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बहसूमा थाने में रामपुर पुलिस को जमकर पीटा
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Thu, 27 Aug 2015 02:49 AM IST
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बहसूमा थाने में भीड़ ने रामपुर पुलिस पर हमला कर गैंगरेप के दो आरोपियों को छुड़ा लिया। लोगों ने बहसूमा पुलिस को भी दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और थाने से भगा दिया। पुलिस ने लाठीचार्ज करने का प्रयास किया, लेकिन लोगों ने उनकी लाठी तक छीन ली। इस मामले में एक सपा नेता की बेटे की शह देने की चर्चा है।
रामपुर सिविल लाइन थानाक्षेत्र में 11 अगस्त 2015 को एक महिला की शिकायत पर फिरोजुद्दीन और अहसान निवासी रामराज बहसूमा के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज किया गया था। नामजद दोनों आरोपियों की तलाश में रामपुर पुलिस बुधवार को दुष्कर्म पीड़िता के पति को लेकर बहसूमा थाने पहुंची।
आरोपी पहले से ही थाने में बैठे थे। पीड़िता के पति ने दोनों को पहचान लिया। रामपुर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी की सूचना पर आरोपियों के परिजन सैकड़ों लोगों के साथ थाने पहुंचे। महिलाओं ने हंगामा करना शुरू किया तो पुलिस ने दोनों आरोपियों को हवालात में बंद किया। हालत बेकाबू होने लगे। लोगों की भीड़ ने पहले रामपुर पुलिस और फिर बहसूमा पुलिस पर हमला बोलकर आरोपियों को हवालात से छुड़ा लिया।
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पुलिस जीप की निकाली हवा
भीड़ ने बहसूमा थाने में खड़ी पुलिस की गाड़ियों की हवा भी निकाल दी। बेबस पुलिस लोगों का पीछा भी नहीं कर पायी। वारदात के बाद पुलिस मामले को दबाने में लगी रही। एसओ बहसूमा रामरतन यादव ने बताया कि भीड़ के बेकाबू होने पर आरोपियों को छोड़ा गया है। आरोपियों के परिजनों ने दस दिन में खुद ही उनको रामपुर पुलिस को सौंपने की बात कही है।
बहसूमा पुलिस ने कराया हमला
रामपुर सिविल लाइन थाने से आए एसआई डीके त्यागी ने बताया कि बहसूमा पुलिस की लापरवाही के चलते लोगोें ने उन पर हमला किया है। दोनों आरोपियों को थाने से गिरफ्तार कर लिया था। बहसूमा पुलिस ने आरोपियों के परिजनों को इसकी जानकारी दी। इससे भीड़ एकत्र हो गई थी। उन्होंने बहसूमा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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रामपुर सिविल लाइन थानाक्षेत्र में 11 अगस्त 2015 को एक महिला की शिकायत पर फिरोजुद्दीन और अहसान निवासी रामराज बहसूमा के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज किया गया था। नामजद दोनों आरोपियों की तलाश में रामपुर पुलिस बुधवार को दुष्कर्म पीड़िता के पति को लेकर बहसूमा थाने पहुंची।
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आरोपी पहले से ही थाने में बैठे थे। पीड़िता के पति ने दोनों को पहचान लिया। रामपुर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी की सूचना पर आरोपियों के परिजन सैकड़ों लोगों के साथ थाने पहुंचे। महिलाओं ने हंगामा करना शुरू किया तो पुलिस ने दोनों आरोपियों को हवालात में बंद किया। हालत बेकाबू होने लगे। लोगों की भीड़ ने पहले रामपुर पुलिस और फिर बहसूमा पुलिस पर हमला बोलकर आरोपियों को हवालात से छुड़ा लिया।
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पुलिस जीप की निकाली हवा
भीड़ ने बहसूमा थाने में खड़ी पुलिस की गाड़ियों की हवा भी निकाल दी। बेबस पुलिस लोगों का पीछा भी नहीं कर पायी। वारदात के बाद पुलिस मामले को दबाने में लगी रही। एसओ बहसूमा रामरतन यादव ने बताया कि भीड़ के बेकाबू होने पर आरोपियों को छोड़ा गया है। आरोपियों के परिजनों ने दस दिन में खुद ही उनको रामपुर पुलिस को सौंपने की बात कही है।
बहसूमा पुलिस ने कराया हमला
रामपुर सिविल लाइन थाने से आए एसआई डीके त्यागी ने बताया कि बहसूमा पुलिस की लापरवाही के चलते लोगोें ने उन पर हमला किया है। दोनों आरोपियों को थाने से गिरफ्तार कर लिया था। बहसूमा पुलिस ने आरोपियों के परिजनों को इसकी जानकारी दी। इससे भीड़ एकत्र हो गई थी। उन्होंने बहसूमा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।