किसानों और अधिकारियों में जमकर मारपीट, अफसरों को बनाया बंधक, फायरिंग
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मेरठ में जागृति विहार विस्तार योजना पर बृहस्पतिवार सुबह जमीन पर कब्जा लेने पहुंचे आवास विकास परिषद के अधिकारियों को जान बचानी भारी पड़ गई। काजीपुर के किसानों ने एक्सईएन समेत कई अफसरों को बंधक बना लिया। जमकर मारपीट के बीच फायरिंग हुई। अधिकारी पुलिस को फोन करते रहे। मेडिकल और खरखौदा पुलिस सीमा विवाद में उलझी रही।
आवास विकास परिषद जागृति विहार विस्तार योजना की 600 एकड़ जमीन पर फ्लैट बना रहा है। अतिरिक्त अनुदान राशि को लेकर काजीपुर और सरायकाजी के किसान कई बार धरना देकर यहां निर्माण कार्य रुकवा चुके हैं। शासन द्वारा सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने के आदेश मिलने पर बृहस्पतिवार सुबह करीब 8:30 बजे एक्सईएन राजीव गुप्ता, बिशम्बर सिंह, प्रमोद कुमार, सहायक अभियंता देवेंद्र सिंह टीम के साथ विस्तार योजना पर पहुंचे। अफसरों ने ट्रैक्टर से जमीन की जुताई करानी शुरू कर दी।
चालक को पीटने का आरोप
आरोप है कि मौके पर लाठी-डंडों के साथ पहुंचे काजीपुर के 30-35 किसानों ने ट्रैक्टर चालक की पिटाई कर दी। विरोध करने पर अफसरों पर हमला बोल दिया। इस दौरान एक्सईएन के साथ मौजूद एक अज्ञात व्यक्ति ने फायरिंग कर दी। इसके बाद किसानों ने एक्सईएन राजीव गुप्ता समेत कई अफसरों को बंधक बना लिया। मारपीट करते हुए पर्स, सोने की चेन लूट ली। अधिकारी फोन करते रहे और एसओ मेडिकल ने फोन रिसीव नहीं किया। करीब 45 मिनट बाद मेडिकल थाने की फैंटम पहुंची और मामला खरखौदा थाना क्षेत्र का बता पल्ला झाड़ लिया। बाद में खरखौदा और मेडिकल पुलिस ने घटना की जानकारी ली। आवास विकास के एई देवेंद्र सिंह ने मेडिकल थाने में अज्ञात किसानों के खिलाफ तहरीर दी है।
किसान बोले अधिकारियों ने की फायरिंग
इस मामले में किसानों ने आवास विकास अधिकारियों पर आरोप लगाया है। किसानों के मुताबिक एक किसान अपने खेत की जुताई कर रहा था। इस पर अधिकारियों ने आकर उसकी पिटाई शुरू कर दी। सूचना पर कुछ किसान उसे बचाने आए तो अधिकारियों के साथ आए ठेकेदार ने पिस्टल से हमला कर दिया तथा धमकी देते हुए कार छोड़कर भाग गया। किसान रोहित गुर्जर, बाबू, रतन, ज्ञानेंद्र, विनोद, हुकुम सिंह, ब्रजपाल आदि की ओर से थाना मेडिकल में अधिकारियों के खिलाफ तहरीर दी है।
हवा हुए सीएम के आदेश
मुख्यमंत्री के आदेश हैं कि किसी गंभीर घटना पर संबंधित एसओ, सीओ के अलावा डीएम और एसएसपी भी पहुंचें। तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए। आवास विकास के अधिकारियों का आरोप है कि घटना के काफी देर बाद एसओ मेडिकल और सीओ मौके पर पहुंचे तो एसओ मोहम्मद असलम ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की और उन्हें खरखौदा थाना क्षेत्र का मामला बताकर टरका दिया। जिसके बाद अधीक्षण अभियंता अरविंद कुमार के नेतृत्व में अधिकारी एसएसपी और डीएम से मिले। एसएसपी ने फोर्स उपलब्ध कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। वहीं, खरखौदा के कार्यवाहक एसओ अजय कुमार ने घटनास्थल मेडिकल थाना क्षेत्र का बताया।
एसएसपी से मांगी थी फोर्स
आवास विकास के एई देवेंद्र सिंह का आरोप है कि किसान लगातार सरकारी कार्य में बाधा डाल रहे हैं। विभाग ने जमीन का पैसा दे दिया है। उसके बाद भी निर्माण कार्य नहीं होने दे रहे। बुधवार को एसएसपी से मिलकर फोर्स मांगी थी। एसएसपी ने एसपी सिटी को तो एसपी सिटी ने एसओ मेडिकल को कार्रवाई के निर्देश दिए। लेकिन बुधवार को ही एसओ मेडिकल ट्रांसफर हो गए। आरोप है कि बृहस्पतिवार सुबह आवास विकास के अधिकारी फोन करते रहे और पुलिस नहीं पहुंची। जब तक फैंटम के दो सिपाही पहुंचे, उससे पहले ही किसानों और अधिकारियों में टकराव हो चुका था।