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किराये की बाइक कंपनी का फैला कारोबार, खुल रही पोल
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- रोज सामने आने लगे नये मामले, बाइक भी दिखने लगी हैं कम
- करोड़ों रुपये का चूना लगाने वाले कंपनी के संचालकों से हो सकती है पूछताछ
मेरठ। किराये पर बाइक चलाने वाली कंपनी का जाल मेरठ के अलावा दूसरे जनपद में भी फैला हुआ है। एक-एक कर कंपनी की पोल खुलने लगी है। हालत यह हो गई कि अब शहर में भी इस कंपनी की बाइक कम नजर आने लगी हैं।
नोएडा की एक कंपनी ने लोगों को मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर उनकी बाइक अपनी कंपनी में लगा दीं। 1.86 लाख रुपये खर्च कराकर 35 हजार रुपये महीने उनके खाते में डालने का एग्रीमेंट किया हुआ है। उसी हिसाब से जिसने जितना पैसा लगाया, उसको उतना मुनाफा दिया। इसको देखते मेरठ में करोड़ों रुपये लोगों ने लगाए हैं। जिनकी किराये पर बाइक कंपनी ने शहर में दौड़ाई हुई है। लेकिन पिछले दो महीने से कंपनी की हालत खस्ता हो गई।
सिविल लाइन क्षेत्र के एक पार्षद ने 50 बाइक इस कंपनी में लगाई हुई है। उसने बताया है कि बाइक चलाने चालक कम नजर आने लगे हैं। कई दिनों तक उनके द्वारा लगाई बाइक नहीं दिख रही है। दो महीने से खाते में पैसा नहीं आने की बात चालकों को लग गई। ड्राइवर का पैसा भी फंस गया है। लोग नोएडा हेड ऑफिस में कंपनी डायरेक्टर से मिले। डायरेक्टर ने खुद माना है कि कंपनी घाटे में चली गई है। उनका पैसा जरूर मिलेगा। लेकिन लोगों को विश्वास नहीं है। उनको पैसा डूबता नजर आ रहा है। हालांकि इसकी कोई शिकायत अभी पुलिस के पास नहीं गई है। एसपी सिटी रणविजय सिंह का कहना है कि तहरीर आने पर केस दर्ज करेंगे।
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- करोड़ों रुपये का चूना लगाने वाले कंपनी के संचालकों से हो सकती है पूछताछ
मेरठ। किराये पर बाइक चलाने वाली कंपनी का जाल मेरठ के अलावा दूसरे जनपद में भी फैला हुआ है। एक-एक कर कंपनी की पोल खुलने लगी है। हालत यह हो गई कि अब शहर में भी इस कंपनी की बाइक कम नजर आने लगी हैं।
नोएडा की एक कंपनी ने लोगों को मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर उनकी बाइक अपनी कंपनी में लगा दीं। 1.86 लाख रुपये खर्च कराकर 35 हजार रुपये महीने उनके खाते में डालने का एग्रीमेंट किया हुआ है। उसी हिसाब से जिसने जितना पैसा लगाया, उसको उतना मुनाफा दिया। इसको देखते मेरठ में करोड़ों रुपये लोगों ने लगाए हैं। जिनकी किराये पर बाइक कंपनी ने शहर में दौड़ाई हुई है। लेकिन पिछले दो महीने से कंपनी की हालत खस्ता हो गई।
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सिविल लाइन क्षेत्र के एक पार्षद ने 50 बाइक इस कंपनी में लगाई हुई है। उसने बताया है कि बाइक चलाने चालक कम नजर आने लगे हैं। कई दिनों तक उनके द्वारा लगाई बाइक नहीं दिख रही है। दो महीने से खाते में पैसा नहीं आने की बात चालकों को लग गई। ड्राइवर का पैसा भी फंस गया है। लोग नोएडा हेड ऑफिस में कंपनी डायरेक्टर से मिले। डायरेक्टर ने खुद माना है कि कंपनी घाटे में चली गई है। उनका पैसा जरूर मिलेगा। लेकिन लोगों को विश्वास नहीं है। उनको पैसा डूबता नजर आ रहा है। हालांकि इसकी कोई शिकायत अभी पुलिस के पास नहीं गई है। एसपी सिटी रणविजय सिंह का कहना है कि तहरीर आने पर केस दर्ज करेंगे।
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