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गंगानगर में रेस्टोरेंट संचालक की हत्या
Updated Wed, 09 Dec 2015 02:22 AM IST
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मेरठ/गंगानगर। गंगानगर डिवाइडर रोड स्थित फ्लेवर ऑफ इंडिया रेस्टोरेंट के संचालक की मंगलवार दिनदहाड़े कार सवार चार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी।
पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। पुलिस लेनदेन का विवाद मानकर चल रही है। पुलिस ने इस प्रकरण में संचालक के दोस्त संजय और दीपक को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि रेस्टोरेंट के दो नौकरों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के अनुसार मूल रूप से जिला बुलंदशहर के बीबीनगर थाना क्षेत्र के गांव वलीपुर निवासी सुशील चौधरी (30) पुत्र हरेंद्र गंगानगर एल ब्लॉक में बड़े भाई पुष्पेंद्र और मां राजवीरी के साथ रहता था। सुशील का दोस्त संजय निवासी गंगानगर दोपहर करीब डेढ़ बजे उसके घर पहुंचा।
संजय इसके बाद सुशील को लेकर करीब पौने दो बजे अपनी सफेद रंग की कार से सुशील के गंगानगर डिवाइडर रोड स्थित रेस्टोरेंट पहुंचा था। सुशील रेस्टोरेंट से खाना मंगवाकर कार में ही खाने लगा। इस बीच वहां पहले से स्विफ्ट कार में मौजूद दो बदमाश उसके पास पहुंचे, जबकि दो कार में बैठे रहे। करीब पांच मिनट की बातचीत के बाद नोकझोंक होने पर कार में बैठे बदमाश भी बाहर आ गए और सभी ने सुशील की पिटाई शुरू कर दी।
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इसी बीच एक बदमाश स्विफ्ट कार से रायफल निकाल लाया और सुशील को जान से मारने की धमकी दी। बदमाशों से पिट रहे सुशील ने छोड़ने की मिन्नत की, लेकिन वे नहीं माने और कार में धकेल कर उसकी पिटाई शुरू कर दी। किसी तरह जान बचाकर सुशील रेस्टोरेंट के अंदर भागा तो बदमाश भी उसके पीछे रेस्टोरेंट गए और एक बदमाश ने सुशील के सीने में गोली मार दी।
चारों बदमाश कार लेकर मवाना रोड की तरफ फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल सुशील ने सुशीला जसवंत राय अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया। एसएसपी डीसी दूबे का कहना है कि रुपये के लेनदेन को लेकर आपसी विवाद में व्यापारी की हत्या की गई है। कुछ अहम सुराग मिले हैं। मामले में पूछताछ की जा रही है। शीघ्र ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
संजय बना रहा तमाशबीन
मेरठ। सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई घटना में साफ देखा जा सकता है कि सुशील का साथी संजय पूरी घटना के दौरान वहीं खड़ा रहा। उसी के सामने बदमाश सुशील को पीटते रहे, लेकिन एक बार भी वह बचाव तक में नहीं आया।
इतना ही नहीं बदमाशों ने सुशील की हत्या कर दी, लेकिन संजय सुशील को अस्पताल ले जाने के बजाए अपनी कार से निकल गया। पुलिस के अनुसार सुशील का दोस्त संजय निवासी गंगानगर उसे उसके घर से लेकर अपनी सफेद रंग की कार में रेस्टोरेंट पहुंचा था।
सुशील कार में ही बैठकर खाना खाने लगा। इसी दौरान वहां पर पहले से मौजूद बदमाश उसके पास आए और बातचीत शुरू कर दी। इस दौरान संजय सुशील की तरफ ही कार के पास खड़ा था। बदमाशों ने बातचीत के दौरान सुशील की पिटाई शुरू की, लेकिन संजय ने विरोध करना तो दूर बीच बचाव करने की भी कोशिश नहीं की।
हत्यारों के गले भी लगा संजय
सुशील का दोस्त संजय आरोपी टिंकू कुनकुरा के गले भी लगते हुए सीसीटीवी फुटेज में देखा गया। इससे साफ जाहिर होता है कि संजय को पूरे मामले की जानकारी थी और पूरी प्लानिंग के साथ सुशील को लेकर रेस्टोरेंट पर पहुंचा था।
वहीं इधर-उधर घूमता रहा संजय
संजय पूरी घटना के दौरान सुशील के आसपास ही इधर-उधर घूमता रहा। जब सुशील जान बचाकर रेस्टोरेंट के अंदर भागा तब भी संजय ने उसे बचाने की कोशिश नहीं की। उल्टा, संजय ने सुशील की तरफ खुला अपनी कार का दरवाजा बंद किया। जैसे ही उसने अंदर गोली चलने की आवाज सुनी। वह आकर अपनी कार में बैठ गया।
घायल सुशील को छोड़कर भागा संजय
उसने गोली लगने से घायल सुशील को सहारा देना तो दूर घटना की सूचना पुलिस और उसके परिजनों को देना भी जरूरी नहीं समझा। बदमाश जहां मवाना की तरफ फरार हो गए, वहीं संजय अपनी कार में बैठकर दूसरी तरफ से फरार हो गया।
बचाव में नहीं आए कर्मचारी
