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हर माह थाने आकर बताओ, सुधरे या नहीं

Mon, 31 Jul 2017 02:38 AM IST
Updated Mon, 31 Jul 2017 02:38 AM IST
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हर माह थाने आकर बताओ, सुधरे या नहीं
मेरठ। अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए एसएसपी ने रविवार से नई मुहिम शुरू की। जिले के सभी थानों से लूट और चेन स्नैचिंग की वारदातों के कुछ आरोपियों को पुलिस लाइन बुलाया गया। एसएसपी ने सत्यापन कराने के साथ ही खुद उनकी काउंसिलिंग की। सुधरने की नसीहत दी तो महीने में एक बार थाने आकर इसका सुबूत देने के भी निर्देश दिए।
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काउंसिलिंग के दौरान कई आरोपियों ने फर्जी तरीके से फंसाने और पुलिस पर परेशान करने की शिकायत भी की। एसएसपी मंजिल सैनी ने इन आरोपियों से कहा कि यदि वह वास्तव में सुधर गए हैं और अपराध नहीं करते तो पुलिस भी उन्हें बार-बार थाने नहीं बुलाएगी। लेकिन उन्हें पुलिस को विश्वास दिलाना होगा। वह महीने में खुद अपने थाने के प्रभारी के सामने पेश होकर अपनी सच्चाई पेश करें।
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क्या आपको एक भी आरोपी नहीं मिला!
एसएसपी ने प्रत्येक थाने से 10-10 आरोपियों को बुलाया था। ब्रह्मपुरी, रेलवे रोड, सिविल लाइन, देहली गेट सहित अन्य थाना प्रभारी तीन-तीन आरोपियों को लेकर पुलिस लाइन पहुंचे थे। लेकिन रोहटा, दौराला, बहसूमा, परीक्षितगढ़, भावनपुर, किठौर और मुंडाली के थानाध्यक्ष अपने थाना क्षेत्र से एक भी आरोपी सत्यापन को लेकर नहीं आए। इस पर एसएसपी ने थानाध्यक्षों से हैरानी जताते हुए पूछा कि क्या आपको अपने यहां एक भी आरोपी नहीं मिला। थानाध्यक्षों ने सफाई देने की कोशिश की। लेकिन एसएसपी ने उन्हें सुधारने की सख्त हिदायत देते हुए चेतावनी दे दी।
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क्राइम रोको वरना जाएगी थानेदारी
अपराध समीक्षा में अधिकतर थानों की स्थित ठीक नहीं मिली। अपराधियों पर गुंडा एक्ट, गैंगेस्टर की कार्रवाई में अधिकांश थानों की स्थिति खराब थी। एसएसपी ने सभी थानाध्यक्षों को साफ कहा कि यदि यही हाल रहा तो वे थानेदार नहीं बने रह सकते। सभी को सुधार के लिए अगली बैठक तक का वक्त दिया गया। जिला बदर, इनामी बदमाशों की लंबित विवेचनाओं के लिए एसपी क्राइम को जिम्मेदारी दी गई है।
काउंसिलिंग में क्या बोले आरोपी
मैं तो राजनीति का शिकार हो गया
खरखौदा पुलिस द्वारा लाए गए एक आरोपी ने कहा कि मैडम, मैंने तो कोई गुनाह भी नहीं किया था। मैं तो गांव की राजनीति का शिकार बन गया। बेवजह मुझे मुकदमे में फंसवा दिया गया। उसने एसएसपी ने निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
मेरा नाम थाने की लिस्ट से कटवाओ
सिविल लाइन थाने से लाए गए एक आरोपी ने कहा कि मुझे तो फर्जी फंसाया गया था। मुकदमे में भी मैं बरी हो चुका हूं। लेकिन अब भी पुलिस पीछा नहीं छोड़ती। पूछताछ को बुलाती है। परेशान करती है। अब तो थाने की लिस्ट से नाम कट जाना चाहिए।
हम सुधरना चाहते हैं
कुछ आरोपियों ने एसएसपी से कहा कि अब उनका अपराध से कोई वास्ता नहीं है। हम सुधरना चाहते हैं। मेहनत मजदूरी कर परिवार चला रहे हैं। लेकिन अभी भी थाने से कभी भी बुलावा आ जाता है। कहीं भी कोई घटना होती है तो पुलिस थाने बुलवा लेती है। ऐसा नहीं होना चाहिए।

सच्चाई पता करके करें लूट में नामजदगी
एसएसपी ने थानाध्यक्षों से कहा कि यदि कोई व्यक्ति लूट के मामले में नामजद रिपोर्ट दर्ज करा रहा है तो पहले उसकी हकीकत पता कर लें, क्योंकि लूट की वारदात अधिकतर अज्ञात बदमाश करते हैं, इसलिए ये देख लिया जाए कि कोई किसी को फंसाने के लिए तो लूट की धारा नहीं लगवा रहा। किसी बेकसूर को केस में नहीं फंसाया जाना चाहिए। अपने यहां चल रहे ऐसे मामलों की विवेचना भी गंभीरता से करें।
खास बात
एसएसपी की नई मुहिम, पुलिस लाइन में बुलाए लूट में जेल जा चुके आरोपी
चेन और पर्स स्नैचरों की काउंसिलिंग कर दी सुधरने की नसीहत
अपने क्षेत्र से एक भी आरोपी न लाने पर सात थानाध्यक्षों को चेतावनी
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