हुए। जबकि तीन ब्रांचों में ही इन चार दिनों में 11 करोड़ 88 लाख 65 हजार रुपये जमा हुए। आरबीआई ने बैँक की सर्वाधिक कैश जमा करने वाली ब्रांचों का जानकारी तलब कर ली है। बैंकों ने ब्योरा भी भेज दिया है।
जिला सहकारी बैंक की मेरठ और बागपत में 53 शाखाएं हैं। नोटबंदी के बाद शिकायत मिलने पर आबीआई ने जिला सहकारी बैंकों में नोट एक्सचेंज करने पर रोेक लगा दी थी। 1000-500 के पुराने नोट भी केवल 10 से 13 नवंबर तक ही जमा किए गए थे। खास बात यह है कि इन चार दिनों में ही इन बैंकों में करीब 105 करोड़ रुपये जमा हो गए। इनमें से तीन ब्रांच में एक ही दिन में एक करोड़ से ज्यादा रुपये जमा हुए।
यह मिली जानकारी
सहकारी बैंक के मुख्य कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार 10 नवंबर को ही किठौर शाखा पर 1.11 करोड़ रुपये जमा हो गए। चार दिन में यहां कुल चार करोड़ पांच लाख रुपये जमा हुए। इसी तरह बुढ़ाना गेट ब्रांच में भी चार दिनों में 4 करोड़ 22 लाख 35 हजार रुपये जमा हुए। जबकि गढ़ रोड ब्रांच पर यह आंकड़ा तीन करोड़ 61 लाख 30 हजार रुपये रहा। किठौर में करीब 14500, बुढ़ाना गेट ब्रांच में करीब 11 हजार तो गढ़ रोड ब्रांच मेें करीब 14 हजार खाताधारक हैं। जबकि इनसे अधिक खाताधारक अन्य शाखाआें में हैं। इसके बावजूद वहां इतनी रकम जमा नहीं हुई है।
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आरबीआई ने मांगा ब्योरा
आरबीआई ने बैंक में जमा रकम का पूरा ब्योरा तलब किया है। नाबार्ड की स्थानीय टीम ने सोमवार को बैंक के मेरठ कचहरी स्थित मुख्यालय पहुंचकर कई बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी। बैंक से चार दिनों में जमा किए गए 1000-500 के नोटों की पूरी सूचना मांगी है। कुछ बड़ी अमाउंट वालों के वाउचर भी मांगे गए हैं। माना जा रहा है कि बड़ी रकम जमा कराने वालों का मौके पर भी वेरिफिकेशन हो सकता है।
आखिर बैंक में जमा हुए 105 करोड़
नोटबंदी के बाद सहकारी बैंक में जमा हुए 1000-500 के नोटों की कुल 105 करोड़ की रकम को जमा करने में दूसरे बैंक आनाकानी कर रहे थे। काफी प्रयासों के बाद थोड़ा-थोड़ा कर बैंक में जमा कराया गया। उपमहाप्रबंधक के अनुसार बुधवार तक बैंक का पूरा अमाउंट जमा हो गया।
आरबीआई को दे रहे ब्योरा
किठौर, गढ़ रोड़ और बुढ़ाना गेट हमारी बड़ी ब्रांच हैं। खाताधारक भी अधिक हैं। इस कारण इन शाखाओं में अधिक रकम जमा हुई है। बैंक के पास जमा रकम का पूरा रिकॉर्ड है। उनसे जो भी जानकारी मांगी जा रही है, आरबीआई को दी जा रही है। बैंक आरबीआई के दिशा निर्देशों के अनुसार ही कार्य कर रहा है।- विनय राणा, उपमहाप्रबंधक सहकारी बैंक
कैश नहीं मिल रहा
सहकारी बैंक पूरी तरह ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर टिका है। नोट बंदी से अब तक सहकारी बैंकों को सिर्फ 24 करोड़ कैश मिला है, जो जरूरत का 10 फीसदी भी नहीं है। किसान का गन्ना भुगतान भी आ रहा है। लेकिन किसान को देने के लिए भी बैंक को कैश नहीं मिल रहा।- जयवीर सिंह, चेयरमैन जिला सहकारी बैंक मेरठ
