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बनियान में डिवाइस, कान में ब्लूटूथ, पूरे वेस्ट यूपी में फैला बागपत के अरविंद राणा गैंग का नेटवर्क 

Tue, 25 Dec 2018 03:21 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 25 Dec 2018 03:21 PM IST
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Arvind Rana Gang of Baghpat network spread across West UP solve paper via Bluetooth and a device
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वेस्ट यूपी में अरविंद राणा गैंग के नेटवर्क का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया। राणा से जुड़े सॉल्वर गैंग के दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। दावा है कि इस गैंग की सरकारी विभाग की चयन परीक्षाओं में बड़ी घुसपैठ है। कालेज के कुछ शिक्षक और छात्र गैंग में शामिल होते हैं, ताकि युवकों को आसानी से ठग सकें। बता दें कि अमर उजाला ने ही इस गोरखधंधे का खुलासा किया था।
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एसपी सिटी रणविजय सिंह ने सोमवार को प्रेसवार्ता में राणा गैंग से जुड़े दोनों आरोपियों विपिन डागरा निवासी डिडार मुरादनगर गाजियाबाद और विदवेश कुमार निवासी 114 ग्रेटर पल्लवपुरम (करनावल, सरूरपुर) को पेश किया। एसपी सिटी के मुताबिक दोनों आरोपी सॉल्वर गैंग के हैं, जो बागपत के राणा गैंग से जुड़े है। आरोपी विदवेश उर्फ बिल्ला अरविंद राणा का रिश्तेदार बताया। विदवेश फलावदा में जनता इंटर कॉलेज में शिक्षक है, जबकि उसका साथी विपिन सीसीएसयू का छात्रनेता बताया गया। नामजद आरोपी राणा और उसके साथी पवन नैन की तलाश की जा रही है।
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आठ-आठ लाख में हुआ सौदा
एसपी सिटी के मुताबिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया है कि उन्होंने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) की परीक्षा में व्हाट्सएप पर कॉलिंग करने के साथ चेट की। परीक्षा में नकल पास कराने के नाम पर आठ लाख रुपये का कई परीक्षार्थियों से सौदा किया। जिसमें डेढ़ लाख रुपये एडवांस के तौर पर लिया था।

आरोपी परीक्षार्थी की मूल अंक तालिका रख लेते थे। पूरे पैसे मिलने के बाद ही उसे लौटाते थे। आरोपियों से पांच मोबाइल, परीक्षार्थियों की प्रवेशपत्र की छायाप्रति, उत्तर माला शीट, परिणाम की छायाप्रति, आई-20 कार समेत अन्य सामान बरामद हुआ। यूपीएसएसएससी की बीते शनिवार और रविवार को परीक्षा में मेरठ में 12 स्कूलों में सेंटर बने थे। सभी सेंटरों पर राणा गैंग के गुर्गे लगे थे। पुलिस ने उनकी तलाश करनी शुरू कर दी है।

अभ्यर्थी फंसाने में फंसे ‘गुरुजी’ 
अभ्यर्थियों को फंसाने के लिए ‘गुरुजी’ की अहम भूमिका थी। आठ लाख रुपये लेकर पेपर आउट कराने का ये ‘गुरुजी’ ठेका लेता था। पुलिस का दावा कि यह आरोपी परीक्षा माफिया अरविंद राणा का रिश्तेदार है। सरकारी तंत्र में नकल कराने में राणा गैंग का नेटवर्क है, इसकी जानकारी पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों को भी है। इसके बावजूद पुलिस उनका नेटवर्क नहीं तोड़ पायी। एसपी सिटी रणविजय सिंह ने बताया कि आरोपी विदवेश कुमार उर्फ बिल्ला मूल निवासी करनावल है।

