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रात में समझौता, दिन में पथराव और फायरिंग
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Sat, 14 Nov 2015 12:09 AM IST
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ब्रह्मपुरी थाने के पास सैनी वाली गली में बृहस्पतिवार रात हुए सांप्रदायिक टकराव में समझौता होने के बावजूद शुक्रवार दोपहर फिर बवाल हो गया। दोनों पक्षों में जमकर पथराव और फायरिंग हुई। जिसमें आठ लोग घायल हो गए। एसपी सिटी ने लाठीचार्ज कराते हुए भीड़ को खदेड़ा। मौके से 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई है।
ब्रह्मपुरी थाने से सटी सैनी वाली गली में बृहस्पतिवार शाम पटाखे फोड़ते समय स्थानीय निवासी शंकर का एसपीओ हनीफ विरोध कर दिया था। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में टकराव हो गया था। पथराव और फायरिंग होने के बावजूद सत्ताधारी नेताओं के दबाव में पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया था। बल्कि देर रात दोनों पक्षों को थाने में बुलाकर सुलह करा दी थी। शुक्रवार सुबह भी दोनों पक्षों में विवाद को लेकर थाने में मीटिंग बैठी। दोपहर बाद नमाज के बाद लौटते लोगों की दूसरे पक्ष के लोगों से कहासुनी के बाद मारपीट हो गई।
देखते ही देखते दोनों पक्षों में मारपीट, पथराव और फायरिंग शुरू हो गई। पुलिस मौके पर पहुंच गई। इसके बावजूद दोनों पक्षों के लोगों ने अपने घरों की छतों से एक-दूसरे पर पथराव किया। जिसमें महिला समेत आठ लोग घायल हो गए। सांप्रदायिक बवाल की सूचना पर पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया।
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एसपी सिटी ओपी सिंह आसपास के थानों की फोर्स लेकर आनन-फानन में मौके पर पहुंचे। पुलिस ने लाठीचार्ज कर लोगों को उनके घरों में अंदर कैद किया। पुलिस ने सर्च अभियान चलाकर दोनों पक्षों के 12 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। जिसके बाद डीएम पंकज यादव और एसएसपी डीसी दूबे भी मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। इस दौरान स्थानीय लोगों और महिलाओं ने उनके सामने हंगामा करना शुरू कर दिया।
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ब्रह्मपुरी थाने से सटी सैनी वाली गली में बृहस्पतिवार शाम पटाखे फोड़ते समय स्थानीय निवासी शंकर का एसपीओ हनीफ विरोध कर दिया था। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में टकराव हो गया था। पथराव और फायरिंग होने के बावजूद सत्ताधारी नेताओं के दबाव में पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया था। बल्कि देर रात दोनों पक्षों को थाने में बुलाकर सुलह करा दी थी। शुक्रवार सुबह भी दोनों पक्षों में विवाद को लेकर थाने में मीटिंग बैठी। दोपहर बाद नमाज के बाद लौटते लोगों की दूसरे पक्ष के लोगों से कहासुनी के बाद मारपीट हो गई।
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देखते ही देखते दोनों पक्षों में मारपीट, पथराव और फायरिंग शुरू हो गई। पुलिस मौके पर पहुंच गई। इसके बावजूद दोनों पक्षों के लोगों ने अपने घरों की छतों से एक-दूसरे पर पथराव किया। जिसमें महिला समेत आठ लोग घायल हो गए। सांप्रदायिक बवाल की सूचना पर पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया।
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एसपी सिटी ओपी सिंह आसपास के थानों की फोर्स लेकर आनन-फानन में मौके पर पहुंचे। पुलिस ने लाठीचार्ज कर लोगों को उनके घरों में अंदर कैद किया। पुलिस ने सर्च अभियान चलाकर दोनों पक्षों के 12 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। जिसके बाद डीएम पंकज यादव और एसएसपी डीसी दूबे भी मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। इस दौरान स्थानीय लोगों और महिलाओं ने उनके सामने हंगामा करना शुरू कर दिया।