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पूर्व विधायक की थी मेरठ में प्रधानजी से मिली चोरी की स्कॉर्पियो
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Tue, 13 Sep 2016 07:32 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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परीक्षितगढ़ के चितवाना ग्राम प्रधानपति सोनू गुर्जर से मिली चोरी की स्कॉर्पियो गाड़ी कालपी के बसपा के पूर्व विधायक की निकली। स्कार्पियो 2011 में लखनऊ से चोरी हुई थी, जिसका केस गोमतीनगर थाने में दर्ज है। बड़ा सवाल है कि प्रधानपति के पास यह गाड़ी कैसे पहुंची। इसका खुलासा जांच पड़ताल के बाद होगा।
पुलिस लाइन में विगत शनिवार ईद को लेकर आयोजित शांति समिति की बैठक में सोनू गुर्जर इस स्कॉर्पियो से पहुंचा था। जिसकी नंबर प्लेट पर बाइक का नंबर पड़ा था। एसपी ट्रैफिक किरण यादव ने जांच के बाद स्कॉर्पियो को कब्जे में लेकर प्रधानपति को गिरफ्तार कराकर जेल भिजवा दिया था।
पुलिस ने सोमवार को स्कॉर्पियो की जांच पड़ताल की तो वह कालपी जालौन निवासी छोटे सिंह चौहान की निकली। छोटे सिंह कालपी जालौन से 2007 में बसपा विधायक चुने गए थे। इस बार भी बसपा से कालपी से प्रत्याशी हैं। पूर्व विधायक ने बताया कि 2011 में उनकी स्कॉर्पियो लखनऊ से चोरी हुई थी। जिसका मुकदमा लखनऊ के गोमतीनगर थाने में दर्ज है। पुलिस ने बताया कि स्कॉर्पियो 2009 मॉडल की है।
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पांच माह से थी पास
प्रधानपति सोनू गुर्जर के पास मिली गाड़ी चोरी की निकलने के साथ बदनामी का दाग भी लग गया। करीब पांच माह से प्रधानपति इस गाड़ी से घूम रहा था। पुलिस ने बताया कि सोनू गुर्जर परीक्षितगढ़ कस्बा स्थित एक बैंक में कर्मचारी था। रोजाना बैंक भी इसकी गाड़ी से आता था। सवाल है कि पुलिस को इसका पता क्यों नहीं चला।
कैसे पहुंची गाड़ी
पूर्व विधायक की चोरी हुई स्कॉर्पियो प्रधानपति तक कैसे पहुंची, इसका खुलासा होना अभी बाकी है। जेल जाने से पहले प्रधानपति ने बताया था कि उसने यह गाड़ी एक रिश्तेदार से दो लाख रुपये में खरीदी थी। सवाल उठता है कि आखिर उस रिश्तेदार के पास भी यह स्कॉर्पियो कहां से आई। पुलिस एक के बाद एक कड़ी जोड़ कर गाड़ियों की चोरी करने वाले गिरोह तक पहुंचेगी।
एसपी ट्रैफिक किरण यादव ने बताया कि प्रधानपति से मिली स्कॉर्पियो कालपी जालौन के बसपा पूर्व विधायक की है। जो पांच साल पहले लखनऊ से चोरी हुई थी। सिविल लाइन पुलिस चोरी करने वाला गैंग की जांच कर रही है।
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पुलिस लाइन में विगत शनिवार ईद को लेकर आयोजित शांति समिति की बैठक में सोनू गुर्जर इस स्कॉर्पियो से पहुंचा था। जिसकी नंबर प्लेट पर बाइक का नंबर पड़ा था। एसपी ट्रैफिक किरण यादव ने जांच के बाद स्कॉर्पियो को कब्जे में लेकर प्रधानपति को गिरफ्तार कराकर जेल भिजवा दिया था।
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पुलिस ने सोमवार को स्कॉर्पियो की जांच पड़ताल की तो वह कालपी जालौन निवासी छोटे सिंह चौहान की निकली। छोटे सिंह कालपी जालौन से 2007 में बसपा विधायक चुने गए थे। इस बार भी बसपा से कालपी से प्रत्याशी हैं। पूर्व विधायक ने बताया कि 2011 में उनकी स्कॉर्पियो लखनऊ से चोरी हुई थी। जिसका मुकदमा लखनऊ के गोमतीनगर थाने में दर्ज है। पुलिस ने बताया कि स्कॉर्पियो 2009 मॉडल की है।
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पांच माह से थी पास
प्रधानपति सोनू गुर्जर के पास मिली गाड़ी चोरी की निकलने के साथ बदनामी का दाग भी लग गया। करीब पांच माह से प्रधानपति इस गाड़ी से घूम रहा था। पुलिस ने बताया कि सोनू गुर्जर परीक्षितगढ़ कस्बा स्थित एक बैंक में कर्मचारी था। रोजाना बैंक भी इसकी गाड़ी से आता था। सवाल है कि पुलिस को इसका पता क्यों नहीं चला।
कैसे पहुंची गाड़ी
पूर्व विधायक की चोरी हुई स्कॉर्पियो प्रधानपति तक कैसे पहुंची, इसका खुलासा होना अभी बाकी है। जेल जाने से पहले प्रधानपति ने बताया था कि उसने यह गाड़ी एक रिश्तेदार से दो लाख रुपये में खरीदी थी। सवाल उठता है कि आखिर उस रिश्तेदार के पास भी यह स्कॉर्पियो कहां से आई। पुलिस एक के बाद एक कड़ी जोड़ कर गाड़ियों की चोरी करने वाले गिरोह तक पहुंचेगी।
एसपी ट्रैफिक किरण यादव ने बताया कि प्रधानपति से मिली स्कॉर्पियो कालपी जालौन के बसपा पूर्व विधायक की है। जो पांच साल पहले लखनऊ से चोरी हुई थी। सिविल लाइन पुलिस चोरी करने वाला गैंग की जांच कर रही है।