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ऑटो चालक को दिनदहाड़े गोलियों से भूना
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Sat, 11 Mar 2017 01:43 AM IST
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हत्या की घटना पर पुलिस से विरोध जताते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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कांशीराम कॉलोनी के पास ऑटो स्टैंड पर शुक्रवार दिनदहाड़े ऑटो चालक को दौड़ा-दौड़ाकर गोलियों से भून दिया गया। गुस्साई भीड़ ने पुलिस से शव छीन लिया और काजीपुर गांव में हापुड़ रोड पर रखकर जाम लगा दिया। पुलिस से तीखी नोकझोंक हो गई। पुलिस के अनुसार यह वारदात पुरानी रंजिश के चलते हुई है। चार लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
पुलिस के अनुसार मूल रूप से हाजीपुर गांव निवासी जुनैद (20) पुत्र मुन्ना कांशीराम कॉलोनी में रहता था। जो हापुड़ अड्डे पर थ्री व्हीलर चलाता था। शुक्रवार सुबह करीब 9:40 बजे कांशीराम कॉलोनी के पास सवारी उतारने के बाद उसने जैसे ही ऑटो मोड़ा तो पीछे से आए दो बाइकों पर सवार चार बदमाशों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। एक गोली लगने के बाद जुनैद ऑटो छोड़कर जान बचाकर भागा तो हमलावर उसके पीछे दौड़ लिए। कुछ दूर जाकर जुनैद गिरा तो हमलावरों ने उसे गोलियों से भून दिया। मौके पर आसपास के लोगों की भीड़ जुटी तो हत्यारोपी काजीपुर की तरफ फरार हो गए। जुनैद को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया।
मां की भी हो चुकी हत्या
जुनैद के पिता मुन्ना ने इस मामले में गांव हाजीपुर निवासी यूसुफ, शाहजहां पुत्र मम्मन, शारिक और उस्मान पुत्र यूसुफ को हत्या के केस में नामजद किया। मुन्ना ने पुलिस को आरोप लगाते हुए बताया कि वर्ष 2015 में उसकी पत्नी की भी हत्या कर दी गई थी। जिसके मुकदमे की पैरवी वह और जुनैद कर रहे थे। आरोपी पक्ष पैरवी न करने का दबाव बना रहा था। इस हत्या के पीछे यही रंजिश मानी जा रही है।
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आरोपियों को पकड़ लाओ, खोल देंगे जाम
जुनैद के शव को पुलिस ने आनंद अस्पताल पहुंचकर कब्जे में ले लिया था। पुलिस पंचनामा भरकर शव तुरंत पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी में थी। इस दौरान अस्पताल पहुंचे जुनैद के परिजनों, रिश्तेदारों और सैकड़ों ग्रामीणों ने पुलिस से शव छीन लिया। जिसके बाद शव बिजली बंबा बाईपास पर पुलिस चौकी के सामने रखकर जाम लगाने का प्रयास किया। सीओ किठौर ने वहां जाम नहीं लगाने दिया तो भीड़ शव को उठाकर गांव हाजीपुर पहुंची और हापुड़ रोड पर शव रखकर जाम लगा दिया। पुलिस ने जाम खुलवाने का प्रयास किया तो भीड़ ने कह दिया कि पहले हत्यारोपी पकड़कर लाओ, हम जाम खोल देंगे। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद सीओ ने जाम खुलवाया।
सटाकर मारीं गोलियां
जुनैद के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर हमलावरों ने आधा दर्जन से ज्यादा गोलियां सटाकर मारीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार फायरिंग की आवाज सुनकर जब वहां भीड़ लगनी शुरू हुई तो हमलावरों ने फायरिंग बंद की थी। यदि भीड़ जुटती तो शायद हमलावर ओर गोलियां उसे मारते।
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पुलिस के अनुसार मूल रूप से हाजीपुर गांव निवासी जुनैद (20) पुत्र मुन्ना कांशीराम कॉलोनी में रहता था। जो हापुड़ अड्डे पर थ्री व्हीलर चलाता था। शुक्रवार सुबह करीब 9:40 बजे कांशीराम कॉलोनी के पास सवारी उतारने के बाद उसने जैसे ही ऑटो मोड़ा तो पीछे से आए दो बाइकों पर सवार चार बदमाशों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। एक गोली लगने के बाद जुनैद ऑटो छोड़कर जान बचाकर भागा तो हमलावर उसके पीछे दौड़ लिए। कुछ दूर जाकर जुनैद गिरा तो हमलावरों ने उसे गोलियों से भून दिया। मौके पर आसपास के लोगों की भीड़ जुटी तो हत्यारोपी काजीपुर की तरफ फरार हो गए। जुनैद को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया।
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मां की भी हो चुकी हत्या
जुनैद के पिता मुन्ना ने इस मामले में गांव हाजीपुर निवासी यूसुफ, शाहजहां पुत्र मम्मन, शारिक और उस्मान पुत्र यूसुफ को हत्या के केस में नामजद किया। मुन्ना ने पुलिस को आरोप लगाते हुए बताया कि वर्ष 2015 में उसकी पत्नी की भी हत्या कर दी गई थी। जिसके मुकदमे की पैरवी वह और जुनैद कर रहे थे। आरोपी पक्ष पैरवी न करने का दबाव बना रहा था। इस हत्या के पीछे यही रंजिश मानी जा रही है।
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आरोपियों को पकड़ लाओ, खोल देंगे जाम
जुनैद के शव को पुलिस ने आनंद अस्पताल पहुंचकर कब्जे में ले लिया था। पुलिस पंचनामा भरकर शव तुरंत पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी में थी। इस दौरान अस्पताल पहुंचे जुनैद के परिजनों, रिश्तेदारों और सैकड़ों ग्रामीणों ने पुलिस से शव छीन लिया। जिसके बाद शव बिजली बंबा बाईपास पर पुलिस चौकी के सामने रखकर जाम लगाने का प्रयास किया। सीओ किठौर ने वहां जाम नहीं लगाने दिया तो भीड़ शव को उठाकर गांव हाजीपुर पहुंची और हापुड़ रोड पर शव रखकर जाम लगा दिया। पुलिस ने जाम खुलवाने का प्रयास किया तो भीड़ ने कह दिया कि पहले हत्यारोपी पकड़कर लाओ, हम जाम खोल देंगे। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद सीओ ने जाम खुलवाया।
सटाकर मारीं गोलियां
जुनैद के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर हमलावरों ने आधा दर्जन से ज्यादा गोलियां सटाकर मारीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार फायरिंग की आवाज सुनकर जब वहां भीड़ लगनी शुरू हुई तो हमलावरों ने फायरिंग बंद की थी। यदि भीड़ जुटती तो शायद हमलावर ओर गोलियां उसे मारते।