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पुलिस प्रताडना से तंग आकर युवक ने खाया जहर

Tue, 30 Apr 2019 02:46 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 30 Apr 2019 02:46 AM IST
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पुलिस प्रताडना से तंग आकर युवक ने खाया जहर
मवाना। शोहदों से तंग आकर परिवार के जहर खाने का मामला अभी ठंडा हुआ नहीं कि सोमवार को हस्तिनापुर में अनुसूचित जाति के एक युवक ने पुलिस के उत्पीड़न के चलते जहर खा लिया। उसे गंभीर हालत में गंगानगर स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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पुलिस के मुताबिक 25 अप्रैल को हस्तिनापुर में लेनदेन के विवाद में दो पक्षों में झगड़ा हो गया था। जिसमें एक पक्ष ने हस्तिनापुर के अनाज मंडी निवासी राकेश का नाम भी मुकदमे में लिखवा दिया है। राकेश के भाई वीरसैन ने बताया कि झगड़े के दौरान राकेश दिल्ली में मजदूरी करने गया था। उसका झगड़े से कोई लेनादेना नहीं है। रविवार को वह अपने घर आया और खाना खाने के बाद सोने चला गया। इसी बीच घर पर पुलिस पहुंची और उसका नाम झगड़े में होने की बात कहते हुए उसे धमकाया। राकेश डर गया और उसने सोमवार सुबह जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया है। उसकी हालत गंभीर बनी है। इस मामले में अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है, जिससे लोगोें में गुस्सा है।
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जहर कांड को लोग भूले नहीं
12 दिन में हस्तिनापुर पुलिस की प्रताड़ना के तीन मामले प्रकाश में आ चुके हैं। इससे पहले पल्टूपुरी गांव में अनुसूचित जाति के एक परिवार ने शोहदों से परेशान व पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने पर जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था, जिसमें महिला की मौत हो गई थी और पिता-पुत्री की हालत अभी भी गंभीर बनी है। 25 अप्रैल मालीपुर गांव के कृष्णपाल ने हस्तिनापुर थाने की हवालात में जहरीला पदार्थ पी लिया था। जिसमें पुलिस की लापरवाही उजागर हुई। लेकिन इन दोनों मामलों में अधिकारियों ने हस्तिनापुर पुलिस को क्लीन चिट दे दी। सोमवार को भी पुलिस प्रताड़ना से तंग आकर राकेश ने जहर खा लिया और अस्पताल में मौत से लड़ रहा है।
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पुलिस की मिलीभगत का आरोप लगाया
पीड़ित राकेश के भाई वीरसैन ने बताया कि अनाज मंडी में पुलिस की मिलीभगत से सट्टा चल रहा है। सट्टा चला रहे उक्त व्यक्ति का ही सट्टे के पैसे को लेकर झगड़ा हुआ था। उक्त व्यक्ति उनके विरोध करने के चलते उनसे रंजिश रखता है, जिस कारण उसने पुलिस की मिलीभगत से उसके भाई का मुकदमे में नाम लिखवाया है। यदि उसके भाई का नाम मुकदमे में से नहीं निकाला गया है तो वह आंदोलन करेंगे।

आरोप गलत हैं
आरोप गलत है। पुलिस ने राकेश को नामजद किया है। लेकिन उसके घर पर कोई दबिश हस्तिनापुर पुलिस ने नहीं दी। परिजनों ने बताया कि नामजद करने पर राकेश घबरा गया था। जिसके चलते जहर खाना बताया है। -यूएन मिश्रा, सीओ मवाना
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