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थाने का रिकॉर्ड जलाने के मामले में जांच बैठी
Updated Wed, 21 Feb 2018 02:48 AM IST
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मेरठ। सिविल लाइन थाने में मालखाने का रिकॉर्ड जलाने का मामला पुलिस अफसरों तक पहुंच गया। पूरे मामले में एसएसपी मंजिल सैनी ने एसओ सिविल लाइन को तलब करते हुए कड़ी फटकार लगाई। वहीं, सीओ सिविल लाइन को जांच के निर्देश दिए हैं। जांच के बाद आरोपी हेड मोहर्रिर पर गाज गिर सकती है।
सिविल लाइन थाने में खड़े वाहनों को भी बेचा जा रहा है। लावारिस बाइक को पुलिसकर्मी खुद थाने तक पहुंचाते हैं। सिपाही से लेकर एसओ तक को पूरे मामले की जानकारी है। लेकिन सब अनजान बने हैं। थाने के मालखानों में 20 साल से ज्यादा पुराना सामान रखा हुआ है। पुलिस का कहना है कि वहां से लाखों रुपये का सामान गायब हो चुका है, जिसका रिकॉर्ड मालखाने के रजिस्टर में था। लेकिन सोमवार को थाने का रिकॉर्ड जला दिया गया था।
सिविल लाइन थाने में तैनात हेड मोहर्रिर यादराम पहले भी विवादों में रहा है। एक बार रिश्वत के आरोप में सस्पेंड हुआ तो उसके बाद मुल्जिम फरार हो गया था। पुलिस लाइन में तैनात होने के बाद भी हेड मोहर्रिर ने माल खाने का चार्ज नहीं छोड़ा। यादराम सिंह की तैनाती पुलिस लाइन में की थी। साथ ही 40 दिन का समय दिया। लेकिन दो महीने बीत चुके हैं।
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सिविल लाइन थाने में खड़े वाहनों को भी बेचा जा रहा है। लावारिस बाइक को पुलिसकर्मी खुद थाने तक पहुंचाते हैं। सिपाही से लेकर एसओ तक को पूरे मामले की जानकारी है। लेकिन सब अनजान बने हैं। थाने के मालखानों में 20 साल से ज्यादा पुराना सामान रखा हुआ है। पुलिस का कहना है कि वहां से लाखों रुपये का सामान गायब हो चुका है, जिसका रिकॉर्ड मालखाने के रजिस्टर में था। लेकिन सोमवार को थाने का रिकॉर्ड जला दिया गया था।
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सिविल लाइन थाने में तैनात हेड मोहर्रिर यादराम पहले भी विवादों में रहा है। एक बार रिश्वत के आरोप में सस्पेंड हुआ तो उसके बाद मुल्जिम फरार हो गया था। पुलिस लाइन में तैनात होने के बाद भी हेड मोहर्रिर ने माल खाने का चार्ज नहीं छोड़ा। यादराम सिंह की तैनाती पुलिस लाइन में की थी। साथ ही 40 दिन का समय दिया। लेकिन दो महीने बीत चुके हैं।
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