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मेडिकल कॉलेज के 13 डॉक्टर होंगे निलंबित
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Wed, 03 Feb 2016 02:23 AM IST
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अमर उजाला के पत्रकार निखिल अग्रवाल के साथ मेडिकल कॉलेज में हुए मारपीट प्रकरण में जिलाधिकारी पंकज यादव ने मंगलवार को बचत भवन में कॉलेज प्रशासन समेत जूनियर डॉक्टरों को फटकार लगाई। डीएम ने कहा कि यह मामला गैंगस्टर और रासुका की श्रेणी में आता है।
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लेकिन यहां पर बातचीत का आपको अंतिम मौका है। उन्होंने प्राचार्य डॉ. केके गुुप्ता से कहा कि वे मारपीट में लिप्त रहे चिकित्सकों पर अपने स्तर से कार्रवाई करें। नहीं तो प्रशासन स्वयं एक्शन लेगा। जिस पर प्राचार्य, सीएमएस और जूनियर डॉक्टरों ने माफी मांगने के साथ ही पूरे प्रकरण पर खेद जताया। इस मामले में दर्ज एफआईआर के आधार पर 13 जूनियर डॉक्टरों के निलंबन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
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गौरतलब है कि बीते बुधवार पैर में चोट लगने पर निखिल मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में इलाज कराने गए थे। जहां मामूली विवाद होने पर जूनियर डॉक्टरों ने उन्हें करीब तीन घंटे तक बंधकर बनाकर उनके साथ मारपीट की थी। जिसमें उन्हें काफी गंभीर चोटें आई। जिसको लेकर मीडिया और सामाजिक संगठनों में गहरा रोष था। दोषी जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कॉलेज प्रशासन पर लगातार दबाव पड़ रहा था।
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मंगलवार को बचत भवन में डीएम और एसएसपी डीसी दूबे की मौजूदगी में मीडिया और कॉलेज प्रशासन के बीच वार्ता हुई। इस दौरान जूनियर डॉक्टर भी मौजूद रहे। मीडिया की तरफ से पीडी शर्मा, दिनेश दिनकर, अभिषेक शर्मा, राजीव शर्मा, ब्रिजेश चौधरी ने जूनियर डॉक्टरों की अराजकता का मामला उठाया। कहा कि आए दिन मेडिकल कॉलेज में मारपीट के मामले हो रहे हैं।
अब मीडियाकर्मियों से भी मारपीट हो रही है तो फिर आम आदमी की स्थिति क्या रहती होगी, इसका आप अंदाजा लगा सकते है। ऐसे में जिला प्रशासन से उम्मीद की जाती है कि मारपीट में नामजद जूनियर डॉक्टरों और कॉलेज के उन अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें, जिनकी वजह से घटना हुई।
किसने दिया यह अधिकार
डीएम ने जूनियर डॉक्टरों से पूछा कि अगर पत्रकार की गलती थी तो फिर आपको उनके साथ मारपीट करने का अधिकार किसने दिया, वो भी भारी संख्या में गैंग बनाकर। गलती थी तो उन्हें पुलिस को क्यों नहीं सौंपा। समाज में आपको भगवान का दर्ज दिया जाता है। ऐसे व्यवहार की उम्मीद नहीं की जाती। डीएम के कड़े रुख पर जूनियर डॉक्टरों अरुण कुमार, अंकित वर्मा, अंशु, प्रेम, शिवम, इर्तजा, विनोद , अखिलेश, अजीत आदि जवाब तक नहीं दे पाए।
यह अंतिम मौका....
जूनियर डॉक्टरों ने अपनी विभागीय समस्या रखकर मामला मोड़ने की कोशिश की तो डीएम ने सख्त लहजे में कहा कि आप लोग इस तरह से अराजकता करोगे और फिर हड़ताल की धमकी देंगे तो यह जान लीजिए कि सभी 13 नामजद और सौ अज्ञात लोगों को जेल जाना होगा। गैंग बनाकर मारपीट करने का मामला गैंगस्टर की श्रेणी में आता है और आप सभी लोग इस दायरे में हैं। सारे घटनाक्रम को देखा जाए तो मामला रासुका का भी बनता है।
लेकिन आपको अंतिम मौका दिया जा रहा है। इसके बाद कोई बातचीत नहीं होगी और आप लोगों को जो बात करनी है बाहर जाकर अपने स्तर पर कर लें। उधर, एसएसपी ने कहा कि किसी को कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। अगर आपके भविष्य का सवाल ना होता तो अब तक आप सभी को जेल भेज दिया जाता। लेकिन आगे से ऐसी कोई घटना होती है तो किसी भी तरह की सहानुभूति की उम्मीद न रखें।
घटना के लिए शर्मिंदा हूं....
सारे मामले को लेकर प्राचार्य डॉ. केके गुप्ता ने कहा कि इस घटना के बाद मैं बेहद शर्मिंदा हूं। घटना के अगले ही दिन ये जूनियर डॉक्टर मेरे पास आए थे कि डीएम और एसएसपी से मिलने चलना है। लेकिन मैंने इन्हें सीधे तौर पर मना कर दिया था कि आप लोगों ने कुछ छोड़ा नहीं है। अब किस मुंह से अधिकारी के पास जाऊं।
नैतिकता के आधार पर दूंगा इस्तीफा
वार्ता के बीच में मीडिया के प्रतिनिधियों ने बार-बार मांग उठाई कि बीते तीन साल में ही मारपीट की घटनायें बढ़ी हैं और सीएमएस डॉ. सुभाष का उन्हें परोक्ष रूप से समर्थन है। इसलिए इन्हें हटाया जाना चाहिए। जिस पर डीएम ने सीएमएस से पूछा कि आपका क्या कहना है? सीएमएस ने जवाब में कहा कि घटना के वक्त मेरे पास फोन आया था और मुझे सूचना मिली थी कि कोई पत्रकार है और उसने फोटो खींचा है।
जिस पर मेरा यही कहना था कि उसका काम फोटो खींचने का है तो उसमें आप लोगों को क्या आपत्ति है? तत्काल इमरजेंसी में पहुंचा लेकिन मेरे सामने भी उसके साथ मारपीट हुई। सारे मामले की नैतिकता के साथ जिम्मेदारी लेता हूं और इसके लिए अपने पद से इस्तीफा दूंगा।
इमरजेंसी में तत्काल लगेंगे सीसी कैमरे
डीएम ने प्राचार्य को इमरजेंसी में तत्काल सीसीटीवी लगवाने के निर्देश दिए हैं। एसएसपी से कहा कि सुरक्षा के लिए इमरजेंसी में अतिरिक्त पुलिस कर्मी तैनात किये जाएं। इस दौरान मीडिया की तरफ से रवि प्रकाश तिवारी, संतोष शुक्ला, सिद्धार्थ, राजेंद्र शर्मा, मदन मौर्य, जीवन, विजय राजा, आबिद, विनय शर्मा, अविनाश, शशिकांत, खुर्रम व अन्य लोग मौजूद रहे।