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हाईवे पर दिनदहाड़े युवक की गोली मारकर हत्या
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Tue, 03 May 2016 03:15 AM IST
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murder
- फोटो : amarujala
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दौराला थाना क्षेत्र के गांव सिवाया निवासी रमेश
रमेश सोमवार सुबह मोदीपुरम के एक अस्पताल में भर्ती अपनी भतीजी को देखकर लौट रहा था। दुल्हैड़ा चुंगी के पास बाइक सवार अज्ञात बदमाशों ने उसे रोक लिया और गर्दन में सटाकर गोली मार दी। इस घटना की जानकारी किसी ने फोन पर रमेश के चचेरे भाई रॉबिन को दी।
परिजन मौके पर पहुंचे, तो रमेश सड़क किनारे गड्ढे में पड़ा हुआ था। वे उसे लेकर मोदीपुरम के अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रमेश की मौत पर परिजनों ने हंगामा कर दिया। एसओ पल्लवपुरम तेज सिंह यादव ने किसी तरह उन्हें समझाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
थोड़ी देर बाद सीओ दौराला डा. अरविंद कुमार, सिवाया गांव प्रधान जितेंद्र चौधरी और अन्य ग्रामीण पहुंच गए। रमेश की पत्नी सिमरन ने थाना पल्लवपुरम में अज्ञात हत्यारों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई।
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पति की लाश देख बेहोश हुई सिमरन
रमेश की शादी मेरठ के मोहनपुरी निवासी सिमरन से आठ साल पहले हुई थी। पति की मौत खबर सुनकर वह बदहवास हालत में अस्पताल पहुंच गई। पति की लाश देखकर बेहोश हो गई। होश आने पर महिलाएं उसे दिलासा दे रही थीं, लेकिन सिमरन के आंसू थम नहीं रहे थे। रमेश और सिमरन की पांच साल की बेटी है।
ढाई घंटे के जाम में बुरी तरह पिसे यात्री
शाम छह बजे जब पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर सिवाया गांव पहुंचे, तो ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर और हाईवे पर ट्रैक्टर ट्राली अड़ाकर जाम लगा दिया। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ग्रामीणों ने मृतक के परिजन को नौकरी और 40 लाख रुपये मुआवजे की मांग की। थाना पल्लवपुरम पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाया, तो कुछ ग्रामीणों ने कहा कि सपा की सरकार में दलितों पर अत्याचार हो रहा है। ग्रामीणों के न मानने पर पुलिस ने रूट डायवर्ट कर वाहन निकाले।
इस दौरान कई बार ग्रामीणों की सीओ और इंस्पेक्टर से तीखी नोकझोंक हुई। रात करीब आठ बजे जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान, सपा नेता संजय विकल, नितिन कटारिया, सपा नेता प्रधान जितेंद्र चौधरी आदि मौके पर पहुंचे। सीमा प्रधान ने पीड़ित परिवार से वार्ता की और मुख्यमंत्री राहत कोष से मुआवजा व अन्य सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोला।
बदमाशों ने ढंक रखा था मुंह
रमेश की हत्या में करीबी पर शक जताया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बदमाश रमेश की बाइक के पीछे ही बाइक पर सवार थे। उन्होंने मुंह ढंक रखा था। गोली मारकर वे पलक झपकते ही फरार हो गए। जब सड़क के दूसरी ओर से लोग दौड़कर आए, तो रमेश हाईवे पर पड़ा तड़प रहा था। उसे अस्पताल ले जाने के लिए परिजनों का इंतजार किया गया। यदि समय रहते इलाज मिल जाता, तो शायद उसकी जान बच जाती।
रमेश की कई से थी रंजिश
पुलिस ने सड़क के दूसरी ओर स्थित एक होटल और अस्पताल के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। सीओ ने ग्रामीणों से बातचीत की, तो कुछ ग्रामीणों ने दबी जबान में रंजिश की बात कही। पुलिस के अनुसार रमेश ने बीडीसी का चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गया था। गांव के ही एक युवक से उसका लेनदेन का विवाद भी सामने आया है। रमेश का भाई चमन मेडिकल थाना क्षेत्र में रहता है। उससे भी उसका विवाद चल रहा था। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
