{"_id":"3a095a5bddabcbd044a27c6a2666e916","slug":"criminal-muqeem-kala-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऊधम की घुट्टी पीकर शूटर बना पव्वा ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
ऊधम की घुट्टी पीकर शूटर बना पव्वा
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Tue, 20 Oct 2015 01:45 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिरोज उर्फ पव्वा ने जरायम के गुर अपने गुरू ऊधम सिंह करनावल से सीखे थे। करनावल निवासी पव्वा ऊधम की घुट्टी पीकर ही शूटर बना। ऊधम से गांव की दोस्ती का सहारा लेकर वह अपराध की डगर पर ऐसा बढ़ा कि 50 हजार का इनामी हो चला। शुरूआती दौर में भले ही वह ऊधम का भरोसे का शूटर हुआ करता था, लेकिन बाद में उसने मुकीम काला का हाथ थाम लिया।
सहारनपुर के तनिष्क शोरूम में करोड़ों की डकैती से काला के साथ ही पव्वा भी चर्चित बदमाश बन बैठा। मुकीम गैंग के राइट हैंड फिरोज ने वेस्ट यूपी में ताबड़तोड़ वारदात की, लेकिन मेरठ पुलिस उसे पकड़ तक नहीं पाई।
करनावल निवासी ऊधम सिंह ने जब जरायम की दुनिया में कदम रखा था तो उसकी दोस्ती योगेश भदौड़ा से थी। कभी योगश और ऊधम साथ-साथ थे। इनकी दोस्ती में कई बड़े नाम भी शामिल रहे। लेकिन चीनी मिल में मैली के ठेके को लेकर ऊधम और योगेश में ऐसी ठनी कि मिल के डीजीएम की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। जिसके बाद ऊधम ने अपना गैंग खड़ा कर लिया।
विज्ञापन
ऊधम का सबसे ज्यादा भरोसा अपने ही गांव के फिरोज उर्फ पव्वा पर रहा। ऊधम और योगेश की अदावत में काफी खून बहा। जिसमें पव्वा ने शूटर की भूमिका निभाई। कहते हैं कि जरायम में दोस्ती की कोई कीमत नहीं होती। इसलिए फिरोज ने ऊधम गैंग से हटकर हाथ-पैर मारने शुरू कर दिए।
लूट और रंगदारी की घटनाओं के बाद वह पुलिस के निशाने पर आ गया। ऊधम पर तो शिकंजा कसा लेकिन पव्वा हाथ से फिसल गया। दरअसल सरूरपुर थाने के कुछ चुनिंदा सिपाही और दरोगा ही फिरोज को अच्छी तरह से पहचानते थे, लेकिन वह हर मौके पर पुलिस को छकाता रहा। जब पुलिस का ज्यादा दबाव पड़ा तो परिजन भी दूसरी जगह रहने लगे। इसके बाद पव्वा ने भी मुकीम काला का हाथ थाम लिया।
सहारनपुर में तनिष्क शोरूम में पड़ी 12 करोड़ की डकैती में मुकीम के साथ फिरोज का नाम सामने आने पर वह वेस्ट यूपी ही नहीं, पंजाब और हरियाणा पुलिस के भी रडार पर आ गया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगातार वारदातों से उसे मुकीम के साथ मोस्टवांटेड की सूची में शामिल कर लिया गया। उस पर 50 हजार का इनाम घोषित करते ही मेरठ क्राइम ब्रांच के अलावा एसटीएफ वेस्ट यूपी भी उसके पीछे लग गई।
फिरोज ने किया था ‘पव्वा’ फिट?
मेरठ। अपराध जगत में यह भी चर्चा रही कि ऊधम और मुकीम काला में हाथ मिलवाने के पीछे फिरोज पव्वा ही था। पुलिस अधिकारी भी इस पर कुछ न बोल रहे हों, लेकिन पुलिस महकमे में इसकी चर्चा बनी हुई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार ऊधम और मुकीम के बीच पक रही खिचड़ी की सूचना पुलिस अफसरों तक भी पहुंची थी। चर्चा थी इस दोस्ती से योगेश भदौड़ा की मुश्किलें बढ़ने लगीं।
मेरठ का पीसी ज्वैलर्स था निशाने पर
मेरठ। 50 हजार के इनामी फिरोज उर्फ पव्वा ने पकड़े जाने के बाद पुलिस को बताया कि मेरठ स्थित पीसी ज्वैलर्स उसके निशाने पर था। कई बार उसने लूट और डकैती की घटना को अंजाम देने के लिये योजना बनाई, पुलिस के पीछे पड़े होने के चलते कई बार वह भागने में भी कामयाब रहा।
फिरोज पव्वा पर सरूरपुर समेत अन्य थानों में दो दर्जन से अधिक लूट, हत्या, डकै ती और रंगदारी के मुकदमे दर्ज हैं। सहारनपुर की डकैती के बाद उसने दौराला में पशु व्यापारी से 16 लाख की लूट में भी उसका हाथ शामिल बताया गया, इसके अलावा डकैती और हत्या की कई वारदातों में उसके शामिल होने की बात सामने आई।
