{"_id":"c138be44a91f25408af44e018b4c412e","slug":"meerut-crime-news-hindi-news-186","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार दिन बाद भी नहीं लगा अपह्त छात्र अतिशय जैन का सुराग","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
चार दिन बाद भी नहीं लगा अपह्त छात्र अतिशय जैन का सुराग
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Tue, 23 Feb 2016 02:18 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपह्त छात्र अतिशय जैन का चौथे दिन भी कोई सुराग नहीं लग पाया। अतिशय के लैपटॉप और मोबाइल फोन का डाटा डिलीट होने के पीछे कोई गहरा राज माना जा रहा है। इसकी जानकारी जुटाने के लिए सोमवार को टीपीनगर पुलिस ने लैपटॉप और मोबाइल फोन को डाटा रिकवर करने के लिए नई दिल्ली स्थित सीबीआई लैब भेजा है। वहीं, परिजनों और पुलिस ने स्कूल और ट्यूशन में पहुंचकर अतिशय के दोस्तों से जानकारी ली।
विज्ञापन
पंजाबी पुरा, टीपी नगर निवासी जीजी फार्म हाउस के मालिक मयंक जैन के बेटे अतिशय का विगत शुक्रवार अपहरण हो गया था। उसकी खोजबीन के चौतरफा प्रयास चल रहे हैं, लेकिन उसकी कोई सटीक लोकेशन नहीं मिल पा रही है। दिल्ली रोड स्थित बैंकों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में पुलिस को एक बच्चा यूनीफार्म पहनकर घूमते मिला था। जो पुलिस ने अतिशय की होने के का दावा किया। लेकिन परिजन ने इसे नकार दिया।
विज्ञापन
पुलिस के अनुसार अतिशय ने जाने से पहले अपने लैपटॉप और मोबाइल का डाटा डिलीट करने के साथ फेसबुक अकाउंट भी बंद कर दिया था। जिससे अंदेशा है इनमें कुछ ऐसा डाटा हो सकता है जो उसके लापता होने से जुड़ा हो। जिसे देखते हुए लैपटॉप, मोबाइल फोन नई दिल्ली स्थित सीबीआई लैब भेजा गया है। साथ ही अतिशय के एफबी दोस्तों की भी जानकारी की जा रही है।
विज्ञापन
लापता से पहले छात्रा को भेजे मेसेज
टीपी नगर पुलिस के मुताबिक अतिशय के एफबी अकाउंट में उसके स्कूल की एक छात्रा भी शामिल है, जिसेे उसने लापता होने से पहले मेसेज भेजे हैं। मेसेज में क्या-क्या भेजा, इसकी जानकारी के लिए पुलिस इस छात्रा से भी पूछताछ करेंगी। पुलिस का मानना है कि अतिशय के लापता होने का राज उसके दोस्तों को जरूर पता होगा। पुलिस ने सोमवार को अतिशय के परिजनों से दोस्तों से दोबारा की जानकारी ली। पुलिस और परिजनों ने स्कूल और कोचिंग सेंटर में जाकर दोस्तों से बातचीत की है। उधर, परिजनों का दावा है कि अतिशय अपनी ही गली से अगवा हुआ है। शायद ही उसके दोस्तों को जानकारी हो।
नजरें गेट और मोबाइल स्क्रीन पर
अपह्त अतिशय को लेकर परिवार की चिंता बढ़ती जा रही है। जैन समाज, भाजपा और व्यापारियों का सोमवार को भी मयंक जैन के घर पर तांता लगा रहा। परिजनों की निगाहें घर के मुख्य गेट और मोबाइल स्क्रीन पर टिकी है। परिजन प्रार्थना कर रहे हैं अतिशय अचानक से गेट पर प्रकट हो जाए या उसके मिलने की सूचना मोबाइल से मिल जाए। परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
कहीं दूर निकल गया
अतिशय की बरामदगी न होने पर पुलिस भी चिंतित है। चार दिन बाद भी उसकी जानकारी न लगने पर पुलिस अंदेशा जताने लगी है कि अतिशय शहर से कहीं दूर तो नहीं निकल गया। जिसको लेकर पुलिस की चार टीमें देहरादून, हरिद्वार, गाजियाबाद और दिल्ली पहुंच गई हैं। पुलिस ने लोकल में उसकी तलाश दोबारा से शुरू कर दी।