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कार का शीशा तोड़कर आठ लाख रुपये पार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 17 May 2016 02:44 AM IST
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कार का शीशा तोड़ चोरी
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली रोड स्थित इरा मॉल के सामने टायर की दुकान पर मीट व्यापारी की कार का शीशा तोड़कर आठ लाख रुपये चोरी कर लिए गए। ब्रह्मपुरी पुलिस दिन भर व्यापारी को साथ लेकर घूमती रही। वारदात को फर्जी करार देने के प्रयास होते रहे। हालांकि रात में चोरी का केस दर्ज कर लिया गया।
गांव सनौटा, फलावदा निवासी मीट व्यापारी उस्मान सोमवार को ईव्ज चौराहा स्थित पीएनबी से 8.50 लाख रुपये बैग में लेकर वरना कार से दिल्ली रोड पर पहुंचा। उस्मान के अनुसार वह टायर खरीदने के लिए इरा मॉल के सामने एक दुकान पर पहुंचा था। जिस समय वह दुकान पर था तो तभी एक युवक ने उसे बताया कि उसकी कार का शीशा तोड़कर दो युवक भागे हैं। वह तुरंत वहां पहुंचा तो कार से नोटों भरा बैग गायब मिला।
उसने कंट्रोल रूम को लूट की सूचना दी तो पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सीओ ब्रह्मपुरी रफीक अहमद और एसओ ब्रह्मपुरी सतेंद्र यादव मौके पर पहुंचे। पुलिस ने व्यापारी को अपनी गाड़ी में बैठाया और सरस्वती लोक ले गए। पुलिस दिन भर व्यापारी से पूछताछ कर वारदात को फर्जी बताती रही। देर रात तक फर्जी होने के सुबूत नहीं मिले तो व्यापारी की तहरीर पर चोरी का केस दर्ज कर लिया। एसओ ने बताया कि वारदात होने के प्रमाण व्यापारी के बयान से मेल नहीं खाते। जिससे लगता है कि वारदात फर्जी है। व्यापारी पर 60 से 70 लाख रुपये का कर्जा है, जिसके चलते व्यापारी ने यह ड्रामा किया।
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हंगामे के बाद लिखी रिपोर्ट
व्यापारी चिल्ला-चिल्लाकर कहता रहा कि उसके पैसे चोरी हुए है, लेकिन पुलिस इसे फर्जी बताकर व्यापारी से जबरन कबूल करने की कोशिश में जुटी रही। व्यापारी को पुलिस ने उसके परिजनों और रिश्तेदारों तक से नहीं मिलने दिया। देर शाम तक पुलिस का यह ड्रामा देखकर लोगों ने हंगामा किया, तब जाकर पुलिस ने रिपोर्ट लिखी।
क्यों मानी वारदात संदिग्ध
पुलिस के मुताबिक व्यापारी ने शुरूआत में 16.50 लाख रुपये की लूट होना बताया। उसके बाद 8.50 लाख रुपये चोरी होना बताया। पूछताछ करने पर व्यापारी ने 50 हजार रुपये एक रिश्तेदार को देने की बात कही। बार-बार बयान बदलने पर पुलिस वारदात को संदिग्ध मान रही है। परिजनों का कहना है कि व्यापारी से पुलिस ने किसी की बात ही नहीं होनी दी तो कैसे पता चलेगा कि वह झूठ बोल रहा या नहीं।
फर्जी तो रिपोर्ट क्यों लिखी
सीओ और एसओ ब्रह्मपुरी ने आला अफसरों को भी वारदात फर्जी बतायी। सवाल उठता कि फिर रात में गुपचुप तरीके से चोरी का केस क्यों दर्ज कर लिया। पीड़ित को मीडिया के सामने लाने से भी पुलिस क्यों बचाती रही।
