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एक माह की रेकी के बाद किया था डॉक्टर का अपहरण
Updated Thu, 20 Jul 2017 03:23 AM IST
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हाथ पैर बांधकर बेड के नीचे रखा था डाक्टर को
मेरठ। बदमाशों ने दिल्ली के चिकित्सक ए. श्रीकांत गौड़ का अपहरण पूरी रेकी करने के बाद किया था। रात में एसएसपी मंजिल सैनी दहल ने भी गाडविन होटल में पहुंचकर डॉक्टर और बदमाशों से भी पूछताछ की।
छह जुलाई को बदमाशों ने अपहरण किया था, उससे दो दिन पहले भी बदमाश अपहरण करने चाहते थे लेकिन वह कामयाब नहीं हो सके। उसके बाद बदमाशों ने डॉक्टर के पास काम करने वाले एक युवक का सहारा लिया। पुलिस की जांच पड़ताल में सामने आया कि बदमाशों ने चिकित्सक को अपहरण कर उसके नशीला पदार्थ सुंघाया था। उसके बाद उसके हाथ पैर बांधे। मेरठ लाकर सोहनवीर के मकान की दूसरी मंजिल पर बने कमरे में डॉक्टर को बंधक बनाकर बेड के नीचे हाथ पैर बांधकर रखा था। डॉक्टर की निगरानी में चार 24 घंटे रहते थे। पुलिस अफसरों ने बताया कि अपहरण कर भले ही बदमाश पांच करोड़ की फिरौती मांग रहे हों। लेकिन डॉक्टर दिल्ली में किराए के मकान में रहते हैं। डॉक्टर की संपत्ति को भी बदमाश आकलन नहीं कर सके। पुलिस का कहना है कि अपहरणकर्ताओं ने 13 दिन में 20 से अधिक कॉल की थी।
फिसड्डी साबित हुई मेरठ पुलिस
अपहरणकर्ता चिकित्सक को लेकर घूमते रहे मेरठ पुलिस को भनक तक नही लगी
दिल्ली पुलिस ने किया अपनी मर्जी से काम
मेरठ। अपहरण केस में मेरठ पुलिस पूरी तरफ फेल साबित हुई। अपहरणकर्ता चिकित्सक को मेरठ में बंधक बनाकर रखे रहे लेकिन स्थानीय पुलिस को भनक तक नही लगी। 16 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने बदमाशों की लोकेशन दौराला में ट्रेस की थी। दिल्ली पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़ हुई लेकिन स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। बुधवार को भी दिल्ली पुलिस ने पूरी मुठभेड़ की पथकथा खुद लिखी और कार्रवाई को अंजाम दिया।
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दिल्ली पुलिस की टीम बरामद चिकित्सक और पकडे़ गए बदमाशों को परतापुर थाने लाने की बजाय सीधे होटल गॉडविन में ले गई लेकिन तब भी स्थानीय पुलिस केवल मूक दर्शक बनी रही। इस तरह बदमाशों को होटल ले जाना दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाता है। एसपी क्राइम से परतापुर थाने पर पूछा गया तो उन्होंने मामला दिल्ली पुलिस का बता दिया। कहा कि उनके स्तर से ही कार्रवाई हुई है। लोकल पुलिस ने सहयोग किया है। एसपी सिटी मान सिंह चौहान ने भी सिर्फ इतना बताया कि चिकित्सक की बरामदगी हुई है। पुलिस अधिकारियों ने दावा किया था मुठभेड़ की लिखा पढ़ी परतापुर थाने पर होगी लेकिन आधी रात के बाद तक भी दिल्ली पुलिस की टीम थाने पर नहीं आई थी।
कोट
दिल्ली पुलिस और मेरठ पुलिस ने डाक्टर को बरामद करने के लिए संयुक्त कार्रवाई की। शताब्दी नगर मे बदमाशों से मुठभेड़ के बाद डाक्टर का सकुशल बरामद कर लिया। जबाबी कार्रवाई में एक बदमाश को गोली लगी है। चार बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। फरार बदमाशों की तलाश में दबिश दी जा रही है। थाना परतापुर मे मामला दर्ज किया जाएगा। पकडे़ गए बदमाशों को आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।