ये वारदातें भी करने वाला है गैंग
- एक व्यापारी से लूटने हैं दो करोड़ रुपये
- मेरठ में पीसी ज्वैलर्स और कैराना में लूटनी है ज्वैलरी शॉप
- जहांपुरा, जदैंडी और शामली में करनी हैं तीन लोगों की हत्या
- मुकीम काला के गुरु की मुखबिरी करने वाले की हत्या की भी प्लानिंग
विज्ञापन
सहारनपुर के तनिष्क शोरूम में करोड़ों की डकैती से काला के साथ ही पव्वा भी चर्चित बदमाश बन बैठा। मुकीम गैंग के राइट हैंड फिरोज ने वेस्ट यूपी में ताबड़तोड़ वारदात की, लेकिन मेरठ पुलिस उसे पकड़ तक नहीं पाई।
विज्ञापन
करनावल निवासी ऊधम सिंह ने जब जरायम की दुनिया में कदम रखा था तो उसकी दोस्ती योगेश भदौड़ा से थी। कभी योगश और ऊधम साथ-साथ थे। इनकी दोस्ती में कई बड़े नाम भी शामिल रहे। लेकिन चीनी मिल में मैली के ठेके को लेकर ऊधम और योगेश में ऐसी ठनी कि मिल के डीजीएम की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। जिसके बाद ऊधम ने अपना गैंग खड़ा कर लिया।
विज्ञापन
ऊधम का सबसे ज्यादा भरोसा अपने ही गांव के फिरोज उर्फ पव्वा पर रहा। ऊधम और योगेश की अदावत में काफी खून बहा। जिसमें पव्वा ने शूटर की भूमिका निभाई। कहते हैं कि जरायम में दोस्ती की कोई कीमत नहीं होती। इसलिए फिरोज ने ऊधम गैंग से हटकर हाथ-पैर मारने शुरू कर दिए।
लूट और रंगदारी की घटनाओं के बाद वह पुलिस के निशाने पर आ गया। ऊधम पर तो शिकंजा कसा लेकिन पव्वा हाथ से फिसल गया। दरअसल सरूरपुर थाने के कुछ चुनिंदा सिपाही और दरोगा ही फिरोज को अच्छी तरह से पहचानते थे, लेकिन वह हर मौके पर पुलिस को छकाता रहा। जब पुलिस का ज्यादा दबाव पड़ा तो परिजन भी दूसरी जगह रहने लगे। इसके बाद पव्वा ने भी मुकीम काला का हाथ थाम लिया।
सहारनपुर में तनिष्क शोरूम में पड़ी 12 करोड़ की डकैती में मुकीम के साथ फिरोज का नाम सामने आने पर वह वेस्ट यूपी ही नहीं, पंजाब और हरियाणा पुलिस के भी रडार पर आ गया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगातार वारदातों से उसे मुकीम के साथ मोस्टवांटेड की सूची में शामिल कर लिया गया। उस पर 50 हजार का इनाम घोषित करते ही मेरठ क्राइम ब्रांच के अलावा एसटीएफ वेस्ट यूपी भी उसके पीछे लग गई।
फिरोज ने किया था ‘पव्वा’ फिट?
मेरठ। अपराध जगत में यह भी चर्चा रही कि ऊधम और मुकीम काला में हाथ मिलवाने के पीछे फिरोज पव्वा ही था। पुलिस अधिकारी भी इस पर कुछ न बोल रहे हों, लेकिन पुलिस महकमे में इसकी चर्चा बनी हुई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार ऊधम और मुकीम के बीच पक रही खिचड़ी की सूचना पुलिस अफसरों तक भी पहुंची थी। चर्चा थी इस दोस्ती से योगेश भदौड़ा की मुश्किलें बढ़ने लगीं।
मेरठ का पीसी ज्वैलर्स था निशाने पर
मेरठ। 50 हजार के इनामी फिरोज उर्फ पव्वा ने पकड़े जाने के बाद पुलिस को बताया कि मेरठ स्थित पीसी ज्वैलर्स उसके निशाने पर था। कई बार उसने लूट और डकैती की घटना को अंजाम देने के लिये योजना बनाई, पुलिस के पीछे पड़े होने के चलते कई बार वह भागने में भी कामयाब रहा।
फिरोज पव्वा पर सरूरपुर समेत अन्य थानों में दो दर्जन से अधिक लूट, हत्या, डकै ती और रंगदारी के मुकदमे दर्ज हैं। सहारनपुर की डकैती के बाद उसने दौराला में पशु व्यापारी से 16 लाख की लूट में भी उसका हाथ शामिल बताया गया, इसके अलावा डकैती और हत्या की कई वारदातों में उसके शामिल होने की बात सामने आई।
ये वारदातें भी करने वाला है गैंग
- एक व्यापारी से लूटने हैं दो करोड़ रुपये
- मेरठ में पीसी ज्वैलर्स और कैराना में लूटनी है ज्वैलरी शॉप
- जहांपुरा, जदैंडी और शामली में करनी हैं तीन लोगों की हत्या
- मुकीम काला के गुरु की मुखबिरी करने वाले की हत्या की भी प्लानिंग