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एक मोहल्ला जहां गली-गली बनते हैं हथियार, खेतों में लगती हैं मंडी

Wed, 22 Feb 2017 04:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Wed, 22 Feb 2017 04:20 PM IST
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A village the arms are formed from street to street-cart, used market dictates
अवैध हथियार

सोमवार को हथियारों के सौदागर की गिरफ्तारी दिल्ली में हुई। लेकिन हथियार मेरठ में बनने की बात सामने आई है। हथियार बनने को लेकर पहले भी कई बार यह दाग मेरठ के दामन पर लगा है। दिल्ली में पकड़े गए अरशद से पहले लिसाड़ी गेट के तीन युवक पिछले साल भी दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ चुके हैं। खास बात यह है कि अब ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में भी हथियार बनने की बात सामने आई है। अरशद ने यह बताया है कि हथियार लिसाड़ी गेट में बनते हैं। 

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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल टीम ने परतापुर क्षेत्र के सविंदर को पिछले साल 50 पिस्टल, तमंचे और भारी मात्रा में कारतूसों के साथ पकड़ा था। उसने पूछताछ में मेरठ समेत वेस्ट यूपी के मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर सहित कई जिलों में अवैध असलहों के काले कारोबार का खुलासा किया था। इस साल की शुरूआत में ही मेरठ में कई जगहों पर पुलिस ने अवैध असलहे पकड़े हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में किठौर के रार्धना, सरूरपुर के खिर्वा जलालपुर, रोहटा क्षेत्र के गांव चर्चित हो चुके हैं। शहर में लिसाड़ी गेट के अलावा परतापुर क्षेत्र का नाम ज्यादा सामने आ रहा है। पुलिस आंकड़ों के अनुसार तीन साल में जिले में दो हजार से ज्यादा अवैध असलहे पकड़े जा चुके हैं।  

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घर के तहखानों में कारखाने

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आरोपी अरशद गिरफ्तार

12 जनवरी को पुलिस ने फलावदा के एक मकान में तहखाने में चल रही अवैध असलहों की फैक्ट्री पकड़ी थी। यहां से दो देशी रायफल, तमंचे, दो बंदूक और काफी मात्रा में कारतूस पकड़े थे। इस अवैध कारोबार में लगे दो सगे भाईयों को पुलिस ने दबोचा था। 

सप्लाई भी खूब होती है 
23 जनवरी को पुलिस ने कैंट क्षेत्र में काठ के पुल पर राधना के बदमाश को पकड़ा था। पूछताछ के बाद उसके मकान में अवैध असलहों की फैक्ट्री पकड़ी थी। यहां से एक बंदूक, दो पिस्टल, रिवाल्वर, दो तमंचे और 60 कारतूसों के साथ राधना के बदमाश को पकड़ा था। उसका साथी भाग गया था।

खेतों में लगता असलहों का बाजार
तीन फरवरी को पुलिस ने राधना के जंगल में दबिश देकर वहां से अवैध असलहे बरामद किए थे। बाकायदा खेतों में असलहों का बाजार सजा था। अमर उजाला ने इसका खुलासा किया तो पुलिस की नींद खुली थी। पुलिस ने यहां से तीन देशी बंदूक, सात तमंचे और कारतूस और उस्तरे बरामद किए थे। 

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यहां नालों से भी मिलते हैं तमंचे

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नालों में मिले तंमचे
लिसाड़ी गेट क्षेत्र में तो नालों से भी तमंचे मिलते हैं। पिछले साल फतेहउल्लापुर रोड पर नगर निगम द्वारा जेसीबी से कराई जा रही सफाई में नाले से ही दो तमंचे और कुछ कारतूस बरामद हुए थे। पिछले साल भी यहां के एक मकान से तमंचे बरामद हुए थे।

पहले भी पकड़े गए गैंग
मेरठ में लगातार हथियारों के बनाने और सप्लाई करने वाले गैंग पकड़े जा रहे हैं। दौराला और मवाना पुलिस हथियार बनाने वाले तीन गैंगों का खुलासा कर आरोपियों को जेल भेज चुकी है। 

हो रहा है पिस्टलों का इस्तेमाल 
मेरठ में हो रही वारदातों में बदमाश ज्यादातर पिस्टलों का इस्तेमाल कर रहे हैं। माना जा रहा है कि अवैध तरीकों से बन रही पिस्टलों से अपराधियों ने सनसनीखेज वारदातों को अंजाम दिया। सोमवार को जुहेब को पिस्टल से 12 गोलियां मारी गईं थीं, तो ब्रह्मपुरी में गुटखा व्यापारी के बेटे की हत्या भी बदमाशों ने पिस्टल से ही की थी। लूट के दौरान पिस्टल तानने या गोली चलाने के कई मामले सामने आए हैं। 

अरशद का चिट्ठा खंगाला जा रहा 
इंस्पेक्टर लिसाड़ी गेट सीबी यादव ने बताया कि 21 पिस्टलों के साथ दिल्ली में पकडे़ गए खुशहाल नगर निवासी अरशद के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। अरशद के बारे में अभी तक दिल्ली पुलिस ने कोई सूचना नहीं दी है वह अपने स्तर से ही इसके बारे में जानकारी करा रहे हैं। चौकी पुलिस की टीम को खुशहाल नगर में इसकी जानकारी जुटाने में लगाया गया है।
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