रमेश सोमवार सुबह मोदीपुरम के एक अस्पताल में भर्ती अपनी भतीजी को देखकर लौट रहा था। दुल्हैड़ा चुंगी के पास बाइक सवार अज्ञात बदमाशों ने उसे रोक लिया और गर्दन में सटाकर गोली मार दी। इस घटना की जानकारी किसी ने फोन पर रमेश के चचेरे भाई रॉबिन को दी।
परिजन मौके पर पहुंचे, तो रमेश सड़क किनारे गड्ढे में पड़ा हुआ था। वे उसे लेकर मोदीपुरम के अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रमेश की मौत पर परिजनों ने हंगामा कर दिया। एसओ पल्लवपुरम तेज सिंह यादव ने किसी तरह उन्हें समझाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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थोड़ी देर बाद सीओ दौराला डा. अरविंद कुमार, सिवाया गांव प्रधान जितेंद्र चौधरी और अन्य ग्रामीण पहुंच गए। रमेश की पत्नी सिमरन ने थाना पल्लवपुरम में अज्ञात हत्यारों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई।
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पति की लाश देख बेहोश हुई सिमरन
रमेश की शादी मेरठ के मोहनपुरी निवासी सिमरन से आठ साल पहले हुई थी। पति की मौत खबर सुनकर वह बदहवास हालत में अस्पताल पहुंच गई। पति की लाश देखकर बेहोश हो गई। होश आने पर महिलाएं उसे दिलासा दे रही थीं, लेकिन सिमरन के आंसू थम नहीं रहे थे। रमेश और सिमरन की पांच साल की बेटी है।
ढाई घंटे के जाम में बुरी तरह पिसे यात्री
शाम छह बजे जब पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर सिवाया गांव पहुंचे, तो ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर और हाईवे पर ट्रैक्टर ट्राली अड़ाकर जाम लगा दिया। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ग्रामीणों ने मृतक के परिजन को नौकरी और 40 लाख रुपये मुआवजे की मांग की। थाना पल्लवपुरम पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाया, तो कुछ ग्रामीणों ने कहा कि सपा की सरकार में दलितों पर अत्याचार हो रहा है। ग्रामीणों के न मानने पर पुलिस ने रूट डायवर्ट कर वाहन निकाले।
इस दौरान कई बार ग्रामीणों की सीओ और इंस्पेक्टर से तीखी नोकझोंक हुई। रात करीब आठ बजे जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान, सपा नेता संजय विकल, नितिन कटारिया, सपा नेता प्रधान जितेंद्र चौधरी आदि मौके पर पहुंचे। सीमा प्रधान ने पीड़ित परिवार से वार्ता की और मुख्यमंत्री राहत कोष से मुआवजा व अन्य सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोला।
बदमाशों ने ढंक रखा था मुंह
रमेश की हत्या में करीबी पर शक जताया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बदमाश रमेश की बाइक के पीछे ही बाइक पर सवार थे। उन्होंने मुंह ढंक रखा था। गोली मारकर वे पलक झपकते ही फरार हो गए। जब सड़क के दूसरी ओर से लोग दौड़कर आए, तो रमेश हाईवे पर पड़ा तड़प रहा था। उसे अस्पताल ले जाने के लिए परिजनों का इंतजार किया गया। यदि समय रहते इलाज मिल जाता, तो शायद उसकी जान बच जाती।
रमेश की कई से थी रंजिश
पुलिस ने सड़क के दूसरी ओर स्थित एक होटल और अस्पताल के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। सीओ ने ग्रामीणों से बातचीत की, तो कुछ ग्रामीणों ने दबी जबान में रंजिश की बात कही। पुलिस के अनुसार रमेश ने बीडीसी का चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गया था। गांव के ही एक युवक से उसका लेनदेन का विवाद भी सामने आया है। रमेश का भाई चमन मेडिकल थाना क्षेत्र में रहता है। उससे भी उसका विवाद चल रहा था। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।