रेस्टोरेंट कर्मचारी भी सुशील के बचाव में नहीं आए। जिस समय घटना हुई, रेस्टोरेंट के अंदर कर्मचारी काम कर रहे थे। हंगामे और मारपीट पर दो शख्स बाहर भी आए, लेकिन सुशील को बचाने की कोई हिम्मत नहीं जुटा सका।
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पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। पुलिस लेनदेन का विवाद मानकर चल रही है। पुलिस ने इस प्रकरण में संचालक के दोस्त संजय और दीपक को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि रेस्टोरेंट के दो नौकरों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के अनुसार मूल रूप से जिला बुलंदशहर के बीबीनगर थाना क्षेत्र के गांव वलीपुर निवासी सुशील चौधरी (30) पुत्र हरेंद्र गंगानगर एल ब्लॉक में बड़े भाई पुष्पेंद्र और मां राजवीरी के साथ रहता था। सुशील का दोस्त संजय निवासी गंगानगर दोपहर करीब डेढ़ बजे उसके घर पहुंचा।
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संजय इसके बाद सुशील को लेकर करीब पौने दो बजे अपनी सफेद रंग की कार से सुशील के गंगानगर डिवाइडर रोड स्थित रेस्टोरेंट पहुंचा था। सुशील रेस्टोरेंट से खाना मंगवाकर कार में ही खाने लगा। इस बीच वहां पहले से स्विफ्ट कार में मौजूद दो बदमाश उसके पास पहुंचे, जबकि दो कार में बैठे रहे। करीब पांच मिनट की बातचीत के बाद नोकझोंक होने पर कार में बैठे बदमाश भी बाहर आ गए और सभी ने सुशील की पिटाई शुरू कर दी।
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इसी बीच एक बदमाश स्विफ्ट कार से रायफल निकाल लाया और सुशील को जान से मारने की धमकी दी। बदमाशों से पिट रहे सुशील ने छोड़ने की मिन्नत की, लेकिन वे नहीं माने और कार में धकेल कर उसकी पिटाई शुरू कर दी। किसी तरह जान बचाकर सुशील रेस्टोरेंट के अंदर भागा तो बदमाश भी उसके पीछे रेस्टोरेंट गए और एक बदमाश ने सुशील के सीने में गोली मार दी।
चारों बदमाश कार लेकर मवाना रोड की तरफ फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल सुशील ने सुशीला जसवंत राय अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया। एसएसपी डीसी दूबे का कहना है कि रुपये के लेनदेन को लेकर आपसी विवाद में व्यापारी की हत्या की गई है। कुछ अहम सुराग मिले हैं। मामले में पूछताछ की जा रही है। शीघ्र ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
संजय बना रहा तमाशबीन
मेरठ। सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई घटना में साफ देखा जा सकता है कि सुशील का साथी संजय पूरी घटना के दौरान वहीं खड़ा रहा। उसी के सामने बदमाश सुशील को पीटते रहे, लेकिन एक बार भी वह बचाव तक में नहीं आया।
इतना ही नहीं बदमाशों ने सुशील की हत्या कर दी, लेकिन संजय सुशील को अस्पताल ले जाने के बजाए अपनी कार से निकल गया। पुलिस के अनुसार सुशील का दोस्त संजय निवासी गंगानगर उसे उसके घर से लेकर अपनी सफेद रंग की कार में रेस्टोरेंट पहुंचा था।
सुशील कार में ही बैठकर खाना खाने लगा। इसी दौरान वहां पर पहले से मौजूद बदमाश उसके पास आए और बातचीत शुरू कर दी। इस दौरान संजय सुशील की तरफ ही कार के पास खड़ा था। बदमाशों ने बातचीत के दौरान सुशील की पिटाई शुरू की, लेकिन संजय ने विरोध करना तो दूर बीच बचाव करने की भी कोशिश नहीं की।
हत्यारों के गले भी लगा संजय
सुशील का दोस्त संजय आरोपी टिंकू कुनकुरा के गले भी लगते हुए सीसीटीवी फुटेज में देखा गया। इससे साफ जाहिर होता है कि संजय को पूरे मामले की जानकारी थी और पूरी प्लानिंग के साथ सुशील को लेकर रेस्टोरेंट पर पहुंचा था।
वहीं इधर-उधर घूमता रहा संजय
संजय पूरी घटना के दौरान सुशील के आसपास ही इधर-उधर घूमता रहा। जब सुशील जान बचाकर रेस्टोरेंट के अंदर भागा तब भी संजय ने उसे बचाने की कोशिश नहीं की। उल्टा, संजय ने सुशील की तरफ खुला अपनी कार का दरवाजा बंद किया। जैसे ही उसने अंदर गोली चलने की आवाज सुनी। वह आकर अपनी कार में बैठ गया।
घायल सुशील को छोड़कर भागा संजय
उसने गोली लगने से घायल सुशील को सहारा देना तो दूर घटना की सूचना पुलिस और उसके परिजनों को देना भी जरूरी नहीं समझा। बदमाश जहां मवाना की तरफ फरार हो गए, वहीं संजय अपनी कार में बैठकर दूसरी तरफ से फरार हो गया।
बचाव में नहीं आए कर्मचारी
रेस्टोरेंट कर्मचारी भी सुशील के बचाव में नहीं आए। जिस समय घटना हुई, रेस्टोरेंट के अंदर कर्मचारी काम कर रहे थे। हंगामे और मारपीट पर दो शख्स बाहर भी आए, लेकिन सुशील को बचाने की कोई हिम्मत नहीं जुटा सका।