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अपहरण कांड में करीबी पकड़े, मास्टरमाइंड अभी दूर, एक क्लिक में पढ़ें पूरी खबर   

Wed, 28 Jun 2017 02:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Wed, 28 Jun 2017 02:24 AM IST
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Closely caught in the kidnapping scandal, Mastermind still away
क्राइम। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

स्क्रैप कारोबारी हाजी इरफान कुरैशी के बेटे अरसम के अपहरण में मेरठ पुलिस फेल साबित हुई हैं। फिरौती की रकम की बरामदगी और मास्टरमाइंड तीसरे दिन भी पुलिस से कोसो दूर है। पुलिस ने बदमाशों को फर्जी आईडी पर सिम मुहैया करने वाले आस मोहम्मद समेत तीन करीबियों को पकड़ा हुआ है।  

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देहलीगेट थानाक्षेत्र के पटेलनगर निवासी स्क्रैप कारोबारी हाजी इरफान कुरैशी के बेटे अरसम का शुक्रवार को अपहरण हुआ था। फिरौती वसूलकर बदमाशों ने रविवार को अरसम को मुक्त कराया। पुलिस का दावा है कि पड़ोसी और करीबी इस अपहरण में शामिल है। अरसम को मुक्त हुए तीसरा दिन बीत गया, लेकिन पुलिस अभी तक अपहरण के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार करने में नाकाम है। 
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क्राइम ब्रांच टीम ने सोमवार शाम आस मोहम्मद को गिरफ्तार किया था। पुलिस पूछताछ में आस मोहम्मद ने कोतवाली के एक बदमाश का नाम बताया है। जोकि अपहरण कराने में शामिल था। उक्त बदमाश की गिरफ्तार के बाद ही अरसम के अपहरण की गुत्थी सुलझेगी। 
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करीबियों ने रैकी की और बदमाशों से वारदात 
पुलिस का दावा है कि अरसम के अपहरण में उनके करीबियों ने सटीक रैकी की और बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया है। दिल्ली के बदमाश भी शामिल है, जिन्होंने बच्चे को किडनैप करके अपने पास रखा। करीबियों के जरिये बदमाशों ने फिरौती वसूली और फिर बच्चे को मुक्त भी किया। पुलिस ने करीबियों को हिरासत में ले लिया है। जिन्होंने घटना में होना बताया। 

सिम नहीं था तो मोबाइल से बात कैसे की  
पुलिस का कहना है कि अपहरण के मामले में अरसम भी कहीं ना कहीं झूठ बोल रहा है। पुलिस के मुताबिक अरसम ने बताया कि उसके पास फोन तो था, लेकिन उसमें कोई सिम नहीं था। जबकि पुलिस ने सर्विलांस के जरिये अरसम के मोबाइल की कॉल पुलिस ने सुनी थी। मुक्त होने के बाद अरसम फोन पर बात करते अपने घर पहुंचा था। अरसम क्यों झूठ बोल रहा, इस पर सवाल उठने लाजिमी है। 

क्राइमसीन में उलझ रही पुलिस 
पुलिस के क्राइमसीन में स्क्रैप कारोबारी का बेटा सवालों के घेरे में है। आबूलेन जैसे पाश इलाके में दिनदहाडे़ अपहरण होना, गांधी बाग की पार्किंग में स्कूटी खड़ी करना, घर से दो बदमाश बुलाकर ले जाना और बदमाशों द्वारा अरसम को स्कूटी की चाबी देना। बदमाशों के बार बार फोन पर असलम की परिजनों से बात कराना और अपहरण में शामिल करीबियों के नाम न बताने जैसे कैसे सवाल पुलिस के क्राइमसीन को उलझा रहे है। पुलिस का दावा है कि मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के बाद इन सवालों के जवाब मिलेंगे। 

आस मोहम्मद के परिजनों का हंगामा 
आरोपी आस मोहम्मद के परिजनों ने मंगलवार को एसएसपी ऑफिस पर हंगामा किया। परिजनों का कहना था कि क्राइम ब्रांच और सदर बाजार पुलिस आस मोहम्मद को बेवजह अरसम के अपहरण के मामले में फंसाना चाहती है। अरसम के अपहरण से आस मोहम्मद का कोई लेना देना नहीं है, पुलिस अधिकारी जांच करा सकते है। इस मामले की शिकायत उन्होंने मानवाधिकार आयोग और मुख्यमंत्री से भी की है। हालांकि एसएसपी जे. रविंदर गौड़ का कहना है कि आस मोहम्मद इस अपहरण में शामिल था। इसके पुख्ता सुबूत पुलिस के पास है।
 
पुलिस की ढीली कार्रवाई से आईजी नाराज 
अरसम रविवार को मुक्त हुआ था। पुलिस और क्राइम ब्रांच सिर्फ अरसम के अपहरणकर्ताओं की तलाश में लगी है। तीन दिन बीतने के बावजूद पुलिस अभी तक अपहरण के मास्टर माइंड को गिरफ्तार नहीं कर पायी। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया हुआ है, लेकिन अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। पुलिस की ढीली कार्रवाई से आईजी रामकुमार ने नाराजगी जताई है। 


आईजी रेंज रामकुमार का कहना है कि पुलिस ने स्क्रैप कारोबारी के करीबियों से पूछताछ की है। अपहरण का मुख्य आरोपी अभी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। इस मामले में क्राइम ब्रांच, सदर बाजार पुलिस और एएसपी कैंट की टीम लगी है।
 
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