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भाजपा नेता मर्डर केस: नामजद आरोपियों की कुंडली खंगाल रही पुलिस, सियासी सूरमाओं की हत्या की है लंबी फेहरिस्त

Wed, 12 Aug 2020 02:17 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 12 Aug 2020 02:17 AM IST
सार

  • संजय ने बेटे को दिला दी थी क्लीनचिट, तभी से थी रंजिश
  • 2018 में हुआ था झगड़ा, खोखर ने मुकदमे से निकलवा दिया था नाम
  • इससे पहले भोपाल कैप्टन, देशपाल बदरखा, नरेश राठी समेत कई नेताओं की हो चुकी है हत्या

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BJP leader murder case: the police is digging the horoscope of the named accused
जानकारी देते एसपी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के बागपत में भाजपा नेता की हत्या के मामले में अब तक की जांच में सामने आया है कि दो साल पहले हुए झगड़े में नामजद बेटे को संजय खोखर ने क्लीन चिट दिलाई थी। इसी रंजिश में हत्या की वारदात अंजाम दी गई। हत्या में नामजद आरोपी किस-किसके संपर्क में थे, इसकी जांच में भी पुलिस जुटी है।
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संजय खोखर की हत्या की अब तक की जांच में 17 नवंबर 2018 को छपरौली में हुए झगड़े की रंजिश सामने आई है। मुकदमे में भी यही वजह बताई गई है। हेवा गांव के विकास कुमार पक्ष के लोगों ने संजय खोखर के घर पर हमला किया था। दोनों ओर से लाठी डंडे चले, जिसमें विकास को गंभीर चोट लगी थी।
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विकास कोमा में चला गया था और बाद में दिव्यांग हो गया था। उस मामले में संजय खोखर के बेटे अक्षय खोखर समेत 30 लोग नामजद हुए थे। वहीं से रंजिश शुरू हुई। संजय खोखर ने अपने बेटे की निर्दोष बताते हुए लखनऊ तक पैरवी करते हुए क्लीन चिट दिला दी थी।
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मुकदमे से अक्षय का नाम निकल गया था। दूसरा पक्ष इस बात को लेकर रंजिश रख रहा था। संजय खोखर की हत्या के चार नामजदों मेें विकास का भाई विनीत भी शामिल है। वहीं पुलिस ने संदिग्ध मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लगा दिया है।

जिले में सियासी सूरमाओं की हत्या की लंबी फेहरिस्त
छपरौली क्षेत्र में एक के बाद एक तीन सनसनीखेज हत्याएं हो चुकी हैं। जिले में ही सियासी लोगों की हत्या की लंबी फेहरिस्त है। खेकड़ा के चेयरमैन हरेंद्र धामा की उनके कार्यालय में हत्या कर दी गई थी। छपरौली में भाकियू नेता भोपाल कैप्टन की भी हत्या हुई थी।

टीकरी के चेयरमैन रहने के दौरान नरेश राठी की हत्या की गई थी। अपने पिता नरेश राठी की हत्या का बदला लेने के लिए सुनील राठी अपराध की दलदल में धंसता चला गया। ग्राम प्रधान के चुनाव की बात करें तो पुसार के प्रधान बलजोर की हत्या कर दी गई थी। वारदात से पूरा क्षेत्र सहम गया था।

सौम्य छवि के रालोद नेता बदरखा के देशपाल खोखर की हत्या पिछले महीने ही हुई। परिवार के लोगों का विवाद हुआ, लेकिन निशाना देशपाल बदरखा बन गए।

छपरौली की बात करें तो भाकियू नेता भोपाल कैप्टन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। खेकड़ा के चेयरमैन रहे हरेंद्र धामा की उस वक्त हत्या की गई थी, जब वह अपने कार्यालय में बैठकर कामकाज निपटा रहे थे। मंगलवार को संजय खोखर निशाना बन गए।

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