फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   अशिक्षित को 30 रुपये में बनाते थे डिग्रीधारक

अशिक्षित को 30 रुपये में बनाते थे डिग्रीधारक

Fri, 20 Jul 2018 03:00 AM IST
Updated Fri, 20 Jul 2018 03:00 AM IST
विज्ञापन
अशिक्षित को 30 रुपये में बनाते थे डिग्रीधारक
मेरठ। एक लाख में अशिक्षित को ग्रेजुएट बनाने का खेल चलता था। 20 हजार में दसवीं, 30 हजार में बारहवीं और 50 हजार रुपये में स्नातक की फर्जी मार्कशीट देेते थे। इस गिरोह ने ऐसे कई अशिक्षित युवक ग्रेजुएट बनाए, जो कभी कॉलेज व यूनिवर्सिटी गए नहीं।
विज्ञापन

पुलिस का दावा है कि गिरोह का सरगना रूप सिंह कई राज खोलेगा। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने बताया कि इस गिरोह के पास फर्जी मार्कशीट बनवाने की डिमांड लगातार बढ़ती जा रही थी। हालत यह है कि मेरठ, गाजियाबाद, दिल्ली समेत कई राज्यों में छात्र-छात्राएं और अशिक्षित युवकों में फर्जी मार्कशीट बनवाने की होड़ लगी थी। पुलिस का कहना है कि इस फर्जी मार्कशीट को पकड़ना आसान नहीं था।
विज्ञापन

ऐसे बनाते थे मार्कशीट
यूपी, सीबीएसई व यूनिवर्सिटी से छात्र-छात्राओं का गजट और रिकॉर्ड उनके पास होता था। फर्जी मार्कशीट बनवाने वाले के नाम वाली असली मार्कशीट वह रिकॉर्ड से निकालते थे। उसके बाद वही अनुक्रमांक और रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर फर्जी मार्कशीट गाजियाबाद में साइबर कैफे पर तैयार करते थे। फर्जी मार्कशीट में नाम, अनुक्रमांक, रजिस्ट्रेशन वहीं होता था। बस पिता का नाम बदलना होता था। सरकारी नौकरी लगने पर अगर वेरिफिकेशन होता था, तो वही नाम और अनुक्रमांक सही होता था। जिसके चलते वेरिफिकेशन में वह पास हो जाता था।
विज्ञापन
विज्ञापन

एमबीए, बीबीए के अलग रेट
एमबीए, बीबीए समेत कई कोर्सों की मार्कशीट के अलग-अलग रेट होते थे। पुलिस ने बताया कि स्नातक से जुड़े अलग-अलग कोर्स की फर्जी मार्कशीट में बोली लगती थी। पुलिस का दावा कि एमबीए में ये एक लाख रुपये तक वसूल लेते हैं। डिप्लोमा की कीमत अलग होती थी। पुलिस इस गिरोह से जुड़े लोगों की तलाश में जुट गई है। मामला कई राज्यों से जुड़ा होने के चलते इसकी मामले की विवेचना में क्राइम ब्रांच को भी लगाया जाएगा।

खास बातें:
- 20 में दसवीं, 30 में बारहवीं और 50 हजार में स्नातक की मार्कशीट
- गिरोह के सरगना रूप सिंह की तलाश, खुलेंगे कई और राज
- नौकरी के बाद वेरिफिकेशन में ठीक बताई जाती थीं मार्कशीट
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed