फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   meerut crime news

हत्याकांड का खुलासा कर दो, खोल देंगे बाजार

Wed, 13 Jan 2016 02:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ Updated Wed, 13 Jan 2016 02:18 AM IST
विज्ञापन
meerut crime news
किठौर में लूट के दौरान व्यापारी अंशुल अग्रवाल की हत्या के विरोध में बाजार दूसरे दिन मंगलवार को भी बंद रहे। व्यापारियों ने गिदौड़िया धर्मशाला में बैठक कर घटना के जल्द खुलासे की मांग की।
विज्ञापन


वहीं, कस्बे में जलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि घटना का खुलासा नहीं होने तक बाजार बंद रहेंगे।

गौरतलब है कि रविवार को किठौर-परीक्षितगढ़ मार्ग पर कस्बे के व्यापारी अंशुल अग्रवाल की स्विफ्ट कार सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। बदमाश अंशुल से करीब 10 लाख रुपये लूटकर फरार हो गए थे।
विज्ञापन


वारदात का खुलासा नहीं होने पर कस्बे का बाजार अनिश्चित रूप से बंद करने का निर्णय किया गया। कस्बे के सर्वसमाज के लोगों ने मंगलवार को भी प्रष्ठिान बंद रखे।
विज्ञापन
विज्ञापन


अखिल भारतीय वैश्य महासभा के जिलाध्यक्ष पदमसैन मित्तल के नेतृत्व में समाज के लोग गिदौड़िया धर्मशाला में एकत्रित हुए। उन्होंने अंशुल अग्रवाल की हत्या पर शोक जताया। कहा कि पुलिस ने यदि घटना का शीघ्र खुलासा नहीं किया तो अखिल भारतीय वैश्य महासभा उग्र आंदोलन करेगी।

इसके बाद भाजपा नेता अमित मोहन टीपू, गुल्लू पधान, सत्यप्रकाश गौतम, लोकेश गर्ग युवा सपा नेता सचिन यादव, इंतजार अली के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने घटना का विरोध प्रकट करते हुए मौन जलूस निकला और प्रतिष्ठान बंद कराए।

48 घंटे बाद भी वारदात का खुलासा नहीं
पुलिस अंशुल की हत्या का 48 घंटे बाद भी खुलासा नहीं कर सकी है। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि अगर मंगलवार देर सायं तक हत्यारोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई तो अनिश्चितकालीन बंद कर उग्र आंदोलन किया जाएगा।

एसओ किठौर को हटाने की मांग
भाजपा जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा, पूर्व विधायक गोपाल काली, पूर्व विधायक अतुल खटीक आदि ने थाने का घेराव किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

इन्होंने एसओ किठौर को तत्काल में हटाने की मांग की। वहीं, थाने में सीओ किठौर ने भाजपा नेताओं से वार्ता कर घटना के जल्द खुलासे का आश्वासन दिया।

नेताओं का जमावड़ा
रालोद जिलाध्यक्ष यशवीर सिंह, रालोद युवा जिलाध्यक्ष बिजेन्द्र भाटी, सुनील रोहटा, नरेन्द्र खजूरी, संजय जाटव, कांग्रेस जिलाध्यक्ष विनय प्रधान, सत्यप्रकाश गौतम, पवन शर्मा, सरताज अली समेत सैकड़ों नेताओं ने पीड़ित परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने आश्वासन दिया कि बुधवार को आईजी से मिलकर घटना के खुलासे की मांग करेंगे।
 
महिलाएं सड़कों पर उतरेंगी
अखिल भारतीय विद्या समिति की अध्यक्ष पूनम रूहेला ने निर्णय किया कि अगर पुलिस प्रशासन ने 12 घंटे के भीतर अंशुल के हत्यारों को गिरफ्तार नहीं किया तो सैकड़ों महिलाएं सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगी। वे थाने का घेराव कर घटना के खुलासे की मांग करेंगी।

कैंडल मार्च निकाला 
सुभाष चौक पर व्यापारियो ने अंशुल की हत्या के विरोध में कैंडल मार्च निकाला और पुलिस-प्रशासन से घटना के खुलासे की मांग की।

अंशुल मर्डर में नौ करोड़ का लुटेरा
परीक्षितगढ़ के युवा व्यापारी अंशुल अग्रवाल की लूट के साथ हत्या के मामले में पुलिस पूरी तरह से खाली हाथ है। लेकिन इस मामले में अमर उजाला की पड़ताल में चौंकाने वाले नाम चर्चा में आ रहे हैं।

हत्या के तार कहीं बाहर नहीं बल्कि परीक्षितगढ़ से जुड़े माने जा रहे हैं। जिस तरह यह सनसनीखेज वारदात हुई, वह इस तरफ ठोस इशारा कर रही है कि लूट करने वाले बदमाशों में से किसी को अंशुल ने पहचान लिया था।

कहा जा रहा है कि अंशुल को मारने वाले बदमाशों में से एक परीक्षितगढ़ का ही रहने वाला है। जो बरेली में हुई नौ करोड़ रुपये की लूट के मामले में फरार चल रहा है।

तीन दिन थी यहीं लोकेशन
बरेली के श्रीराम ज्वैलर्स के यहां विगत 16 नवंबर को करीब नौ करोड़ रुपये के जेवरात और नगदी की लूट हुई थी। इस लूट का बरेली पुलिस ने जब खुलासा किया तो मेरठ के पांच बदमाशों के नाम सामने आए थे।

इनमें तीन बदमाश परीक्षितगढ़ के हैं। इन्हीं में से एक बदमाश अभी तक फरार चल रहा है। कस्बे में चर्चा है कि उक्त बदमाश सात जनवरी से 10 जनवरी की सुबह तक परीक्षितगढ़, गांवड़ा और बड़ा गांव के जंगल में स्विफ्ट कार के साथ देखा गया।

इसके साथ दो से तीन युवक और भी थे। चूंकि अंशुल हत्याकांड में भी स्विफ्ट कार में बदमाश होने की बात कही जा रही है तो पूरा संदेह है कि उक्त बदमाश ने घटना को अंजाम दिया है। चूंकि अंशुल हीं नहीं उक्त गिरोह कस्बे के तमाम व्यापारियों के आने-जाने और व्यापारिक क्षेत्र से वाकिफ है।

नया गैंग बना है मुसीबत
इस नौ करोड़ की लूट में वांछित बदमाश ने अपना नया गैंग बनाया है। पहले कितनी घटनाएं इसने की हैं, इसकी जानकारी नहीं है। क्योंकि बरेली की घटना के बाद ही यह चर्चा में आया है।

बताया जाता है कि इस बदमाश ने तेजी से अपना गैंग तैयार किया है। जिसमें कस्बे और आसपास के गांवों के आधा दर्जन युवकों के साथ कुछ बाहर के बदमाश भी शामिल किए हुए हैं।

पुलिस कर रही खानापूर्ति
कस्बे के लोगों में इस बार रोष है कि किठौर और परीक्षितगढ़ पुलिस इस मामले में खानापूर्ति कर रही हैं। हालांकि मामला किठौर क्षेत्र का है, लेकिन यह तय माना जा रहा है कि बदमाशों के तार परीक्षितगढ़ से जुड़े हैं। परीक्षितगढ़ पुलिस ने अभी तक चार युवकों को हिरासत में लिया है।

लेकिन वह चारो ही गली के गुंडा टाईप है। जिनसे इतनी बड़ी वारदात की उम्मीद नहीं की जा रही है। ऐसे में पुलिस की यह कार्रवाई सिर्फ जनता के आक्रोश को ठंडा करने मात्र की नजर आ रही है।

यह था मामला
परीक्षितगढ़ के घी, तेल और चीनी के थोक व्यापारी अंशुल अग्रवाल की बीती 9 जनवरी की शाम किठौर कस्बे के पास बदमाशों ने गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। बदमाशों ने व्यापारी से 10 लाख रुपये भी लूटे थे।

जिस तरह इस घटना को अंजाम दिया गया, उससे साफ है कि अंशुल ने बदमाशों में से किसी को पहचान लिया था। क्योंकि वारदात से पहले अंशुल ने बदमाशों की गाड़ी को देखकर अपनी कार दौड़ाने की कोशिश की थी, लेकिन भैंसा बुग्गी सामने आने पर अंशुल मौत के चक्र में फंस गया था।

चार लोगों को हिरासत में लिया
किठौर। घी व्यापारी अंशुल अग्रवाल हत्याकांड के खुलासे के लिए मंगलवार को एसपी देहात ने किठौर थाने में पुलिस अधिकारियों की बैठक ली। साथ ही टीमों का गठन कर हत्याकांड के शीघ्र खुलासे की रणनीति बनाई। उधर, पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को हिरासत में लिया है।

 
बता दें कि अंशुल अग्रवाल की रविवार सरेआम नृशंस हत्या कर दी गई थी। पुलिस की मानें तो अभी तक जांच में पाया गया है की अंशुल किठौर और शाहजहांपुर से उगाही करके वहीं दुकानदारों के पास रखकर जाता था। हत्या के दिन अंशुल कैश ले गया था या नहीं उसको लेकर भी जांच चल रही है।


पुलिस का कहना है कि बदमाश पेशेवर लग रहे हैं, क्योंकि उन्होंने अंशुल का आबादी में घुसने के बाद भी पीछा नहीं छोड़ा और सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी। एसपी देहात एमएम बेग के मुताबिक बदमाशों द्वारा अंशुल का आबादी तक पीछा करना और घटना को अंजाम देना मात्र हत्या करना भी प्रतीक होता है,

लेकिन अगर हत्या करना ही उनका मकसद था तो वह उसको जिंदा क्यों छोड़ गए। इस गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस की एक्सपर्ट टीम लगाई गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed