फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   ISI agent in Meerut

आईएसआई एजेंट इजाज को मेरठ से कोलकाता जेल शिफ्ट कराने की जुगत

Mon, 01 Feb 2016 01:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ Updated Mon, 01 Feb 2016 01:51 AM IST
विज्ञापन
ISI agent in Meerut

पाक जासूस मोहम्मद इजाज का मददगार पश्चिम बंगाल में बैठा हुआ है। जो उसे मेरठ जेल से कोलकाता की जेल में शिफ्ट करने की जुगत में लगा है। खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक इसी मददगार ने आईएसआई एजेंट इजाज को पाक से भारत में घुसने पर पनाह दी थी। जिसके तीन सहयोगी एजेंट भी कोलकाता जेल में बंद हैं। यह मददगार किस उद्देश्य से इजाज को कोलकाता लाने के प्रयास में है, खुफिया एजेंसियां इसकी पड़ताल में जुटी हैं।

विज्ञापन


यह था मामला
आईएसआई कैंप से ट्रेनिंग के बाद इजाज जब पाकिस्तान से भारत में घुसा था तो उसे पाक जासूस इरशाद, अशफाक, इरफान और जहांगीर ने पनाह दी थी। न केवल भारतीय नागरिकता प्रमाणित करने के लिए इजाज के जाली दस्तावेज बनवाए गए बल्कि उसका बैंक में खाता भी खुलवाया गया था। काफी समय तक वेस्ट बंगाल में अपनी जड़ें जमाने के बाद इजाज को आईएसआई के निर्देश पर बरेली भेज दिया गया था।
विज्ञापन


इससे पहले इजाज के अपने एक साथी के साथ कुछ दिन लखनऊ में भी रुकने की बात सामने आई थी। बरेली में फ्रीलांसर फोटोग्राफर की आड़ में इजाज ने दिल्ली, आगरा, मेरठ और उत्तराखंड में जाकर कई बार सैन्य छावनियों की रेकी की थी। बाद में वह मेरठ कैंट में एसटीएफ ने दबोच लिया था। उससे गहन पूछताछ के बाद उसके तीन साथियों को कोलकाता एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन एक एजेंट उस समय बांग्लादेश भाग गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


अब वेस्ट बंगाल से मदद
खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक जांच पड़ताल में यह बात सामने आ रही है कि वह मददगार बांग्लादेश से भागकर फिर से वेस्ट बंगाल पहुंच गया है। जो इजाज को किसी तरह से कोलकाता जेल में लाने के लिए हर दांव आजमा रहा है।

कई मददगार होंगे बेनकाब
पुलिस अफसरों के मुताबिक इजाज से बरामद गैजेट्स (लैपटॉप, पेन ड्राइव, मोबाइल फोन, डाटा कार्ड) की सीबीआई लैब में फोरेंसिक जांच हुई है। जिसकी रिपोर्ट सामने आ चुकी है। इस रिपोर्ट से इजाज के कई मददगारों के चेहरे बेनकाब हो सकते हैं। इन गैजेट्स में मददगारों से बातचीत का जिक्र इजाज ने पुलिस और खुफिया एजेंसियों के अफसरों से हुई पूछताछ में भी स्वीकार किया था। सूत्रों की मानें तो इजाज के कई राज्यों में संपर्क सूत्र थे। जिनके जरिये वह सेना की गोपनीय जानकारियां हासिल करता था। यह भी अहम बात है कि इजाज ने गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में जो भेद खोले थे, वह काफी हद तक सच साबित हुए हैं।

चार बार आया बी वारंट
पुलिस अधिकारियों की मानें तो पाक जासूस इजाज का कोलकाता से चार बार बी वारंट आ चुका है। जिसमें इजाज को मेरठ जेल से कोलकाता जेल शिफ्ट भेजने की बात कही गई। पुलिस अफसरों के अनुसार स्थानीय कोर्ट ने इजाज को फिलहाल कोलकाता शिफ्ट कराने से साफ इंकार किया है। सदर बाजार थाने में चल रहे मुकदमे की सुनवाई के बाद आगे निर्णय लेने की बात कही है।


आज हो सकता रिपोर्ट का विश्लेषण
इंस्पेक्टर सदर बाजार गजेंद्र पाल सिंह के अनुसार इजाज से बरामद गैजेट्स की फोरेंसिक जांच रिपोर्ट का सोमवार (आज) विश्लेषण होगा। आईजी जोन सुजीत पांडेय और अन्य विभागीय अधिकारी इस रिपोर्ट की समीक्षा करेंगे। समीक्षा के बाद जो नए तथ्य सामने आएंगे, उसके हिसाब से आगे की सुरक्षा रणनीति पर चर्चा होगी। उधर, इस केस के विवेचक एसएसआई सदर बाजार धर्मेंद्र कुमार भी गृह मंत्रालय को इस रिपोर्ट पर तमाम जानकारी देने के बाद रविवार को लौट आए।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed