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लूट के विरोध में प्रधान की पुत्रवधू की हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 20 May 2016 02:32 AM IST
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मवाना परीक्षतगढ़ मार्ग पर महिला की गोली मारकर हत्या
- फोटो : अमर उजाला
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परीक्षितगढ़-मवाना मार्ग पर कार सवार बदमाशों ने दिनदहाड़े सनसनीखेज वारदात को अंजाम दे डाला। लूट का विरोध करने पर सोना गांव के प्रधान की पुत्रवधू की सीने से तमंचा सटाकर गोली मारकर हत्या कर दी, जबकि बेटे को गंभीर रूप से घायल कर दिया। बदमाश 25 हजार रुपये लूटकर फरार हो गए। मौके पर पहुंचे एसपी देहात ने घटना के कारणों को प्रथम दृष्टया संदिग्ध बताया है।
परीक्षितगढ़ थाना अंतर्गत गांव सोना के प्रधान सत्यवीर सिंह के पुत्र विजेंद्र उर्फ अंजू (25) ने बताया कि वह बृहस्पतिवार दोपहर करीब 2:30 बजे पत्नी रजनी (23) और एक साल की बेटी प्रिंसी के साथ अपनी ससुराल हंसापुर गांव जा रहा था। परीक्षितगढ़-मवाना मार्ग स्थित गांव बहादरपुर के समीप उसकी बेटी को प्यास लगी। इस पर वह सेंट्रो कार को सड़क के किनारे रोककर पास ही ट्यूबवेल से पानी लाने के लिए उतरा।
इसी दौरान परीक्षितगढ़ की तरफ से आए कार सवार बदमाशों ने विजेंद्र और रजनी को गन प्वाइंट पर लेते हुए लूटपाट करनी शुरू कर दी। दंपति के विरोध करने पर बदमाशों ने रजनी के सीने से तमंचा सटाकर गोली मार दी, जो सीधे उसके दिल को चीरते हुए निकल गई। इस पर विजेंद्र बदमाशों से भिड़ गया। बदमाशों ने विजेंद्र के पैर में पिस्टल से दो गोलियां मारीं। वारदात के बाद बदमाश 25 हजार रुपये लूटकर फरार हो गए।
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राहगीरों की मदद से विजेंद्र रजनी को लेकर परीक्षितगढ़ के ही निजी अस्पताल पहुंचा, जहां चिकित्सकों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। इस बीच सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। दंपति को गढ़ रोड स्थित आनंद अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने रजनी को मृत घोषित कर दिया, जबकि विजेंद्र को भर्ती कर लिया गया।
परिवार में मचा कोहराम
गांव सोना में जब रजनी की हत्या और विजेंद्र के घायल होने की जानकारी पहुंची तो परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था। परिजन तुरंत अस्पताल पहुंच गए। परिजनों का कहना था कि विजेंद्र तो ससुराल जाने की बात कहकर निकला था, ऐसे में अचानक ऐसे कैसे हो गया। विजेंद्र के बड़े भाई ब्रजवीर ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
मौके पर नहीं मिला खून : एसपी
शाम करीब 6 बजे एसपी देहात डॉ. प्रवीन कुमार रंजन फोरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। मौका-ए-वारदात का बारीकी से निरीक्षण करने के बाद एसपी देहात ने घटना और उसके कारणों को प्रथम दृष्टया संदिग्ध बताया। एसपी के अनुसार विजेंद्र ने जिस स्थान पर घटना होना बताया है, वहां खून के निशान नहीं मिले है। जबकि सीने और पैर में गोलियां लगने पर खून जरूर बहना चाहिए था। जांच की जा रही है, जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।
दो दिन में खुलासा नहीं तो आंदोलन
ग्राम प्रधान की पुत्रवधू की दिनदहाड़े हत्या पर रोष जताते हुए राष्ट्रीय पंचायतीराज ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा ने पुलिस से दो दिन में घटना का खुलासा करने की मांग की। चेतावनी दी है कि खुलासा न होने पर संगठन जिला मुख्यालय पर आंदोलन करेगा।
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परीक्षितगढ़ थाना अंतर्गत गांव सोना के प्रधान सत्यवीर सिंह के पुत्र विजेंद्र उर्फ अंजू (25) ने बताया कि वह बृहस्पतिवार दोपहर करीब 2:30 बजे पत्नी रजनी (23) और एक साल की बेटी प्रिंसी के साथ अपनी ससुराल हंसापुर गांव जा रहा था। परीक्षितगढ़-मवाना मार्ग स्थित गांव बहादरपुर के समीप उसकी बेटी को प्यास लगी। इस पर वह सेंट्रो कार को सड़क के किनारे रोककर पास ही ट्यूबवेल से पानी लाने के लिए उतरा।
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इसी दौरान परीक्षितगढ़ की तरफ से आए कार सवार बदमाशों ने विजेंद्र और रजनी को गन प्वाइंट पर लेते हुए लूटपाट करनी शुरू कर दी। दंपति के विरोध करने पर बदमाशों ने रजनी के सीने से तमंचा सटाकर गोली मार दी, जो सीधे उसके दिल को चीरते हुए निकल गई। इस पर विजेंद्र बदमाशों से भिड़ गया। बदमाशों ने विजेंद्र के पैर में पिस्टल से दो गोलियां मारीं। वारदात के बाद बदमाश 25 हजार रुपये लूटकर फरार हो गए।
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राहगीरों की मदद से विजेंद्र रजनी को लेकर परीक्षितगढ़ के ही निजी अस्पताल पहुंचा, जहां चिकित्सकों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। इस बीच सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। दंपति को गढ़ रोड स्थित आनंद अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने रजनी को मृत घोषित कर दिया, जबकि विजेंद्र को भर्ती कर लिया गया।
परिवार में मचा कोहराम
गांव सोना में जब रजनी की हत्या और विजेंद्र के घायल होने की जानकारी पहुंची तो परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था। परिजन तुरंत अस्पताल पहुंच गए। परिजनों का कहना था कि विजेंद्र तो ससुराल जाने की बात कहकर निकला था, ऐसे में अचानक ऐसे कैसे हो गया। विजेंद्र के बड़े भाई ब्रजवीर ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
मौके पर नहीं मिला खून : एसपी
शाम करीब 6 बजे एसपी देहात डॉ. प्रवीन कुमार रंजन फोरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। मौका-ए-वारदात का बारीकी से निरीक्षण करने के बाद एसपी देहात ने घटना और उसके कारणों को प्रथम दृष्टया संदिग्ध बताया। एसपी के अनुसार विजेंद्र ने जिस स्थान पर घटना होना बताया है, वहां खून के निशान नहीं मिले है। जबकि सीने और पैर में गोलियां लगने पर खून जरूर बहना चाहिए था। जांच की जा रही है, जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।
दो दिन में खुलासा नहीं तो आंदोलन
ग्राम प्रधान की पुत्रवधू की दिनदहाड़े हत्या पर रोष जताते हुए राष्ट्रीय पंचायतीराज ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा ने पुलिस से दो दिन में घटना का खुलासा करने की मांग की। चेतावनी दी है कि खुलासा न होने पर संगठन जिला मुख्यालय पर आंदोलन करेगा।