फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   ISI agent in Meerut

खाकी की सुस्ती का लाभ न उठा जाए पाक जासूस इजाज

Thu, 04 Feb 2016 02:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ Updated Thu, 04 Feb 2016 02:38 AM IST
विज्ञापन
ISI agent in Meerut

सेना और देश से जुड़े ऐसे गंभीर मामले में यदि पुलिस ने जरा भी सुस्ती की तो इसका सीधा फायदा पाकिस्तानी जासूस इजाज उठा सकता है। इस आईएसआई एजेंट पर अन्य आपराधिक धाराओं के साथ ही ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट (ओएस एक्ट) भी लगा है।

विज्ञापन


खासकर इस एक्ट में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल करने के लिए विवेचक को शासन से अनुमति लेनी होगी। बता दें कि इजाज की गिरफ्तारी के 69 दिन पूरे हो चुके हैं जबकि चार्जशीट 90 दिनों के अंदर देनी होगी।
विज्ञापन


यह है मामला
मूल रूप से इराफानाबाद, इस्लामाबाद पाकिस्तान निवासी इजाज को विगत वर्ष 27 नवंबर को एसटीएफ ने कैंट एरिया से दबोचा था।

जिसके कब्जे से सेना के गोपनीय दस्तावेजों के अलावा लैपटॉप, मोबाइल फोन, पैन कार्ड और डाटा कार्ड बरामद हुआ था। इजाज के खिलाफ थाना सदर बाजार पर आईपीसी की धारा 468 (छल के प्रयोजन में कूटरचना), धारा 471 (कूटरचित दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक अभिलेख का असली के रूप में उपयोग करना), धारा 380 (किसी निवास या संपत्ति गृह से चोरी करना), धारा 411 (चुराई गई संपत्ति कब्जे में पहुंचना), धारा 120 बी (आपराधिक षड्यंत्र रचना) के अलावा ऑफिशियल एक्ट 3/4 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह हुआ था खुलासा
इजाज से पुलिस और एसटीएफ के अलावा केंद्रीय एवं राज्य खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के अफसरों ने गहन पूछताछ की थी। उसे छह दिनों की कस्टडी रिमांड पर भी लिया गया था। खुलासा हुआ था कि इजाज काफी समय से भारत में रहकर सैन्य यूनिटों और देश के महत्वपूर्ण स्थानों की गोपनीय सूचनाएं आईएसआई को भेजता आ रहा था।

जो ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट की श्रेणी में आता है। इजाज से बरामद गैजेट्स की सीबीआई लैब से भी फोरेंसिक जांच हो चुकी है। जिसमें ऐसे महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। जिन्हें इजाज पूर्व में पूछताछ में छिपा चुका था। जिसके बाद पुलिस उसके खिलाफ आईटी एक्ट की धारा भी बढ़ाने जा रही है।

90 दिन में चार्जशीट अनिवार्य
पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक वैसे तो कुछ मुकदमों में 60 दिनों के अंदर चार्जशीट देने का प्रावधान है। लेकिन इजाज के मुकदमे में पुलिस को 90 दिनों के अंदर चार्जशीट देनी होगी। उसकी गिरफ्तारी को करीब 69 दिन पूरे हो चुके हैं। खासकर ओएस एक्ट में पुलिस को 90 दिन पूरे होने तक चार्जशीट देनी होगी।

लंबी है प्रक्रिया
ओएस एक्ट में चार्जशीट देने के लिए संबंधित जिला पुलिस को शासन से अनुमति लेनी होगी। यह थोड़ी लंबी प्रक्रिया है। शासन द्वारा संबंधित अनुभागों से इसकी रिपोर्ट ली जाती है। जिसमें तमाम दस्तावेजों की जांच पड़ताल होने पर संस्तुति मिलने के बाद ही शासन से इसकी मंजूरी मिलेगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार अभी तक इस संबंध में जिला पुलिस और शासन के बीच इसकी प्रक्रिया ही शुरू नहीं हुई है।


वैसे दे सकती है चार्जशीट
यदि ओएस एक्ट में इस समयसीमा में चार्जशीट की अनुमति शासन से नहीं मिलती है तो पुलिस अन्य धाराओं में चार्जशीट दे सकती है। बाद में परमिशन के बाद इसे जोड़ा जा सकता है। हालांकि इसका लाभ कहीं न कहीं इजाज को मिल सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed