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सीएम ऑफिस तक पहुंची गोवंश मीट की सूचना, हड़कंप
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लिसाड़ी गेट के एक व्यक्ति ने सीएम दफ्तर में की गोवंशीय पशुओं का मीट बेचे जाने की शिकायत
04 क्विंटल से ज्यादा मीट कब्जे में लिया, दो लोग हिरासत में, सभी दुकानों से मीट के सैंपल भरवाए
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री कार्यालय से शिकायत कर दी थी कि लिसाड़ी गेट में गोवंशीय पशुओं का मीट बेचा जा रहा है। जिसके बाद लखनऊ से निर्देश मिलने पर पुलिस एक्शन में आ गई। लिसाड़ी गेट और पिलोखड़ी चौकी पुलिस के अलावा यूपी 100 पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर ली। पुलिस फोर्स के पहुंचने से पहले ही दुकानदार मीट क ी दुकानें छोड़कर भाग निकले। पुलिस ने मौके से 40 क्विंटल से भी ज्यादा मीट कब्जे में लेते हुए सभी दुकानों से मीट के सैंपल भरवाए। दो लोगों को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस के अनुसार लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र में कांच के पुल पर मीट की कई दुकानें हैं। इन दुकानों पर मीट बेचने के लिए नगर निगम से लाइसेंस हैं। रविवार सुबह एक स्थानीय व्यक्ति ने मुख्यमंत्री के कार्यालय पर की शिकायत में आरोप लगाया कि रसीदनगर निवासी आस मोहम्मद की दुकान पर गोवंश का मांस बेचा जा रहा है। यहां दिन निकलने से पहले ही मीट लाया जाता है और कभी मीट की सैंपलिंग नहीं कराई गई। शासन से निर्देश मिलने पर लिसाड़ी गेट इंस्पेक्टर नजीर अली खां, पिलोखड़ी चौकी इंचार्ज और यूपी 100 पुलिस मौके पर पहुंच गई। इस दौरान पुलिस फोर्स देखकर आस मोहम्मद दुकान छोड़कर भाग निकला। पुलिस ने मीट की सैंपलिंग के लिए पशु चिकित्सकों की टीम बुला ली। टीम ने आस मोहम्मद और एक अन्य दुकान का मीट कब्जे में लेकर वहां सील लगा दी। इसके अलावा आसपास की मीट की सभी दुकानों पर भी मीट की जांच कर पशु चिकित्सकों ने सैंपल भरे।
मुकदमा दर्ज, रिपोर्ट आने पर कार्रवाई
सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला का कहना है कि पुलिस ने रूटीन चेकिंग में दुकानों पर कार्रवाई की है। मीट की सैंपलिंग कराई गई है। आस मोहम्मद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा कि मीट गोवंश का है या नहीं। उसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
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थाना पुलिस की भूमिका पर लगते रहे हैं आरोप
यह पहला मामला नहीं है जब लिसाड़ीगेट में गोवंश मीट बेचने की शिकायत की गई है। इससे पहले भी नीचा सद्दीकनगर, ऊंचा सद्दीक नगर, रसीदनगर, कांच का पुल और पिलोखड़ी क्षेत्र में मौके पर गोवंश का कटान भी पकड़ा गया था। एक दरोगा और फैंटम सिपाहियों पर एक साल पहले कार्रवाई की गई थी। जिसमें पुलिस की मिलीभगत से अवैध कटान होने की बात सामने आई थी।
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लिसाड़ी गेट के एक व्यक्ति ने सीएम दफ्तर में की गोवंशीय पशुओं का मीट बेचे जाने की शिकायत
04 क्विंटल से ज्यादा मीट कब्जे में लिया, दो लोग हिरासत में, सभी दुकानों से मीट के सैंपल भरवाए
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री कार्यालय से शिकायत कर दी थी कि लिसाड़ी गेट में गोवंशीय पशुओं का मीट बेचा जा रहा है। जिसके बाद लखनऊ से निर्देश मिलने पर पुलिस एक्शन में आ गई। लिसाड़ी गेट और पिलोखड़ी चौकी पुलिस के अलावा यूपी 100 पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर ली। पुलिस फोर्स के पहुंचने से पहले ही दुकानदार मीट क ी दुकानें छोड़कर भाग निकले। पुलिस ने मौके से 40 क्विंटल से भी ज्यादा मीट कब्जे में लेते हुए सभी दुकानों से मीट के सैंपल भरवाए। दो लोगों को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस के अनुसार लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र में कांच के पुल पर मीट की कई दुकानें हैं। इन दुकानों पर मीट बेचने के लिए नगर निगम से लाइसेंस हैं। रविवार सुबह एक स्थानीय व्यक्ति ने मुख्यमंत्री के कार्यालय पर की शिकायत में आरोप लगाया कि रसीदनगर निवासी आस मोहम्मद की दुकान पर गोवंश का मांस बेचा जा रहा है। यहां दिन निकलने से पहले ही मीट लाया जाता है और कभी मीट की सैंपलिंग नहीं कराई गई। शासन से निर्देश मिलने पर लिसाड़ी गेट इंस्पेक्टर नजीर अली खां, पिलोखड़ी चौकी इंचार्ज और यूपी 100 पुलिस मौके पर पहुंच गई। इस दौरान पुलिस फोर्स देखकर आस मोहम्मद दुकान छोड़कर भाग निकला। पुलिस ने मीट की सैंपलिंग के लिए पशु चिकित्सकों की टीम बुला ली। टीम ने आस मोहम्मद और एक अन्य दुकान का मीट कब्जे में लेकर वहां सील लगा दी। इसके अलावा आसपास की मीट की सभी दुकानों पर भी मीट की जांच कर पशु चिकित्सकों ने सैंपल भरे।
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मुकदमा दर्ज, रिपोर्ट आने पर कार्रवाई
सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला का कहना है कि पुलिस ने रूटीन चेकिंग में दुकानों पर कार्रवाई की है। मीट की सैंपलिंग कराई गई है। आस मोहम्मद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा कि मीट गोवंश का है या नहीं। उसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
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थाना पुलिस की भूमिका पर लगते रहे हैं आरोप
यह पहला मामला नहीं है जब लिसाड़ीगेट में गोवंश मीट बेचने की शिकायत की गई है। इससे पहले भी नीचा सद्दीकनगर, ऊंचा सद्दीक नगर, रसीदनगर, कांच का पुल और पिलोखड़ी क्षेत्र में मौके पर गोवंश का कटान भी पकड़ा गया था। एक दरोगा और फैंटम सिपाहियों पर एक साल पहले कार्रवाई की गई थी। जिसमें पुलिस की मिलीभगत से अवैध कटान होने की बात सामने आई थी।