{"_id":"57e56d114f1c1b9275a82284","slug":"kukhyaat-monu-jaat","type":"story","status":"publish","title_hn":"रंगदारी न देने पर 12 लोगों की कर चुका है हत्या, ऐलानिया करता है मर्डर","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
रंगदारी न देने पर 12 लोगों की कर चुका है हत्या, ऐलानिया करता है मर्डर
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Sat, 24 Sep 2016 03:58 PM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रंगदारी न देने पर रोहटा गांव में दंपति समेत तीन लोगों की हत्या कर सनसनी फैलाने वाले कुख्यात मोनू जाट पर 50 हजार का इनाम घोषित किया गया है। मोनू ने बृहस्पतिवार रात घर में घुसकर चमड़ा व्यापारी को गोलियों से छलनी कर दिया था। शुक्रवार को ग्रामीणों ने शव रखकर जाम लगा दिया। पुलिस अफसरों को घेरकर मोनू के एनकाउंटर की मांग कर डाली। रंगदारी न देने पर अब तक वह 12 लोगों की हत्या कर चुका है।
चमड़ा व्यापारी सुरेश का शव पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार शाम रोहटा गांव लाया गया तो परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए 10 लाख रुपये मुआवजे की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि कुख्यात मोनू ने थाने से महज चार सौ मीटर दूर वारदात को अंजाम दिया। ऐसा करके मोनू ने गांव में तैनात पुलिस और पीएसी को खुली चुनौती दी है। यदि पुलिस रात में ही मोनू की तलाश करती तो शायद वह पकड़ा जाता।
एनकाउंटर करो तो खोलेंगे जाम
ग्रामीणों ने कहा कि मोनू जाट को बृहस्पतिवार दोपहर अमानुल्लापुर के जंगल में देखा गया था। इसके बाद भी पुलिस ने लापरवाही बरती। सैकड़ों लोगों ने एसपी देहात प्रवीन रंजन को घेरकर कहा कि जब तक मोनू का एनकाउंटर नही होगा, जाम नहीं खोला जाएगा। घंटों तक चले बवाल के बाद एसपी देहात ने आर्थिक सहायता और मोनू पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान रालोद नेता सुनील रोहटा, राजकुमार सांगवान, बसपा नेता नदीम चौहान, सतपाल पेपला मौजूद रहे।
विज्ञापन
10 गोलियां लगीं
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार चमड़ा व्यापारी सुरेश की गोलियां बरसाकर हत्या की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार उसे .32 बोर की नौ जबकि एक गोली 315 बोर की लगी थी।
गांवों में बंटे पंफलेट
मोनू ने 15 दिन पहले रंगदारी न देने पर किसान दंपति शीशपाल और संतोष की हत्या कर दी थी। इसके बाद चमड़ा व्यापारी सुरेश को मार डाला। मोनू पर पहले आईजी जोन की तरफ से 15 हजार का इनाम था, जो उसके आतंक को देखते हुए डीजीपी की तरफ से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया। शुक्रवार को रोहटा और आसपास के गांवों में मोनू के फोटो लगे पंफलेट बंटवाए गए। पुलिस ने ग्रामीणों से उसकी सूचना देने की अपील की।
ऊधम की घुट्टी पीकर उतरा जरायम में
आठ साल पहले उधम सिंह से जरायम की घुट्टी पीने वाला मोनू जाट 50 हजारी हो चुका है। उसका आतंक इतना है कि रोहटा गांव में कोई भी पुलिस अफसरों के सामने आवाज निकालने की हिम्मत नहीं जुटा रहा। एक पुलिस अधिकारी के अनुसार रोहटा गांव के इंजन मिस्त्री कंवरपाल सिंह का बड़ा बेटा अमित उर्फ मोनू जाट 2008 में ऊधम सिंह के नजदीक आ गया था।
करनावल निवासी शिक्षक को गोली मारने में मोनू का नाम रोहटा के भरतू नाई के साथ सामने आया था। उसके बाद भरतू और मोनू ने गैंग खड़ा कर रंगदारी मांगनी शुरू कर दी। रंगदारी न देने पर रोहटा में व्यापारी विमल जैन और एक प्याज व्यापारी की हत्या कर डाली। पुलिस ने किसी तरह भरतू नाई को दबोचकर जेल भेजा तो अब मोनू आतंक का पर्याय बन चुका है। मोनू पर हत्या, लूट, रंगदारी, धमकी देने और बलवे के एक दर्जन केस दर्ज हैं। बताते हैं कि शार्प शूटर मोनू नशा करने के बाद वारदात करता है। मोनू ने तीन अन्य शूटर भी अपने गिरोह में शामिल कर लिए हैं।
दो दरोगाओं को खास जिम्मेदारी
सूत्रों के अनुसार मोनू की तलाश में दो दरोगाओं को खास जिम्मेदारी दी गई है। इनमें एक दरोगा शहर में थाना प्रभारी रह चुका है और वर्तमान में पुलिस लाइन में है।
विज्ञापन
चमड़ा व्यापारी सुरेश का शव पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार शाम रोहटा गांव लाया गया तो परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए 10 लाख रुपये मुआवजे की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि कुख्यात मोनू ने थाने से महज चार सौ मीटर दूर वारदात को अंजाम दिया। ऐसा करके मोनू ने गांव में तैनात पुलिस और पीएसी को खुली चुनौती दी है। यदि पुलिस रात में ही मोनू की तलाश करती तो शायद वह पकड़ा जाता।
विज्ञापन
एनकाउंटर करो तो खोलेंगे जाम
ग्रामीणों ने कहा कि मोनू जाट को बृहस्पतिवार दोपहर अमानुल्लापुर के जंगल में देखा गया था। इसके बाद भी पुलिस ने लापरवाही बरती। सैकड़ों लोगों ने एसपी देहात प्रवीन रंजन को घेरकर कहा कि जब तक मोनू का एनकाउंटर नही होगा, जाम नहीं खोला जाएगा। घंटों तक चले बवाल के बाद एसपी देहात ने आर्थिक सहायता और मोनू पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान रालोद नेता सुनील रोहटा, राजकुमार सांगवान, बसपा नेता नदीम चौहान, सतपाल पेपला मौजूद रहे।
विज्ञापन
10 गोलियां लगीं
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार चमड़ा व्यापारी सुरेश की गोलियां बरसाकर हत्या की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार उसे .32 बोर की नौ जबकि एक गोली 315 बोर की लगी थी।
गांवों में बंटे पंफलेट
मोनू ने 15 दिन पहले रंगदारी न देने पर किसान दंपति शीशपाल और संतोष की हत्या कर दी थी। इसके बाद चमड़ा व्यापारी सुरेश को मार डाला। मोनू पर पहले आईजी जोन की तरफ से 15 हजार का इनाम था, जो उसके आतंक को देखते हुए डीजीपी की तरफ से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया। शुक्रवार को रोहटा और आसपास के गांवों में मोनू के फोटो लगे पंफलेट बंटवाए गए। पुलिस ने ग्रामीणों से उसकी सूचना देने की अपील की।
ऊधम की घुट्टी पीकर उतरा जरायम में
आठ साल पहले उधम सिंह से जरायम की घुट्टी पीने वाला मोनू जाट 50 हजारी हो चुका है। उसका आतंक इतना है कि रोहटा गांव में कोई भी पुलिस अफसरों के सामने आवाज निकालने की हिम्मत नहीं जुटा रहा। एक पुलिस अधिकारी के अनुसार रोहटा गांव के इंजन मिस्त्री कंवरपाल सिंह का बड़ा बेटा अमित उर्फ मोनू जाट 2008 में ऊधम सिंह के नजदीक आ गया था।
करनावल निवासी शिक्षक को गोली मारने में मोनू का नाम रोहटा के भरतू नाई के साथ सामने आया था। उसके बाद भरतू और मोनू ने गैंग खड़ा कर रंगदारी मांगनी शुरू कर दी। रंगदारी न देने पर रोहटा में व्यापारी विमल जैन और एक प्याज व्यापारी की हत्या कर डाली। पुलिस ने किसी तरह भरतू नाई को दबोचकर जेल भेजा तो अब मोनू आतंक का पर्याय बन चुका है। मोनू पर हत्या, लूट, रंगदारी, धमकी देने और बलवे के एक दर्जन केस दर्ज हैं। बताते हैं कि शार्प शूटर मोनू नशा करने के बाद वारदात करता है। मोनू ने तीन अन्य शूटर भी अपने गिरोह में शामिल कर लिए हैं।
दो दरोगाओं को खास जिम्मेदारी
सूत्रों के अनुसार मोनू की तलाश में दो दरोगाओं को खास जिम्मेदारी दी गई है। इनमें एक दरोगा शहर में थाना प्रभारी रह चुका है और वर्तमान में पुलिस लाइन में है।