फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   meat caught in meerut

70 कुंतल मांस पकड़ा, हंगामा

Sun, 04 Oct 2015 02:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ Updated Sun, 04 Oct 2015 02:26 AM IST
विज्ञापन
meat caught in meerut
दिल्ली रोड स्थित बिजली बंबा बाईपास पर शनिवार को मांस से भरी डीसीएम और टाटा मैजिक पकड़ी गई। मीट मुजफ्फरनगर से हापुड़ रोड स्थित एक फैक्ट्री में लाया जा रहा था। पुलिस ने पशु चिकित्सकों को बुलाकर मीट की जांच कराई। पुलिस देर रात तक मामले की जांच में जुटी रही। मीट अवैध बताया गया है।
विज्ञापन


मुजफ्फरनगर सदर इलाके से एक डीसीएम और एक टाटा मैजिक गाड़ी करीब 70 कुंतल मीट लेकर मेरठ-हापुड़ रोड स्थित एक फैक्ट्री में आ रही थी। पुलिस कंट्रोल रूम को एक भाजपा नेता ने इसकी सूचना दी। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस ने बिजली बंबा बाईपास पर मांस से भरी गाड़ियां पकड़ लीं।
विज्ञापन


ब्रह्मपुरी थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंची। ड्राइवरों ने बताया कि दोनों गाड़ियों में भैंस का मीट है, जिसे हापुड़ रोड स्थित फैक्ट्री में ले जा रहे हैं। ड्राइवरों ने मुजफ्फरनगर की पशु वधशाला के वेटनरी ऑफिसर डॉ. नरवीर सिंह की रिपोर्ट भी पुलिस को दिखाई। इसमें 20 भैंसों के पोस्टमार्टम की रिपोर्ट थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


मामला संदिग्ध बताकर पुलिस दोनों गाड़ियों को माधवपुरम पुलिस चौकी पर ले आई। वहीं मामले में चालक शाहआलम, अमजद निवासी खालापार मुजफ्फरनगर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की।

मीट खाने लायक भी नहीं
पुलिस ने पशु वधशाला वेटनरी ऑफिसर डॉ. संजय चतुर्वेदी को बुलाकर मांस की जांच कराई। डॉ. चतुर्वेदी ने बताया कि मांस खाने लायक नहीं है। कटा हुआ मांस इस तरीके से दूसरे जिलों में नहीं भेजा जा सकता।

गोमांस बताकर हंगामा
मीट से भरी दो गाड़ियां पकड़ने की सूचना पर सच संस्था अध्यक्ष संदीप पहल कार्यकर्ताओं के साथ माधवपुरम पुलिस चौकी पहुंचे। उन्होंने मीट को गोमांस बताकर हंगामा किया। पुलिस ने मांस का सैंपल मथुरा लैब में भेजने की बात कही।

ट्रैफिक पुलिस मोहरा क्यों?
ब्रह्मपुरी पुलिस ट्रैफिक पुलिस को जबरन मोहरा बनाना चाहती है। पुलिस ने दोनों ट्रैफिक सिपाहियों को थाने बुलाया और पूछताछ की। सवाल किए कि तुमने मांस की गाड़ी किस अधिकार से पकड़ी। पुलिस कंट्रोल रूम या किसी अधिकारी को सूचना क्यों नहीं दी। दोनों सिपाहियों ने बताया एक युवक ने चौराहे पर आकर बताया था कि पीछे जो गाड़ियां आ रही हैं, उनमें मांस भरा है। तभी गाड़ी पकड़ी।


डॉक्टर की रिपोर्ट भी झूठी
पुलिस ने मुजफ्फरनगर के पशु वधशाला वेटनरी ऑफिसर डॉ. नरवीर सिंह से फोन पर बात की और मामले की जानकारी ली। पुलिस के मुताबिक, डॉ. सिंह ने बताया कि उन्होंने ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed