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बैंक गये नहीं और लोन हो गया
Updated Tue, 17 Jul 2018 02:40 AM IST
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बैंक गए नहीं और लोन हो गया
मेरठ। जानी थाना क्षेत्र के धूमी गांव में पांच किसानों के नाम पर किसी ने फर्जी तरह से बैंक से 50-50 हजार का लोन ले लिया। अब बैंक ने रिकवरी का नोटिस देते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी है। पीड़ित किसानों ने सोमवार को एसएसपी से शिकायत की है।
धूमी गांव निवासी हरवीर सिंह, मदन, महिला सुरेश, मनोज और ब्रह्मपाल ने सोमवार को एसएसपी ऑफिस पर शिकायती पत्र देते हुए आरोप लगाया करीब छह साल पहले उन्हीं के गांव का एक व्यक्ति उनके घर आया। उसने कहा था कि वह 50 हजार रुपये का बैंक से लोन दिलवा देगा। लोन दिलवाने के नाम पर उनसे फोटो, आईडी कार्ड और अन्य कागजात भी ले लिए। एक माह बाद जब किसानों ने लोन के बारे पूछा तो उसने कह दिया कि लोन नहीं हो सकेगा, अब स्कीम बदल गई है। कुछ दिन बाद किसानों ने अपने फोटो और अन्य कागजात मांगे तो उसने कहा कि बैंक के अधिकारियों ने उन्हें फाड़कर फेंक दिया।
कुछ समय पहले पता चला कि उनके नाम पर लोन लिया गया है। फर्जी तरह से खाते खोलकर पैसे भी निकाल लिए गए। जब इसकी शिकायत बैंक की शाखा में की तो कह दिया कि लोन नाम पर है। जानी थाने में इसकी शिकायत की, लेकिन पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की। पीड़ित किसानों का आरोप है कि अब बैंक ने रिकवरी का नोटिस भी भेज दिया है और लोन नहीं जमा करने पर कार्रवाई की बात कही है। एसएसपी राजेश कुमार पांडेय ने इंस्पेक्टर जानी को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। एसएसपी ने कहा कि जांच के बाद ही रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
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मेरठ। जानी थाना क्षेत्र के धूमी गांव में पांच किसानों के नाम पर किसी ने फर्जी तरह से बैंक से 50-50 हजार का लोन ले लिया। अब बैंक ने रिकवरी का नोटिस देते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी है। पीड़ित किसानों ने सोमवार को एसएसपी से शिकायत की है।
धूमी गांव निवासी हरवीर सिंह, मदन, महिला सुरेश, मनोज और ब्रह्मपाल ने सोमवार को एसएसपी ऑफिस पर शिकायती पत्र देते हुए आरोप लगाया करीब छह साल पहले उन्हीं के गांव का एक व्यक्ति उनके घर आया। उसने कहा था कि वह 50 हजार रुपये का बैंक से लोन दिलवा देगा। लोन दिलवाने के नाम पर उनसे फोटो, आईडी कार्ड और अन्य कागजात भी ले लिए। एक माह बाद जब किसानों ने लोन के बारे पूछा तो उसने कह दिया कि लोन नहीं हो सकेगा, अब स्कीम बदल गई है। कुछ दिन बाद किसानों ने अपने फोटो और अन्य कागजात मांगे तो उसने कहा कि बैंक के अधिकारियों ने उन्हें फाड़कर फेंक दिया।
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कुछ समय पहले पता चला कि उनके नाम पर लोन लिया गया है। फर्जी तरह से खाते खोलकर पैसे भी निकाल लिए गए। जब इसकी शिकायत बैंक की शाखा में की तो कह दिया कि लोन नाम पर है। जानी थाने में इसकी शिकायत की, लेकिन पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की। पीड़ित किसानों का आरोप है कि अब बैंक ने रिकवरी का नोटिस भी भेज दिया है और लोन नहीं जमा करने पर कार्रवाई की बात कही है। एसएसपी राजेश कुमार पांडेय ने इंस्पेक्टर जानी को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। एसएसपी ने कहा कि जांच के बाद ही रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
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