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अपहृत युवक की सिर काटकर हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 19 Jun 2016 01:02 AM IST
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ग्राम महपा में हत्या के बाद हंगामा करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
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महपा गांव से अपहृत युवक की सिर काटकर हत्या कर दी गई। शनिवार सुबह ईख के खेत में युवक की लाश मिली तो सनसनी फैल गई। युवक छह दिन से लापता था। परिजन अपहरण का आरोप लगाकर जानी थाना पुलिस से बरामदगी की मांग कर चुके थे। हत्या से गुस्साए ग्रामीणों ने घंटो तक शव नहीं उठने दिया।
पुलिस ने महिला समेत दो आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
जानी थाना क्षेत्र का महपा गांव निवासी अंकित (25) पुत्र योगेंद्र सिंह गांव में ही अपने भाई रवि के साथ परचून की दुकान करता था। बीती 12 जून की शाम वह घर से राजेश की ट्यूबवेल पर नहाने की बात कहकर निकला था। उसके बाद से लौटा नहीं था। परिजनों ने 15 जून को अपहरण की आशंका जतायी थी, जिस पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की थी।
शनिवार सुबह ग्रामीणों ने गांव के बराबर में स्थित एक ईख के खेत में युवक का सड़ा-गला शव पड़ा देखा। जिसका सिर पास ही अलग पड़ा था। शव को कई स्थानों से जंगली जानवरों ने भी खाया हुआ था। पास ही तमंचा पड़ा था। शव मिलने की खबर गांव में आग की तरह फैली तो सैकड़ों ग्रामीण पहुंच गए।
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शव की शिनाख्त अंकित के रूप में हुई। मौके पर पुलिस पहुंची तो ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शव नहीं उठने दिया और हंगामा कर दिया। सीओ सरधना ब्रजेश कुमार सिंह के काफी समझाने के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा सकता। बाद में एसपी देहात डॉ. प्रवीन रंजन ने मौके पर पहुंचकर परिजनों से घटना की जानकारी ली।मृतक के भाई रवि ने शक के आधार पर कस्बा पतला निवासी रीतू पत्नी शेटी और गांव खानपुर निवासी अनिल के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। इंस्पेक्टर जानी संजीव कुमार के अनुसार प्रारंभिक जांच में मामला प्रेम प्रसंग का लग रहा है। नामजद लोगों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
निर्ममता से हत्या करना गहरी नफरत
अंकित की निर्ममता से हत्या करना स्पष्ट करता है कि हत्यारों की अंकित से गहरी नफरत थी। शव के पास तमंचा भी मिला है। पुलिस मान रही है कि यदि अंकित की गोली मारकर ही हत्या करनी थी तो सिर क्यों काटा गया। हत्या के बाद शव को जलाकर नष्ट करने की भी कोशिश हुई। ऐसा किसी खास रंजिश से होना सामने आता है।
परिजनों में कोहराम
योगेंद्र और उनकी पत्नी की कैंसर से मौत हो चुकी है। जिसके कारण कुछ जमीन भी बीमारी के चलते बेचनी पड़ी थी। परिजन अंकित के सुरक्षित लौटने की आस लगाए थे, लेकिन उसकी हत्या होने के बाद कोहराम मच गया।
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पुलिस ने महिला समेत दो आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
जानी थाना क्षेत्र का महपा गांव निवासी अंकित (25) पुत्र योगेंद्र सिंह गांव में ही अपने भाई रवि के साथ परचून की दुकान करता था। बीती 12 जून की शाम वह घर से राजेश की ट्यूबवेल पर नहाने की बात कहकर निकला था। उसके बाद से लौटा नहीं था। परिजनों ने 15 जून को अपहरण की आशंका जतायी थी, जिस पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की थी।
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शनिवार सुबह ग्रामीणों ने गांव के बराबर में स्थित एक ईख के खेत में युवक का सड़ा-गला शव पड़ा देखा। जिसका सिर पास ही अलग पड़ा था। शव को कई स्थानों से जंगली जानवरों ने भी खाया हुआ था। पास ही तमंचा पड़ा था। शव मिलने की खबर गांव में आग की तरह फैली तो सैकड़ों ग्रामीण पहुंच गए।
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शव की शिनाख्त अंकित के रूप में हुई। मौके पर पुलिस पहुंची तो ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शव नहीं उठने दिया और हंगामा कर दिया। सीओ सरधना ब्रजेश कुमार सिंह के काफी समझाने के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा सकता। बाद में एसपी देहात डॉ. प्रवीन रंजन ने मौके पर पहुंचकर परिजनों से घटना की जानकारी ली।मृतक के भाई रवि ने शक के आधार पर कस्बा पतला निवासी रीतू पत्नी शेटी और गांव खानपुर निवासी अनिल के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। इंस्पेक्टर जानी संजीव कुमार के अनुसार प्रारंभिक जांच में मामला प्रेम प्रसंग का लग रहा है। नामजद लोगों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
निर्ममता से हत्या करना गहरी नफरत
अंकित की निर्ममता से हत्या करना स्पष्ट करता है कि हत्यारों की अंकित से गहरी नफरत थी। शव के पास तमंचा भी मिला है। पुलिस मान रही है कि यदि अंकित की गोली मारकर ही हत्या करनी थी तो सिर क्यों काटा गया। हत्या के बाद शव को जलाकर नष्ट करने की भी कोशिश हुई। ऐसा किसी खास रंजिश से होना सामने आता है।
परिजनों में कोहराम
योगेंद्र और उनकी पत्नी की कैंसर से मौत हो चुकी है। जिसके कारण कुछ जमीन भी बीमारी के चलते बेचनी पड़ी थी। परिजन अंकित के सुरक्षित लौटने की आस लगाए थे, लेकिन उसकी हत्या होने के बाद कोहराम मच गया।