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जिला सहकारी बैंक की मेरठ और बागपत में 53 शाखाएं हैं। नोटबंदी के बाद शिकायत मिलने पर आबीआई ने जिला सहकारी बैंकों में नोट एक्सचेंज करने पर रोेक लगा दी थी। 1000-500 के पुराने नोट भी केवल 10 से 13 नवंबर तक ही जमा किए गए थे। खास बात यह है कि इन चार दिनों में ही इन बैंकों में करीब 105 करोड़ रुपये जमा हो गए। इनमें से तीन ब्रांच में एक ही दिन में एक करोड़ से ज्यादा रुपये जमा हुए।
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यह मिली जानकारी
सहकारी बैंक के मुख्य कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार 10 नवंबर को ही किठौर शाखा पर 1.11 करोड़ रुपये जमा हो गए। चार दिन में यहां कुल चार करोड़ पांच लाख रुपये जमा हुए। इसी तरह बुढ़ाना गेट ब्रांच में भी चार दिनों में 4 करोड़ 22 लाख 35 हजार रुपये जमा हुए। जबकि गढ़ रोड ब्रांच पर यह आंकड़ा तीन करोड़ 61 लाख 30 हजार रुपये रहा। किठौर में करीब 14500, बुढ़ाना गेट ब्रांच में करीब 11 हजार तो गढ़ रोड ब्रांच मेें करीब 14 हजार खाताधारक हैं। जबकि इनसे अधिक खाताधारक अन्य शाखाआें में हैं। इसके बावजूद वहां इतनी रकम जमा नहीं हुई है।
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आरबीआई ने मांगा ब्योरा
आरबीआई ने बैंक में जमा रकम का पूरा ब्योरा तलब किया है। नाबार्ड की स्थानीय टीम ने सोमवार को बैंक के मेरठ कचहरी स्थित मुख्यालय पहुंचकर कई बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी। बैंक से चार दिनों में जमा किए गए 1000-500 के नोटों की पूरी सूचना मांगी है। कुछ बड़ी अमाउंट वालों के वाउचर भी मांगे गए हैं। माना जा रहा है कि बड़ी रकम जमा कराने वालों का मौके पर भी वेरिफिकेशन हो सकता है।
आखिर बैंक में जमा हुए 105 करोड़
नोटबंदी के बाद सहकारी बैंक में जमा हुए 1000-500 के नोटों की कुल 105 करोड़ की रकम को जमा करने में दूसरे बैंक आनाकानी कर रहे थे। काफी प्रयासों के बाद थोड़ा-थोड़ा कर बैंक में जमा कराया गया। उपमहाप्रबंधक के अनुसार बुधवार तक बैंक का पूरा अमाउंट जमा हो गया।
आरबीआई को दे रहे ब्योरा
किठौर, गढ़ रोड़ और बुढ़ाना गेट हमारी बड़ी ब्रांच हैं। खाताधारक भी अधिक हैं। इस कारण इन शाखाओं में अधिक रकम जमा हुई है। बैंक के पास जमा रकम का पूरा रिकॉर्ड है। उनसे जो भी जानकारी मांगी जा रही है, आरबीआई को दी जा रही है। बैंक आरबीआई के दिशा निर्देशों के अनुसार ही कार्य कर रहा है।- विनय राणा, उपमहाप्रबंधक सहकारी बैंक
कैश नहीं मिल रहा
सहकारी बैंक पूरी तरह ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर टिका है। नोट बंदी से अब तक सहकारी बैंकों को सिर्फ 24 करोड़ कैश मिला है, जो जरूरत का 10 फीसदी भी नहीं है। किसान का गन्ना भुगतान भी आ रहा है। लेकिन किसान को देने के लिए भी बैंक को कैश नहीं मिल रहा।- जयवीर सिंह, चेयरमैन जिला सहकारी बैंक मेरठ