किसके अकाउंट से निकाला पैसा
एसओ ब्रह्मपुरी के मुताबिक उस्मान ने किसके खाते से पैसा लिया है, उसकी अभी जांच होगी। उस्मान ने बैंक में एक व्यक्ति से पैसा लेना बताया है। उस व्यक्ति तलाशकर पुलिस मंगलवार को इसका खुलासा कर देगी।
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गांव सनौटा, फलावदा निवासी मीट व्यापारी उस्मान सोमवार को ईव्ज चौराहा स्थित पीएनबी से 8.50 लाख रुपये बैग में लेकर वरना कार से दिल्ली रोड पर पहुंचा। उस्मान के अनुसार वह टायर खरीदने के लिए इरा मॉल के सामने एक दुकान पर पहुंचा था। जिस समय वह दुकान पर था तो तभी एक युवक ने उसे बताया कि उसकी कार का शीशा तोड़कर दो युवक भागे हैं। वह तुरंत वहां पहुंचा तो कार से नोटों भरा बैग गायब मिला।
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उसने कंट्रोल रूम को लूट की सूचना दी तो पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सीओ ब्रह्मपुरी रफीक अहमद और एसओ ब्रह्मपुरी सतेंद्र यादव मौके पर पहुंचे। पुलिस ने व्यापारी को अपनी गाड़ी में बैठाया और सरस्वती लोक ले गए। पुलिस दिन भर व्यापारी से पूछताछ कर वारदात को फर्जी बताती रही। देर रात तक फर्जी होने के सुबूत नहीं मिले तो व्यापारी की तहरीर पर चोरी का केस दर्ज कर लिया। एसओ ने बताया कि वारदात होने के प्रमाण व्यापारी के बयान से मेल नहीं खाते। जिससे लगता है कि वारदात फर्जी है। व्यापारी पर 60 से 70 लाख रुपये का कर्जा है, जिसके चलते व्यापारी ने यह ड्रामा किया।
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हंगामे के बाद लिखी रिपोर्ट
व्यापारी चिल्ला-चिल्लाकर कहता रहा कि उसके पैसे चोरी हुए है, लेकिन पुलिस इसे फर्जी बताकर व्यापारी से जबरन कबूल करने की कोशिश में जुटी रही। व्यापारी को पुलिस ने उसके परिजनों और रिश्तेदारों तक से नहीं मिलने दिया। देर शाम तक पुलिस का यह ड्रामा देखकर लोगों ने हंगामा किया, तब जाकर पुलिस ने रिपोर्ट लिखी।
क्यों मानी वारदात संदिग्ध
पुलिस के मुताबिक व्यापारी ने शुरूआत में 16.50 लाख रुपये की लूट होना बताया। उसके बाद 8.50 लाख रुपये चोरी होना बताया। पूछताछ करने पर व्यापारी ने 50 हजार रुपये एक रिश्तेदार को देने की बात कही। बार-बार बयान बदलने पर पुलिस वारदात को संदिग्ध मान रही है। परिजनों का कहना है कि व्यापारी से पुलिस ने किसी की बात ही नहीं होनी दी तो कैसे पता चलेगा कि वह झूठ बोल रहा या नहीं।
फर्जी तो रिपोर्ट क्यों लिखी
सीओ और एसओ ब्रह्मपुरी ने आला अफसरों को भी वारदात फर्जी बतायी। सवाल उठता कि फिर रात में गुपचुप तरीके से चोरी का केस क्यों दर्ज कर लिया। पीड़ित को मीडिया के सामने लाने से भी पुलिस क्यों बचाती रही।
किसके अकाउंट से निकाला पैसा
एसओ ब्रह्मपुरी के मुताबिक उस्मान ने किसके खाते से पैसा लिया है, उसकी अभी जांच होगी। उस्मान ने बैंक में एक व्यक्ति से पैसा लेना बताया है। उस व्यक्ति तलाशकर पुलिस मंगलवार को इसका खुलासा कर देगी।