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बड़े भाई को मारने आए थे, हर्षित जान गंवा बैठा
Updated Mon, 11 Sep 2017 02:55 AM IST
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मेरठ/ कंकरखेड़ा। अशोक नगर में रविवार देर रात छात्र हर्षित उर्फ हर्ष की हुई हत्या के मामले में पुलिस हत्यारोपियों तक पहुंच चुकी है। इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा के अनुसार हर्षित के बड़े सुमित के एक युवती से प्रेम संबंध हैं। यह युवती रिश्तेदारी में ही है, जिसको लेकर परिवार में रंजिश पनप गयी थी। हमलावर सुमित को मारने आए थे। लेकिन हर्षित के गेट खोलने पर उसे ही गोली मारकर भाग गए थे।
इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा सचिन मलिक के अनुसार मूल रूप से झिटकरी सरधना निवासी किसान राजकुमार चौधरी की बीमारी के चलते मौत हो चुकी है। राजकुमार की पत्नी ममता अपने बेटे सुमित उर्फ शुभम, हर्षित और दो बेटियों के साथ अशोक नगर में रहती है। इसी मकान में राजकुमार का छोटा भाई प्रवीण भी परिवार के साथ रहता है। हर्षित की मां और चाची आपस में बहन हैं।
मोबाइल डिटेल से लगे सुराग
एसपी सिटी मान सिंह चौहान के अनुसार सुमित एसडी सदर में कक्षा 12 का छात्र है। वारदात के बाद वह बात करने की स्थिति में नहीं था। पुलिस ने जब सुमित के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल खंगाली तो सामने आया कि एक नंबर पर सुमित की लंबी बातें होती थीं। यह नंबर सुमित की चाची की एक रिश्तेदार युवती का बताया गया।
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सुमित के घर पर होने की थी जानकारी
इंस्पेक्टर के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सुमित के इस युवती से प्रेम संबंध हैं। जिसको लेकर परिवार में काफी एतराज चल रहा था। जिसके बाद से आपसी रंजिश पनपने लगी थी। युवती के भाई पंकज पुत्र सोहनवीर निवासी रोहटा ने सुमित को धमकी भी दी थी। जिसकी वजह से सुमित अक्सर घर पर नहीं रहता था। बताया गया कि रविवार को पंकज को सूचना मिली थी कि सुमित अपने घर पर ही है। जिसके चलते पंकज अपने एक साथी के साथ वहां पहुंचा था। लेकिन सुमित के बजाय गेट हर्षित ने खोला था। पुलिस ने तहरीर के आधार पर पंकज और उसकी मां समेत तीन आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है।
सटीक निशाने ने ली जान
इंस्पेक्टर ने बताया कि हर्षित की हत्या करने वाले एक युवक ने सफेद शर्ट और जींस पहन रखी थी। जबकि दूसरा युवक ब्लैक शर्ट में था। एक चश्मदीद ने बताया कि हत्या के बाद दोनों आरोपी पैदल ही पिस्टल के साथ भागे थे। हर्षित को आंख के पास सटाकर गोली मारी गई। एक ही गोली उसके लिए जानलेवा साबित हुई।
‘हर्षित ठीक है, थोड़ी देर में आ जाएगा’
खून से लथपथ हर्षित को जब अस्पताल ले जाया गया तो उसकी मां और बहन स्वाति लगातार अस्पताल में सुमित को फोन कर रही थीं। सुमित मां और बहन को रोते रोते यहीं कहकर समझाता रहा कि बहन हर्षित ठीक है। आईसीयू में बेहोश है। अभी कुछ बोल नहीं रहा है। थोड़ी देर में ठीक हो जाएगा और घर पहुंच जाएगा। इसके बाद सुमित अस्पताल में दहाड़े मारकर रोने लगा। कहने लगा कि पिता पहले ही उन्हें छोड़कर चले गए। अब भाई की भी हत्या कर दी। वह कैसे अकेला परिवार की देखरेख करेगा।
पंकज ने कर दिया था हत्या का एलान
मेरठ। हर्षित की मौत के बाद उसकी मां ममता का रो रोकर बुरा हाल था। बिलखते हुए कहा कि पंकज मुझे नहीं पता था कि तू मेरे चिराग को ऐसे बुझा देगा। तू जो धमकी देता था, मैं तो उसे रिश्तेदारी में वैसे ही समझती रही। मेरा सुहाग तो पहले ही उजड़ चुका। अब मेरा बेकसूर बेटा भी छीन लिया।
इंस्पेक्टर के अनुसार हत्या के नामजद आरोपी पंकज ने करीब छह माह पहले ही एलान कर दिया था कि सुमित या तो मेरी बहन से बात करना छोड़ दे, नहीं तो एक दिन अंजाम बुरा होगा। पंकज को पता चला था कि सुमित रविवार शाम घर आया है। जिस पर पंकज रात को पहुंचा था। पंकज को लगा कि गेट सुमित ही खोलेगा। इंस्पेक्टर ने बताया कि तीन माह पहले भी दोनों पक्षों में बखेड़ा हुआ था। जिसमें पंकज ने अपने साथियों के साथ घर पहुंचकर सुमित और उसकी मां को धमकी दी थी। लेकिन उस समय अन्य रिश्तेदारों ने मामला निपटाकर शांत करा दिया था।
