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सर्किल छोड़कर शहर में नहीं आए तो नपेंगे सीओ

Sat, 15 Sep 2018 02:32 AM IST
Updated Sat, 15 Sep 2018 02:32 AM IST
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सर्किल छोड़कर शहर में नहीं आए तो नपेंगे सीओ
मेरठ। बदमाश थानों और पुलिस ऑफिसों के पास आपराधिक वारदात कर रहे हैं। थानेदारों की मॉनिटरिंग करने वाले डीएसपी शाम ढलते ही अपने सर्किल छोड़ देते हैं। दोपहर को सर्किल ऑफिस में जाकर तीन-चार घंटे कागजी काम करते हैं और फिर शहर में अपने आवास पर आ जाते हैं। इसकी समीक्षा लखनऊ में पुलिस अफसरों ने की। जिसके बाद एडीजी प्रशासन ने जिले के पुलिस कप्तानों को आदेश दिए हैं कि सीओ अपने सर्किल में ही अपना आवास रखे। सीओ सर्किल छोड़कर शहर में या फिर दूसरे सर्किल में आवास पर मिलेें तो सीएम के स्तर से कार्रवाई होगी। एडीजी प्रशासन की यह चिट्ठी शुक्रवार को जनपदों में आई।
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तीन-चार घंटे काम करते हैं सीओ
थानेदार 24 घंटे ड्यूटी पर मुस्तैद रहते हैं और सीओ सिर्फ तीन-चार घंटे काम करते हैं। ऐसा क्यों होता, जब इसकी जांच की गई तो खुलासा हुआ कि सीओ का आवास 15-20 किमी दूर होता है। देहात के सभी सर्किल के सीओ शहर में पुलिस लाइन या किसी पॉश कॉलोनी में किराये पर मकान लेकर परिवार को रखते हैं। शायद यही वजह है कि सीओ का ज्यादातर समय आवाजाही में ही निकल जाता है।
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सीएम खुद मॉनिटरिंग करेंगे
एडीजी प्रशासन (अपर पुलिस महानिदेशक ‘प्रशासन’) एचआर शर्मा की चिट्ठी में साफ लिखा है कि सीओ अपने सर्किल में हैं या नहीं, इसकी मॉनिटरिंग सीएम योगी आदित्यनाथ खुद करेंगे। सीओ को उनके सर्किलों में आवास आवंटित कराने की जिम्मेदारी कप्तानों को दी। साथ ही निर्देश दिए कि सीओ के सर्किल से बाहर मिले आवास को तुरंत निरस्त कर दें।
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यूपी 100 से भी ली रिपोर्ट
यूपी 100 का हेड क्वार्टर लखनऊ में हैं। हर जनपद में रोजाना की रिपोर्ट हेड क्वार्टर पर जाती है। पिछले कई महीनों से थानों, पुलिस चौकी, पुलिस अधिकारियों के आवास व ऑफिसों के सामने आपराधिक घटनाओं की सूचनाएं ज्यादा आईं। चौकी इंचार्ज, थानेदार और सीओ का रेस्पांस भी देखा गया। जिसमें सीओ का रेस्पांस पर सवाल उठाए गए। इसको देखते हुए यह समीक्षा हुई है।

मेरठ में भी हाल ऐसा
मेरठ जनपद में सीओ मवाना, सीओ सरधना, सीओ किठौर, सीओ दौराला और सीओ सदर देहात के आवास पुलिस लाइन में हैं। शाम को सीओ अपने-अपने आवास पर आ जाते हैं। किसी सर्किल में सीओ का आवास नहीं हैं। इसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी। बागपत और हापुड़ जनपद में तैनात सीओ के आवास मेरठ पुलिस लाइन में हैं। वहीं, मेरठ जोन के शामली, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, गाजियाबाद, नोएडा का हाल भी कुछ ऐसा ही है।


एडीजी प्रशासन की चिट्ठी जोन के सभी कप्तानों को भेजी गई है। सीओ के आवास सर्किल में रहेंगे। अपराध पर कंट्रोल करने के लिए यह मॉनिटरिंग की गई हैं। जल्द व्यवस्था बनाई जाएगी। जहां सर्किल में आवास नहीं हैं, वहां बनाए जाएंगे। रामकुमार, आईजी मेरठ रेंज
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