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प्रदीप त्यागी हत्याकांड में एसओ पर बैठी जांच
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Wed, 21 Oct 2015 01:41 AM IST
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प्रधान पद के दावेदार प्रदीप त्यागी हत्या के मामले में एसओ सरूरपुर की लापरवाही सामने आई है। आईजी के निर्देश पर डीआईजी ने एसओ सरूरपुर के खिलाफ जांच एसपी देहात को सौंपी है। इस मामले में एसओ पर गाज गिर सकती है।
रोहटा ब्लॉक के रासना गांव का निवासी प्रदीप त्यागी (45) प्रधान पद के लिए चुनाव की तैयारी कर रहा था। सोमवार शाम जनसंपर्क के दौरान गांव के ही निगम त्यागी ने अपने साथियों राहुल उर्फ काला निवासी रासना और समंदरपाल निवासी रहावती, मवाना के साथ मिलकर प्रदीप पर गोलियां बरसा दी थी। जिसमें प्रदीप की मौके पर मौत हो गई थी।
गुस्साई भीड़ ने समंदर को मौके पर ही पीट-पीटकर मार डाला था। बता दें कि निगम भी इस बार प्रधान पद की दावेदारी में था और प्रदीप को चुनाव न लड़ने की धमकी दे रहा था।
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पूरे प्रकरण में प्रदीप त्यागी के परिजनों और उसके पक्ष के लोगों ने पुलिस अफसरों से शिकायत करते हुए कहा था कि एसओ सरूरपुर तेज सिंह यादव से प्रदीप ने दस दिन पहले ही शिकायत करते हुए क हा था कि निगम उसे जान से मारने की धमकी दे रहा है। कई बार उसे चुनाव लड़ने के लिए मना कर चुका है।
यदि उसकी सुनवाई नहीं हुई तो उसकी जान जा सकती है। इस प्रकरण में मामला एसएसपी डीसी दूबे तक पहुंचा। चुनावी माहौल में एसओ की लापरवाही मिलने पर उच्च अधिकारियों ने एसपी देहात और सीओ को भी तलब कर लिया। इस प्रकरण में आईजी आलोक शर्मा ने डीआईजी आशुतोष कुमार को जांच के निर्देश दिए। जिसके बाद एसपी देहात को जांच सौंपी गई है।
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रोहटा ब्लॉक के रासना गांव का निवासी प्रदीप त्यागी (45) प्रधान पद के लिए चुनाव की तैयारी कर रहा था। सोमवार शाम जनसंपर्क के दौरान गांव के ही निगम त्यागी ने अपने साथियों राहुल उर्फ काला निवासी रासना और समंदरपाल निवासी रहावती, मवाना के साथ मिलकर प्रदीप पर गोलियां बरसा दी थी। जिसमें प्रदीप की मौके पर मौत हो गई थी।
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गुस्साई भीड़ ने समंदर को मौके पर ही पीट-पीटकर मार डाला था। बता दें कि निगम भी इस बार प्रधान पद की दावेदारी में था और प्रदीप को चुनाव न लड़ने की धमकी दे रहा था।
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पूरे प्रकरण में प्रदीप त्यागी के परिजनों और उसके पक्ष के लोगों ने पुलिस अफसरों से शिकायत करते हुए कहा था कि एसओ सरूरपुर तेज सिंह यादव से प्रदीप ने दस दिन पहले ही शिकायत करते हुए क हा था कि निगम उसे जान से मारने की धमकी दे रहा है। कई बार उसे चुनाव लड़ने के लिए मना कर चुका है।
यदि उसकी सुनवाई नहीं हुई तो उसकी जान जा सकती है। इस प्रकरण में मामला एसएसपी डीसी दूबे तक पहुंचा। चुनावी माहौल में एसओ की लापरवाही मिलने पर उच्च अधिकारियों ने एसपी देहात और सीओ को भी तलब कर लिया। इस प्रकरण में आईजी आलोक शर्मा ने डीआईजी आशुतोष कुमार को जांच के निर्देश दिए। जिसके बाद एसपी देहात को जांच सौंपी गई है।