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हिस्ट्रीशीटर को गोलियों से भूना
ब्यूरो/अमर उजाला मेरठ
Updated Wed, 18 Nov 2015 02:10 AM IST
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जमीन के विवाद को लेकर चिंदौड़ी गांव में मंगलवार सुबह हिस्ट्रीशीटर को कार सवार बदमाशों ने गोलियों से भूना डाला। हिस्ट्रीशीटर को सात गोलियों लगीं। दम टूटने के बाद भी हमलावर फायरिंग करते रहे।
दिनदहाड़े वारदात से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। तीन थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
रोहटा के चिंदौड़ी गांव निवासी प्रवेंद्र (35) उर्फ लाला पुत्र भोपाल सिंह मंगलवार सुबह बाइक पर सवार होकर मेरठ जाने के लिए घर से निकला था। गांव के बाहर प्राइमरी पाठशाला के सामने मारुति कार सवार हथियारबंद सात बदमाशों ने प्रवेंद्र पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं।
गोली लगने के बावजूद प्रवेंद्र ने गांव के ओमप्रकाश मिस्त्री के खेत मेें घुसने का प्रयास किया। लेकिन हमलावरों ने उसे घेरकर गोलियाें से भून दिया। मौत होने के बाद भी हमलावरों ने प्रवेंद्र को कई गोलियां मारीं और हवाई फायरिंग करते हुए फरार हो गए।
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दिनदहाडे़ हुई हत्या से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। उन्होंने घरों के दरवाजे बंद कर लिए। सूचना पर एसओ रोहटा मुकेश कुमार, एसओ सरूरपुर सुरेंद्र नाथ, जानी इंस्पेक्टर संजीव कुमार, सीओ सरधना ब्रजेश कुमार पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल से आठ खोखे बरामद किए।
दोपहर में एसपी देहात और एसपी क्राइम ने भी घटनास्थल का मुआयना किया। मृतक के भाई लोकेंद्र ने गांव निवासी संजय उर्फ लीलू पुत्र बिजेंद्र, मोहसिन पुत्र जुम्मा, सन्नी पुत्र श्रीपाल, अजयपाल, अनंगपाल, धनपाल और अनंगपाल के बडे़ लड़के के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।
लोकेंद्र ने बताया कि संजय उर्फ लीलू से उनका जमीन को लेकर विवाद चल रहा था, जिसकी आज कोर्ट में तारीख थी। प्रवेंद्र चार भाइयों में सबसे छोटा था और अविवाहित था।
सरूरपुर और रोहटा थाने का हिस्ट्रीशीटर था प्रवेंद्र
प्रवेंद्र की हत्या के बाद ग्रामीणों को गांव में एक नई खूनी जंग छिड़ने का डर सता रहा है। प्रवेंद्र को ग्रामीण लाला शूटर के नाम से जानते थे। प्रवेंद्र की सन 2001 में सरूरपुर थाने में हिस्ट्रीशीट खुल गई थी।
एसओ रोहटा ने बताया कि उसके खिलाफ सरूरपुर थाने में दो मुकदमे हत्या और नौ मुकदमे लूट व डकैती के दर्ज हैं। कंकरखेड़ा थाने में भी हत्या का एक मुकदमा दर्ज है। उसके खिलाफ मुजफ्फरनगर जिले में भी आधा दर्जन से ज्यादा लूट और डकैती के मुकदमे दर्ज हैं। प्रवेंद्र सभी मामलों में जमानत पर चल रहा था।
लोगों के बीच ही की हत्या
प्रवेंद्र की हत्या ग्रामीणों के बीच में हुई। घटनास्थल के पास चार दुकान और एक प्राइमरी स्कूल है। मंगलवार को छुट्टी होने के कारण स्कूल बंद था, लेकिन चारों दुकानें खुली हुई थीं।
