फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   meerut crime news

कलक्ट्रेट में तीन युवकों ने खुद को आग लगाई

Fri, 22 Jan 2016 01:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ Updated Fri, 22 Jan 2016 01:57 AM IST
विज्ञापन
meerut crime news
कलक्ट्रेट में बृहस्पतिवार शाम तीन युवकों द्वारा खुद को केरोसिन छिड़ककर आग लगाने से सनसनी फैल गई। एटीएम में कैश लोड करने वाले ये युवक 74 लाख रुपये के गबन में आरोपों में फंसे थे। इनमें से एक युवक ने आत्मदाह की कोशिश से पहले जहरीले पदार्थ का भी सेवन किया। पुलिस अफसरों के अनुसार जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
विज्ञापन


पुलिस के अनुसार मेडिकल थानाक्षेत्र के कालियागढ़ी निवासी अनिल, सुनील और राजकुमार निवासी रामपुर नोएडा की लॉजीटेक कैश कंपनी में जॉब करते थे। यह कंपनी बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम में कैश लोड करने का काम करती है। कंपनी प्रत्येक माह एटीएम के कैश का ऑडिट करती है। जनवरी माह के ऑडिट में तीनों युवकों ने 74 लाख रुपये कम होने की बात बतायी थी।
विज्ञापन


इसका कारण उन्होंने बताया कि ये 74 लाख रुपये उन्होंने पीएनबी और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम में कैश लोड करने वाले सनवेश, राहत और इरशाद को दिए थे। सनवेश ने पीएनबी में ऑडिट होने की बात कहकर कैश लिया था। लेकिन कंपनी ने उसको निकाल दिया था। जिसके चलते उनका कैश फंस गया। वहीं, लॉजीटेक कंपनी अनिल, सुनील और राजकुमार पर कैश गबन करने का आरोप लगा रही है। इस मामले को लेकर एक सप्ताह से कंपनी और इन युवकों के बीच मीटिंग होती रही। लेकिन कैश वापस नहीं आया।
विज्ञापन
विज्ञापन


कंपनी ने कैश जमा न होने पर तीनों युवकों के खिलाफ सिविल लाइन थाने में गबन की रिपोर्ट दर्ज कराने की धमकी दी तो इन युवकों के साथ ही उनके परिजनों के होश उड़ गए। बृहस्पतिवार शाम करीब चार बजे अनिल, सुनील और राजकुमार एक ही बाइक पर कलक्ट्रेट पहुंचे और केरोसिन छिड़ककर खुद को आग लगा ली। पुलिस ने तीनों को आनन-फानन में जिला अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के अनुसार सुनील आठ, अनिल 12 और राजकुमार करीब 25 प्रतिशत तक झुलसा है। वहीं, अनिल द्वारा आत्मदाह की कोशिश से पहले जहरीले पदार्थ का सेवन किया गया। उधर, परिवार की महिलाओं ने जिला अस्पताल में जमकर हंगामा किया।


थाने के बजाए पहुंचे आग लगाने
एडीएम सिटी एसके दूबे का कहना है कि बैंक ऑफ बड़ौदा के एक एटीएम में 2.58 लाख रुपये कम मिले थे। ऑडिट के लिए बैंक और लॉजीटेक कंपनी के अधिकारियों ने इन तीनों युवकों को कई बार बुलाया। लेकिन जब इन्होंने कोई सहयोग नहीं दिया तो बृहस्पतिवार को बैंक और कंपनी अधिकारी सिविल लाइन थाने कार्रवाई के लिए पहुंचे थे। इसकी सूचना जब इन तीनों युवकों को मिली तो ये थाने आने के बजाए कलेक्ट्रेट पहुंच गए और खुद को आग लगा ली।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed