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पुलिस खाली हाथ, लुटेरों का नहीं सुराग
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Mon, 26 Oct 2015 01:40 AM IST
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दाल कारोबारी से दिनदहाड़े 11 लाख की लूट के मामले में 36 घंटे बाद भी पुलिस खाली हाथ है। लुटेरों का पुलिस कोई सुराग लगा पाई है। पुलिस का सर्विलांस सिस्टम भी फेल साबित हो रहा है। लूट के बाद बदमाशों की घेराबंदी करने में फेल साबित होने वाली पुलिस के पास अभी भी बदमाशों को पकड़ने की कोई ठोस रणनीति नहीं है।
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इस वारदात में पुलिस की लापरवाही ने ही बदमाशों के हाथ से निकलने में मदद की। शनिवार सुबह 10.30 बजे जिस जगह बदमाशों ने कारोबारी को कार समेत अगवा किया, वहां मलियाना पुलिस चौकी पर ताला लटका हुआ था। इसके बाद वारदात की सूचना फ्लैश होने के बाद एसओ और सीओ का मौके पर देरी से पहुंचना कई सवाल खड़े करता है।
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डीआईजी रेंज आशुतोष कुमार और एसएसपी डीसी दूबे वारदात के बाद पूरे शहर को पार करते हुए परतापुर बाईपास तक पहुंच गए, लेकिन कंट्रोल रूम पर लूट की सूचना फ्लैश होने के बाद भी न तो बदमाशों की घेराबंदी कराई गई और कार छोड़कर भागे बदमाशों की तलाश में कांबिंग कराई गई। थानेदार से लेकर तमाम पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचकर कारोबारी से तो सवाल-जवाब करते रहे। लेकिन बदमाशों को पकड़ने के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए।
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एसएसपी ने जब कारोबारी के कार में रखे मोबाइल फोन पर कॉल की तो पहले तो बदमाशों ने कार में रखा फोन रिसीव नहीं किया, बाद में रिसीव करने के बाद कॉल काट दी। जिसके बाद पुलिस अफसरों ने बदमाशों की लोकेशन भी ट्रेस कर ली थी, लेकिन सर्विलांस में बदमाशों तक पहुंचने में नाकामयाब रही।
वहीं, मलियाना पुलिस चौकी पर ताला लगा मिलने पर भी न तो चौकी पर तैनात स्टाफ के बारे में पूछा गया और न ही कोई कार्रवाई की गई। दिन में ही यदि पुलिस चौकी पर ताला लटक ा मिले तो समझा जा सकता है कि जिले की पुलिस कि तनी अलर्ट है।