मंजिल सैनी, एसएसपी मेरठ
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मेरठ। बदमाशों ने दिल्ली के चिकित्सक ए. श्रीकांत गौड़ का अपहरण पूरी रेकी करने के बाद किया था। रात में एसएसपी मंजिल सैनी दहल ने भी गाडविन होटल में पहुंचकर डॉक्टर और बदमाशों से भी पूछताछ की।
छह जुलाई को बदमाशों ने अपहरण किया था, उससे दो दिन पहले भी बदमाश अपहरण करने चाहते थे लेकिन वह कामयाब नहीं हो सके। उसके बाद बदमाशों ने डॉक्टर के पास काम करने वाले एक युवक का सहारा लिया। पुलिस की जांच पड़ताल में सामने आया कि बदमाशों ने चिकित्सक को अपहरण कर उसके नशीला पदार्थ सुंघाया था। उसके बाद उसके हाथ पैर बांधे। मेरठ लाकर सोहनवीर के मकान की दूसरी मंजिल पर बने कमरे में डॉक्टर को बंधक बनाकर बेड के नीचे हाथ पैर बांधकर रखा था। डॉक्टर की निगरानी में चार 24 घंटे रहते थे। पुलिस अफसरों ने बताया कि अपहरण कर भले ही बदमाश पांच करोड़ की फिरौती मांग रहे हों। लेकिन डॉक्टर दिल्ली में किराए के मकान में रहते हैं। डॉक्टर की संपत्ति को भी बदमाश आकलन नहीं कर सके। पुलिस का कहना है कि अपहरणकर्ताओं ने 13 दिन में 20 से अधिक कॉल की थी।
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फिसड्डी साबित हुई मेरठ पुलिस
अपहरणकर्ता चिकित्सक को लेकर घूमते रहे मेरठ पुलिस को भनक तक नही लगी
दिल्ली पुलिस ने किया अपनी मर्जी से काम
मेरठ। अपहरण केस में मेरठ पुलिस पूरी तरफ फेल साबित हुई। अपहरणकर्ता चिकित्सक को मेरठ में बंधक बनाकर रखे रहे लेकिन स्थानीय पुलिस को भनक तक नही लगी। 16 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने बदमाशों की लोकेशन दौराला में ट्रेस की थी। दिल्ली पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़ हुई लेकिन स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। बुधवार को भी दिल्ली पुलिस ने पूरी मुठभेड़ की पथकथा खुद लिखी और कार्रवाई को अंजाम दिया।
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दिल्ली पुलिस की टीम बरामद चिकित्सक और पकडे़ गए बदमाशों को परतापुर थाने लाने की बजाय सीधे होटल गॉडविन में ले गई लेकिन तब भी स्थानीय पुलिस केवल मूक दर्शक बनी रही। इस तरह बदमाशों को होटल ले जाना दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाता है। एसपी क्राइम से परतापुर थाने पर पूछा गया तो उन्होंने मामला दिल्ली पुलिस का बता दिया। कहा कि उनके स्तर से ही कार्रवाई हुई है। लोकल पुलिस ने सहयोग किया है। एसपी सिटी मान सिंह चौहान ने भी सिर्फ इतना बताया कि चिकित्सक की बरामदगी हुई है। पुलिस अधिकारियों ने दावा किया था मुठभेड़ की लिखा पढ़ी परतापुर थाने पर होगी लेकिन आधी रात के बाद तक भी दिल्ली पुलिस की टीम थाने पर नहीं आई थी।
कोट
दिल्ली पुलिस और मेरठ पुलिस ने डाक्टर को बरामद करने के लिए संयुक्त कार्रवाई की। शताब्दी नगर मे बदमाशों से मुठभेड़ के बाद डाक्टर का सकुशल बरामद कर लिया। जबाबी कार्रवाई में एक बदमाश को गोली लगी है। चार बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। फरार बदमाशों की तलाश में दबिश दी जा रही है। थाना परतापुर मे मामला दर्ज किया जाएगा। पकडे़ गए बदमाशों को आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।
मंजिल सैनी, एसएसपी मेरठ