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हाईकोर्ट में किरकिरी के बाद प्रशासन लेगा कड़े फैसले

Fri, 26 Apr 2019 03:36 AM IST
Gaurav sharma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Gaurav sharma Updated Fri, 26 Apr 2019 03:36 AM IST
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Governments will take tough decisions after the high court
कबाड़ी बाजार मेरठ - फोटो : अमर उजाला

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 कबाड़ी बाजार मामले में विभागों का आपसी समन्वय न होने और झूठे शपथ पत्रों के कारण पुलिस-प्रशासन की हाईकोर्ट में खासी किरकिरी हुई है। इस पूरे मामले से नाराज जिलाधिकारी अनिल ढींगरा विभागीय अधिकारियों के साथ शुक्रवार को बैठक करेंगे और इस मामले पर विस्तार से चर्चा के बाद कार्रवाई तय कराएंगे।
हाईकोर्ट में कबाड़ी बाजार मामले में पुलिस-प्रशासन के शपथ पत्र और एनजीओ की रिपोर्ट के आधार पर सीएमओ का जवाब पुलिस-प्रशासन के गले की फांस बन गया है। इस पूरे मामले में कहीं न कहीं जिला उद्धार अधिकारी भी दोषी नजर आ रहे हैं। इस पूरे मामले में जिलाधिकारी को भी नोटिस आया था। लेकिन उनका हलफनामा कोर्ट में दाखिल न होने के कारण वह बच गए। लेकिन अब उन्होंने इस पूरे मामले पर अपने स्तर से कार्रवाई का मन बना लिया है।
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सूत्रों के अनुसार जिलाधिकारी ने शुक्रवार को बैठक बुलाई है। जिसमें उस एनजीओ को भी तलब किया गया है, जिसने कबाड़ी बाजार मामले में रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को दी थी। पुलिस की रिपोर्ट पर भी जिलाधिकारी खुद परीक्षण करेंगे। जिला उद्धार अधिकारी से भी जवाब तलब किया जाएगा। वहीं, हाईकोर्ट के अधिवक्ता सुनील चौधरी ने बताया कि झूठा हलफनामा दाखिल करने पर बृहस्पतिवार को सीओ एएचटीयू संजीव देशवाल ने माफी मांगते कार्रवाई के िलए दो माह का समय मांगा है। यह शपथ पत्र संजीव देशवाल ने अधिवक्ता सुनील चौधरी को दिया। 30 अप्रैल को यही रिपोर्ट हाईकोर्ट में प्रस्तुत होगी।
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