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वेस्ट एंड रोड पर फिर छात्रों में हॉकी डंडे चले, तमंचे लहराए
Updated Tue, 14 Nov 2017 02:06 AM IST
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मेरठ। कैंट क्षेत्र के स्कूली छात्रों में गुटबाजी बनी हुई है। वर्चस्व को लेकर छात्रों में मारपीट व फायरिंग होना आम बात हो गई है। सोमवार दोपहर छात्रों में फिर हॉकी और डंडे चल गए। सरेआम तमंचे लहराए गए।
पुलिस छात्रों के मामले में चुप्पी साधकर बैठी है। तीन दिन पहले भी छात्रों ने दो छात्रों पर गोलियां बरसाई थी। जिसमें एक भी आरोपी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी। इंस्पेक्टर सदर प्रशांत कपिल ने बताया कि एसडी सदर कॉलेज के छात्रोें के दो गुटों में किसी बात को लेकर कहासुनी के बाद मारपीट हुई। इसकी जानकारी पर पुलिस मौके पर पहुंची। लेकिन उससे पहले वहां से छात्र भाग गए थे।
कब रुकेगी गुटबाजी
कैंट के कई स्कूलों के छात्रों के एक दर्जन से अधिक गुट बने है। छात्रों ने अपने-अपने गुटों का नाम तक रखा हुआ है। एक जैसी बाइक और एक सी स्टाइल में एक साथ चलना उनका शौक बन गया है। उनके सामने जो बोलता है, उसी की पिटाई कर दी जाती है। स्कूली छात्रों में यह टशन कभी गंभीर घटना का रूप ले सकती है। लेकिन जानकारी होने के बावजूद भी पुलिस खामोश है। अधिकांश छात्र कंकरखेड़ा क्षेत्र के बताए जा रहे हैं।
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फायरिंग के मामले में चुप्पी क्यों
तीन दिन पहले कंकरखेड़ा निवासी स्पोर्ट्स कारोबारी अजय चौधरी अपने भाई यश और उसके दोस्त को कार से स्कूल से लेकर लौट रहे थे। कैंट इलाके में सरेआम उन पर छात्रों ने फायरिंग की। कार के शीशे गोलियां से टूटे थे। फायरिंग करने वाले सलमान, शाहिद, साहिल, सुलेमान, जिशान, सुमित, नफीस, राहुल, राजन मलिक समेत दस छात्रों के नाम सामने आए। राजन मलिक भदौड़ा गांव का निवासी है। पुलिस का कहना है कि छात्रों में गुटबाजी चल रही है। इसके बावजूद पुलिस ने चुप्पी साध रखी है। एक भी आरोपी को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी।
खास बात
- आखिर कहां से छात्रों के पास आ रहे अवैध हथियार
- तीन दिन पहले भी छात्रों ने सरेआम बरसाईं थी गोलियां
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पुलिस छात्रों के मामले में चुप्पी साधकर बैठी है। तीन दिन पहले भी छात्रों ने दो छात्रों पर गोलियां बरसाई थी। जिसमें एक भी आरोपी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी। इंस्पेक्टर सदर प्रशांत कपिल ने बताया कि एसडी सदर कॉलेज के छात्रोें के दो गुटों में किसी बात को लेकर कहासुनी के बाद मारपीट हुई। इसकी जानकारी पर पुलिस मौके पर पहुंची। लेकिन उससे पहले वहां से छात्र भाग गए थे।
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कब रुकेगी गुटबाजी
कैंट के कई स्कूलों के छात्रों के एक दर्जन से अधिक गुट बने है। छात्रों ने अपने-अपने गुटों का नाम तक रखा हुआ है। एक जैसी बाइक और एक सी स्टाइल में एक साथ चलना उनका शौक बन गया है। उनके सामने जो बोलता है, उसी की पिटाई कर दी जाती है। स्कूली छात्रों में यह टशन कभी गंभीर घटना का रूप ले सकती है। लेकिन जानकारी होने के बावजूद भी पुलिस खामोश है। अधिकांश छात्र कंकरखेड़ा क्षेत्र के बताए जा रहे हैं।
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फायरिंग के मामले में चुप्पी क्यों
तीन दिन पहले कंकरखेड़ा निवासी स्पोर्ट्स कारोबारी अजय चौधरी अपने भाई यश और उसके दोस्त को कार से स्कूल से लेकर लौट रहे थे। कैंट इलाके में सरेआम उन पर छात्रों ने फायरिंग की। कार के शीशे गोलियां से टूटे थे। फायरिंग करने वाले सलमान, शाहिद, साहिल, सुलेमान, जिशान, सुमित, नफीस, राहुल, राजन मलिक समेत दस छात्रों के नाम सामने आए। राजन मलिक भदौड़ा गांव का निवासी है। पुलिस का कहना है कि छात्रों में गुटबाजी चल रही है। इसके बावजूद पुलिस ने चुप्पी साध रखी है। एक भी आरोपी को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी।
खास बात
- आखिर कहां से छात्रों के पास आ रहे अवैध हथियार
- तीन दिन पहले भी छात्रों ने सरेआम बरसाईं थी गोलियां