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इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा सचिन मलिक के अनुसार मूल रूप से झिटकरी सरधना निवासी किसान राजकुमार चौधरी की बीमारी के चलते मौत हो चुकी है। राजकुमार की पत्नी ममता अपने बेटे सुमित उर्फ शुभम, हर्षित और दो बेटियों के साथ अशोक नगर में रहती है। इसी मकान में राजकुमार का छोटा भाई प्रवीण भी परिवार के साथ रहता है। हर्षित की मां और चाची आपस में बहन हैं।
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मोबाइल डिटेल से लगे सुराग
एसपी सिटी मान सिंह चौहान के अनुसार सुमित एसडी सदर में कक्षा 12 का छात्र है। वारदात के बाद वह बात करने की स्थिति में नहीं था। पुलिस ने जब सुमित के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल खंगाली तो सामने आया कि एक नंबर पर सुमित की लंबी बातें होती थीं। यह नंबर सुमित की चाची की एक रिश्तेदार युवती का बताया गया।
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सुमित के घर पर होने की थी जानकारी
इंस्पेक्टर के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सुमित के इस युवती से प्रेम संबंध हैं। जिसको लेकर परिवार में काफी एतराज चल रहा था। जिसके बाद से आपसी रंजिश पनपने लगी थी। युवती के भाई पंकज पुत्र सोहनवीर निवासी रोहटा ने सुमित को धमकी भी दी थी। जिसकी वजह से सुमित अक्सर घर पर नहीं रहता था। बताया गया कि रविवार को पंकज को सूचना मिली थी कि सुमित अपने घर पर ही है। जिसके चलते पंकज अपने एक साथी के साथ वहां पहुंचा था। लेकिन सुमित के बजाय गेट हर्षित ने खोला था। पुलिस ने तहरीर के आधार पर पंकज और उसकी मां समेत तीन आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है।
सटीक निशाने ने ली जान
इंस्पेक्टर ने बताया कि हर्षित की हत्या करने वाले एक युवक ने सफेद शर्ट और जींस पहन रखी थी। जबकि दूसरा युवक ब्लैक शर्ट में था। एक चश्मदीद ने बताया कि हत्या के बाद दोनों आरोपी पैदल ही पिस्टल के साथ भागे थे। हर्षित को आंख के पास सटाकर गोली मारी गई। एक ही गोली उसके लिए जानलेवा साबित हुई।
‘हर्षित ठीक है, थोड़ी देर में आ जाएगा’
खून से लथपथ हर्षित को जब अस्पताल ले जाया गया तो उसकी मां और बहन स्वाति लगातार अस्पताल में सुमित को फोन कर रही थीं। सुमित मां और बहन को रोते रोते यहीं कहकर समझाता रहा कि बहन हर्षित ठीक है। आईसीयू में बेहोश है। अभी कुछ बोल नहीं रहा है। थोड़ी देर में ठीक हो जाएगा और घर पहुंच जाएगा। इसके बाद सुमित अस्पताल में दहाड़े मारकर रोने लगा। कहने लगा कि पिता पहले ही उन्हें छोड़कर चले गए। अब भाई की भी हत्या कर दी। वह कैसे अकेला परिवार की देखरेख करेगा।
पंकज ने कर दिया था हत्या का एलान
मेरठ। हर्षित की मौत के बाद उसकी मां ममता का रो रोकर बुरा हाल था। बिलखते हुए कहा कि पंकज मुझे नहीं पता था कि तू मेरे चिराग को ऐसे बुझा देगा। तू जो धमकी देता था, मैं तो उसे रिश्तेदारी में वैसे ही समझती रही। मेरा सुहाग तो पहले ही उजड़ चुका। अब मेरा बेकसूर बेटा भी छीन लिया।
इंस्पेक्टर के अनुसार हत्या के नामजद आरोपी पंकज ने करीब छह माह पहले ही एलान कर दिया था कि सुमित या तो मेरी बहन से बात करना छोड़ दे, नहीं तो एक दिन अंजाम बुरा होगा। पंकज को पता चला था कि सुमित रविवार शाम घर आया है। जिस पर पंकज रात को पहुंचा था। पंकज को लगा कि गेट सुमित ही खोलेगा। इंस्पेक्टर ने बताया कि तीन माह पहले भी दोनों पक्षों में बखेड़ा हुआ था। जिसमें पंकज ने अपने साथियों के साथ घर पहुंचकर सुमित और उसकी मां को धमकी दी थी। लेकिन उस समय अन्य रिश्तेदारों ने मामला निपटाकर शांत करा दिया था।