वह जनता इंटर कॉलेज फलावदा में नागरिक शास्त्र का लेक्चरार है। वह फिलहाल पल्लवपुरम में परिवार के साथ रहता है। पुलिस का दावा कि आरोपी विदवेश ने कई छात्रों को यूपीसीसीसीएस की परीक्षा की तिथि आने से पहले तैयार किया। प्रत्येक अभ्यर्थी से आठ-आठ लाख में सौदा तय किया था कि परीक्षा में उनको पास कराया जाएगा। जिसके एवज में कई अभ्यर्थियों से एडवांस में पैसा लेकर राणा को दिया गया था। एसपी सिटी ने बताया कि पांच लोगों को आरोपियों ने मेरठ में डिवाइस उपलब्ध कराई, जिसका उन्होंने परीक्षा में प्रयोग किया। 

मेरा रिश्तेदार नहीं अरविंद 
प्रेसवार्ता में आरोपी विदवेश ने कहा है कि अरविंद राणा मेरा रिश्तेदार नहीं है। पुलिस उसे मेरा मौसेरा भाई बता रही है। लेकिन मेरी मौसी ही नहीं है। मेरा तो बस एक मामा है, जो बागपत में रहता है। मुझे बेवजह फंसाया गया है। मुझे दो दिन से मेडिकल पुलिस ने हवालात में बैठाया हुआ था। 

असली गुनहगारों को पकड़ो
दोनों आरोपियों ने कहा कि परीक्षा में नकल कराने वाले असली गुनहगारों को पुलिस पकड़ नहीं रही। उनका नेटवर्क सरकारी मशीनरी तक फैला हुआ। पुलिस वाले भी उनको जानते हैं। हालांकि एसपी सिटी ने बताया कि गैंग से जुड़े पुराने लोगों को भी तलाशा जा रहा है।
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बनियान में डिवाइस, कान में ब्लूटूथ  
अरविंद राणा के सॉल्वर गैंग ने इस बार अत्याधुनिक यंत्र का प्रयोग किया है। सॉल्वर गैंग कई परीक्षार्थियों के बनियान में डिवाइस और ब्लूटूथ लगाकर नकल कराता था। परीक्षार्थियों के बनियान में डिवाइस, कान में मक्खी के आकार का ब्लूटूथ फिट किया था। पुलिस ने बताया कि सॉल्वर गैंग से मोबाइल और डिवाइस बरामद हुई हैं। पूछताछ में इन लोगों ने बताया कि यह बनियान में डिवाइस फिट करते थे। मक्खी के बराबर आकार का ब्लूटूथ कान में फिट कर दिया। जिससे बाहर बैठा सॉल्वर सवालों को हल कर सके। मथुरा के सीओ रिफाइनरी राकेश कुमार ने बताया कि आरोपी सुंदर चौधरी को पहले भी पकड़ा जा चुका है।

पचास से भी ज्यादा के प्रवेश पत्र मिले
पुलिस ने जिन चार सॉल्वरों को गिरफ्तार किया है, उनके मोबाइल से 50 से भी ज्यादा छात्रों के प्रवेश पत्र मिले हैं। माना जा रहा कि इन सभी छात्रों से नकल कराने का सौदा हुआ होगा। अभी तक की जानकारी के मुताबिक दो से पांच लाख तक नकल कराने के लिए गए थे। डिवाइस फिट करने के लिए दिल्ली के लोग इनके साथ थे।

मथुरा में भी मेरठ का युवक पकड़ा 
परीक्षा में नकल कराने के लिए सॉल्वर गैंग ने बड़ा जाल बिछाया था। मथुरा के एमएनटी इंटर कालेज के सचल दल ने एक छात्र को पकड़ा तो खुलासा हो गया। दो छात्र पहले ही पकड़े गए थे। जबकि चार सोमवार का धरे गए। गिरफ्तार छात्रों में सुंदर चौधरी निवासी नौहझील, प्रदीप निवासी नगला सहसो और बृजबिहारी वृंदावन के अलावा पवन निवासी स्याल भावनपुर है।  
 
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