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार हमलावर कार में सवार होकर सुबह आठ बजे ही स्कूल के बाहर पहुंच गए थे। लेकिन कोई भी कार से बाहर नहीं निकला था। जैसे ही हमलावरों ने प्रवेंद्र को बाइक पर आते देखा, पिस्टल लेकर कार से बाहर निकल आए और हमला बोल दिया।
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दिनदहाड़े वारदात से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। तीन थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
रोहटा के चिंदौड़ी गांव निवासी प्रवेंद्र (35) उर्फ लाला पुत्र भोपाल सिंह मंगलवार सुबह बाइक पर सवार होकर मेरठ जाने के लिए घर से निकला था। गांव के बाहर प्राइमरी पाठशाला के सामने मारुति कार सवार हथियारबंद सात बदमाशों ने प्रवेंद्र पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं।
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गोली लगने के बावजूद प्रवेंद्र ने गांव के ओमप्रकाश मिस्त्री के खेत मेें घुसने का प्रयास किया। लेकिन हमलावरों ने उसे घेरकर गोलियाें से भून दिया। मौत होने के बाद भी हमलावरों ने प्रवेंद्र को कई गोलियां मारीं और हवाई फायरिंग करते हुए फरार हो गए।
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दिनदहाडे़ हुई हत्या से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। उन्होंने घरों के दरवाजे बंद कर लिए। सूचना पर एसओ रोहटा मुकेश कुमार, एसओ सरूरपुर सुरेंद्र नाथ, जानी इंस्पेक्टर संजीव कुमार, सीओ सरधना ब्रजेश कुमार पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल से आठ खोखे बरामद किए।
दोपहर में एसपी देहात और एसपी क्राइम ने भी घटनास्थल का मुआयना किया। मृतक के भाई लोकेंद्र ने गांव निवासी संजय उर्फ लीलू पुत्र बिजेंद्र, मोहसिन पुत्र जुम्मा, सन्नी पुत्र श्रीपाल, अजयपाल, अनंगपाल, धनपाल और अनंगपाल के बडे़ लड़के के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।
लोकेंद्र ने बताया कि संजय उर्फ लीलू से उनका जमीन को लेकर विवाद चल रहा था, जिसकी आज कोर्ट में तारीख थी। प्रवेंद्र चार भाइयों में सबसे छोटा था और अविवाहित था।
सरूरपुर और रोहटा थाने का हिस्ट्रीशीटर था प्रवेंद्र
प्रवेंद्र की हत्या के बाद ग्रामीणों को गांव में एक नई खूनी जंग छिड़ने का डर सता रहा है। प्रवेंद्र को ग्रामीण लाला शूटर के नाम से जानते थे। प्रवेंद्र की सन 2001 में सरूरपुर थाने में हिस्ट्रीशीट खुल गई थी।
एसओ रोहटा ने बताया कि उसके खिलाफ सरूरपुर थाने में दो मुकदमे हत्या और नौ मुकदमे लूट व डकैती के दर्ज हैं। कंकरखेड़ा थाने में भी हत्या का एक मुकदमा दर्ज है। उसके खिलाफ मुजफ्फरनगर जिले में भी आधा दर्जन से ज्यादा लूट और डकैती के मुकदमे दर्ज हैं। प्रवेंद्र सभी मामलों में जमानत पर चल रहा था।
लोगों के बीच ही की हत्या
प्रवेंद्र की हत्या ग्रामीणों के बीच में हुई। घटनास्थल के पास चार दुकान और एक प्राइमरी स्कूल है। मंगलवार को छुट्टी होने के कारण स्कूल बंद था, लेकिन चारों दुकानें खुली हुई थीं।
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार हमलावर कार में सवार होकर सुबह आठ बजे ही स्कूल के बाहर पहुंच गए थे। लेकिन कोई भी कार से बाहर नहीं निकला था। जैसे ही हमलावरों ने प्रवेंद्र को बाइक पर आते देखा, पिस्टल लेकर कार से बाहर निकल आए और हमला बोल दिया।